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UP: पेंशन को भटक रहे 13 हजार बुजुर्ग, आधार नहीं अब मांगा जा रहा ये प्रमाण; जानें दिक्कतें और कैसे मिलेगी राहत?

Mon, 10 Aug 2026 11:41 AM IST
Bhupendra Singh जितेंद्र अवस्थी, अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

राजधानी में वृद्धावस्था पेंशन के लिए 13 हजार बुजुर्ग भटक रहे हैं। आधार कार्ड नहीं अब अन्य प्रमाणपत्र मांगे जा रहे हैं। आगे पढ़ें और जानें दिक्कतें व कैसे राहत मिलेगी?
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वृद्धावस्था पेंशन। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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वृद्धावस्था पेंशन के आवेदन में लगे उम्र सत्यापन के अधूरे दस्तावेज राजधानी लखनऊ के 13 हजार बुजुर्गों की परेशानी का सबब बन गए हैं। इनके आवेदन में परिवार रजिस्टर की नकल या शैक्षिक प्रमाणपत्र की जगह आधार लगा है। बुजुर्ग विकास भवन के चक्कर लगा रहे हैं।

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आईजीआरएस पर भी पेंशन की शिकायतें दौड़ रही हैं। समस्या के समाधान में विभाग के हाथ-पांव भी ढीले हो रहे हैं। संशोधन के लिए विभाग आवेदन को वापस तो भेज रहा, मगर बुजुर्गों को इसकी जानकारी नहीं हो पा रही।

60 वर्ष या इससे अधिक उम्र के पात्र बुजुर्गों को वृद्धावस्था पेंशन दी जाती है। समाज कल्याण विभाग से मिलने वाली वृद्धावस्था पेंशन के नियमों में कुछ माह पूर्व बदलाव किया गया है। उम्र सत्यापन के लिए परिवार रजिस्टर की नकल या शैक्षिक प्रमाणपत्र लगाने का प्रावधान किया गया। इससे पहले आधार को ही उम्र का आधार मान लिया जाता था।

विकास भवन की दौड़ से भी नहीं मिल रही राहत

सदर तहसील क्षेत्र में गोमतीनगर के रहने वाले रामकुमार रस्तोगी पत्नी की पेंशन की जानकारी करने पहुंचे थे। बताया कि आवेदन में  आधार लगा था। अब दूसरे दस्तावेज लाएं हैं। पूर्व में भी दो बार आ चुके हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
 

वापस भेजे 2500 फार्म सही हुए सिर्फ एक हजार

बुजुर्गों के साथ विभाग के अफसर भी मुश्किल में हैं। जिन बुजुर्गों के आवेदन में आधार लगा है, उनके आवेदन वापस भेजे तो जा रहे हैं, लेकिन सही होकर आने की रफ्तार बहुत ही कम है। समाज कल्याण अधिकारी अंजनी कुमार ने बताया कि कुछ दिनों में 2,500 आवेदकों के फार्म वापस किए गए, लेकिन सही सिर्फ एक हजार ही हुए हैं।

ये आ रही हैं दिक्कतें

  • बुजुर्गों को उनके आवेदन की स्थिति तो पता चल जाती है। समस्या के समाधान के लिए भटकना पड़ता है।
  • विभाग, आवेदक का फॉर्म वापस भेज देता है, पर आवेदक मोवाइल नंबर पर आने वाली ओटीपी पर ध्यान नहीं देते।
  • मोबाइल पर आने वाले मेसेज को लेकर ज्यादातर बुजुर्ग सक्रिय नहीं रहते हैं।
  • ज्यादातर बुजुर्गों के नंबर सक्रिय नहीं या फिर परिजनों का नंबर लगा है।
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इस तरह मिल सकती है राहत

  • आवेदक को समय-समय पर अपने आवेदन की स्थिति देखते रहना चाहिए।
  • किसी तरह की कमी दिखने पर संबंधित ब्लॉक के एडीओ समाज कल्याण या जिला समाज कल्याण कार्यालय से संपर्क कर समाधान पा सकते हैं।

जिला समाज कल्याण अधिकारी अंजनी कुमार ने बताया कि विकास भवन आने वाले आवेदकों को उनके फार्म की कमी बताकर आवेदन वापस भेज दिया जाता है। समस्या का समाधान भी करा दिया जाता है। बुजुर्गों को आवेदन वापस आने के बारे में पता न चलने की बात भी सामने आई है।
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