इस पूरे मामले में एसआईटी के प्रमुख रहे आलोक प्रसाद ने 29 मार्च को शासन को पत्र भेज कर आरोपियों के खिलाफ केस चलाए जाने की अनुमति मांगी थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि उक्त मामलों में जांच एजेंसी के पास केस चलाने के पर्याप्त सुबूत हैं।
रिपोर्ट पर गृह विभाग ने न्याय विभाग से राय मांगी थी। न्याय विभाग ने इस मामले में विस्तृत जांच कराए जाने की बात कही। इसके बाद शासन ने आजम खां के खिलाफ केस दर्ज करने की अनुमति दे दी।
58 हजार फर्जी राशन कार्ड मामले में भी जल्द दर्ज हो सकती है एफआईआर
सूत्रों का कहना है कि जल निगम में भर्ती के बाद जल्द ही मेरठ में बने 58 हजार फर्जी राशन कार्ड के मामले की भी एफआईआर दर्ज की जाएगी। आलोक प्रसाद ने इस मामले में भी एफआईआर दर्ज करने की अनुमति मांगी थी। इस मामले में मेरठ के तत्कालीन डीआईओएस और सप्लाई इंस्पेक्टर समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया है।