अखिल भारतीय कांग्रेस के 134वें स्थापना दिवस पर प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर ने शुक्रवार को पार्टी कार्यकर्ताओं को कर्तव्य का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता ‘मैं’, ‘मेरा’ और ‘मेरा अपना’ का सिद्धांत छोड़कर कांग्रेस को मजबूत करने में जुटें। सभी को ‘मैं कौन हूं’ की सोच का त्याग कर ‘कांग्रेस मेरी है’ का संकल्प लेना होगा। तभी कांग्रेस को आगे ले जाया जा सकता है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि संकल्प लें कि अगले स्थापना दिवस पर राहुल गांधी जब आएं तो वे लाल किले पर झंडा फहराकर ही पार्टी कार्यालय में झंडा फहराने आएं।
उन्होंने आजादी के संघर्ष में कांग्रेस के योगदान की चर्चा करते हुए कहा कि कांग्रेस का गौरवशाली इतिहास रहा है।
आज उन लोगों से मुकाबला है जिनका कोई इतिहास नहीं हैं और वे आज भी एक गिरोह की तरह काम कर रहे हैं। आरएसएस और केंद्र की भाजपा सरकार कांग्रेस के इतिहास को बदलना चाहते हैं। वे इतिहास रचने वाले महापुरुषों की ‘चोरी’ कर रहे हैं। वे पं. जवाहर लाल नेहरू और सरदार वल्लभ भाई पटेल के संबंध में मनगढ़ंत कहानियां सुना रहे हैं। जबकि दोनों ने साथ मिलकर देश को मजबूत बनाया है।
कांग्रेस का देश के विकास से सरोकार था। आज राहुल गांधी भी इसी सरोकार को लेकर लड़ रहे हैं। इसी का नतीजा है कि छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश व राजस्थान की जनता ने उसे समझा। गुजरात और कर्नाटक की जनता ने कांग्रेस के सरोकारों पर गौर किया है। इस समय यूपी कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती है, क्योंकि यहां की 80 सीटें ही तय करती हैं कि देश में किसकी सरकार बनेगी।