निलंबित आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर के खिलाफ चल रही विभागीय जांच में प्रदेश सरकार ने कई नए साक्ष्यों और गवाहों को शामिल किया है।
उनके खिलाफ गवाही देने वालों में दस आईपीएस और तीन आईएएस अधिकारी शामिल हो गए हैं। इसके साथ ही जांच में अब दस्तावेजी सुबूतों की संख्या 18 से बढ़ कर 39 हो गई है।
इस सिलसिले में प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पंडा ने अमिताभ ठाकुर को जो पत्र भेजा है, उसमें आरोपों के समर्थन में गवाहों और लिखित साक्ष्य में संशोधन का हवाला दिया गया है।
इसके अनुसार अमिताभ के खिलाफ पेश आरोपपत्र में पहले जहां कुल 18 अभिलेखीय साक्ष्य और पांच गवाह थे, वहीं इस नए आदेश के बाद 39 अभिलेखीय साक्ष्य और 20 गवाह हो गए हैं।
जमीन हथियाने के संबंध में की थी जांच की मांग
इन 20 गवाहों में 10 आईपीएस और 3 आईएएस अधिकारी शामिल हैं। बकौल अमिताभ ठाकुर आईपीएस अधिकारियों में उत्तराखंड के डीजीपी बीएस सिद्धू भी हैं।
गौरतलब है, अमिताभ और उनकी पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर ने देहरादून में बीएस सिद्धू द्वारा वन विभाग की जमीन अनधिकृत रूप से हथियाने के संबंध में जांच की मांग और प्रेसवार्ता की थी।
वहीं, आईपीएस अफसरों में एडीजी चंद्र प्रकाश और तनूजा श्रीवास्तव, आईजी ब्रजभूषण शर्मा, एसपी साधना गोस्वामी, केएस इमैनुअल, दीपक कुमार और प्रीतिंदर सिंह समेत 10 आईपीएस शामिल हैं।
आईएएस अफसरों में सीपी त्रिपाठी (पूर्व डीएम रामपुर), शुभ्रा सक्सेना (वर्तमान डीएम शाहजहांपुर) और भवनाथ (पूर्व डीएम इलाहाबाद) अमिताभ और नूतन के इन जगहों पर जाने से कानून-व्यवस्था पर पड़े प्रभाव की जानकारी देंगे।