एक ही दिन में चोरी के 13 मामलों का खुलासा करने से कोर्ट ने नाराजगी जताई और चोरी के आरोपी अनिल कुमार को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। एडीजे श्याम मोहन जायसवाल ने अपने आदेश की प्रति पुलिस कमिश्नर को भेजकर आवश्यक कार्यवाही करने का आदेश दिया है।
कोर्ट ने कमिश्नर को आदेश की प्रति भेजते हुए कहा कि वह कुल 13 मामलों की विवेचना में बरती गई घोर अनियमितता और लापरवाही का संज्ञान लें। जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कार्यवाही करें। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि इंदिरानगर पुलिस ने छह माह में हुई 13 चोरियों का एक दिन में ही खुलासा कर दिया और माल और पैसे की बरामदगी दिखा दी। कोर्ट ने कहा कि यह हास्यास्पद और अविश्वसनीय है कि जिस आरोपी ने छह माह में 13 चोरियां की हों वह उन चोरियों से प्राप्त धन को अपनी जेब में रखकर घूम रहा हो। कहा कि आरोपी को यह भी याद है कि उसने किस चोरी का कौन सा पैसा अलग-अलग, किस जेब में रखा है।
नाराजगी जताते हुए कोर्ट ने कहा कि आश्चर्यजनक रूप से जिन वरिष्ठ अधिकारियों ने इन मामलों की विवेचना का पर्यवेक्षण किया, उन्होंने भी विवेचक की इस कहानी पर बिना किसी आपत्ति के विश्वास कर लिया। कहा गया कि यह मामला दर्शाता है की राजधानी पुलिस किस प्रकार से विवेचना में लापरवाही करती है और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उसपर आंख मूंद लेते हैं। इंदिरानगर पुलिस ने अपनी विफलता को छिपाने के लिए आरोपियों के पास से बरामदगी दिखा दी और विवेचना को पूरी करने की औपचारिकता निभाई है। कोर्ट ने कहा की यह मामला इस बात का दुखद और सटीक उदाहरण है कि अभी भी प्रदेश की पुलिस किस प्रकार की विवेचना में संलिप्त है और कैसे सुविधा के अनुसार बिना किसी उत्तरदायित्व के विवेचना कर रही है। कहा कि यह और आपत्तिजनक है की विवेचना प्रदेश की राजधानी की पुलिस कर रही है।
यह है मामला
वादी राजेश कुमार पांडेय ने 12 फरवरी 2019 को इंदिरानगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके मुताबिक वह किराये के मकान में रहते हैं और आठ फरवरी 2019 को विवाह समारोह में शामिल होने अपने पैतृक निवास गोंडा गए थे। 11 फरवरी को वादी का रिश्तेदार उनके घर गया तो दरवाजा खुला मिला। घर में चोरी हो गई थी और 40 हजार रुपये व लाखों के जेवर चोरी हो गए थे। पुलिस ने रिपोर्ट के दर्ज होने के बाद मुखबिर की सूचना पर लगभग नौ माह बाद आरोपी अनिल कुमार को चोरी के सामान और पैसे का बंटवारा करते हुए उसके छह साथियों के साथ गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के समय इंदिरानगर के दरोगा राजेश कुमार के पूछने पर आरोपियों ने छह माह में की गई 13 चोरियों का खुलासा किया और जेब में रखे अलग-अलग पैसों और सामान के विषय में बताया कि कौन सा सामान और धन किस चोरी का है। जेल में बंद आरोपी अनिल कुमार की ओर से दी गई जमानत अर्जी पर कोर्ट सुनवाई कर रही थी।