प्रदेश के जिला जेलों में बंद उन शातिर अपराधियों का ब्यौरा तैयार किया जा रहा है, जो वहां से आपराधिक गतिविधियां संचालित कर रहे हैं। इसकी जिम्मेदारी जेलों के अधीक्षकों को सौंपी गई है। इस काम को 10 जनवरी तक पूरा करना होगा। कारागार प्रशासन व सुधार विभाग ने इस बाबत जिला जेलों के अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिया है।
हाल ही कारागार मुख्यालय में हुई बैठक में जेलों में बंद बदमाशों द्वारा आपराधिक गतिविधियां संचालित किए जाने के मुद्दे पर चर्चा हुई थी। इसमें तय हुआ था कि जेल में बंद ऐसे बदमाशों को चिह्नित किया जाए। इसमें एसटीएफ व जिलों में पुलिस की क्राइम ब्रांच की मदद लेने को कहा गया था। क्योंकि एसटीएफ व जिलों की पुलिस भी यह पुष्टि कर चुकी है कि जेलों में बंद बदमाशों के इशारे पर अपराध किए गए हैं। बैठक में यह निर्णय हुआ था कि जो भी बदमाश जेलों से आपराधिक गतिविधियां संचालित करते पाया जाएगा, उसे किसी अन्य जेल में शिफ्ट करा दिया जाएगा। जिससे उसकी आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लग सके।
कारागार मुख्यालय के अफसरों ने बताया कि जेल अधीक्षकों से अपराधियों की सूची मिलने के बाद उसका परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद अपराधियों के जेल बदलने का काम शुरू होगा।