बिछिया/कतर्नियाघाट (बहराइच)। कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र में रेल ट्रैक पार करते समय शनिवार भोर एक मादा बाघ की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। रेल ट्रैक का मुआयना कर रहे गैंगमैन की सूचना पर वनाधिकारियों ने बाघिन के शव को कब्जे में लिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए बरेली भेजा गया है। इस मामले में अज्ञात लोको पायलट और गार्ड के खिलाफ वन विभाग ने रेंज केस दर्ज किया है। वहीं थाने पर भी तहरीर दी गई है। ट्रेन हादसे में बाघिन के दोनों पैर कट गए हैं।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के बीच से मैलानी-गोंडा प्रखंड की रेल लाइन गुजरती है। जंगल में निवास करने वाले बाघ और तेंदुओं के साथ अन्य वन्यजीव आए दिन रेल ट्रैक पार कर जंगल के आरपार जाते रहते हैं। शनिवार भोर में कतर्नियाघाट रेंज के बिछिया रेलवे स्टेशन के पश्चिमी आउटर सिग्नल के पास रेल ट्रैक पार कर रही मादा बाघ ट्रेन की चपेट में आ गई। सुबह आठ बजे के आसपास गैंगमैन रमन कुमार जब जंगल में रेल ट्रैक का मुआयना कर रहे थे तभी उन्हें आउटर सिग्नल के पास ट्रैक के निकट झाड़ियों में बाघ का शव दिखा। पहले तो रमन सहम गए। लेकिन आसपास खून पड़ा देखकर वह हिम्मत करके पास गए तो बाघ मृत मिली। उन्होंने तत्काल बिछिया रेलवे स्टेशन को सूचना दी। इसके बाद वन विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया। डीएफओ जीपी सिंह, रेंजर के अलावा वन दरोगा मयंक पांडेय, अनिल, रमेश चंद्र मौर्या, वाचर रामनाथ आदि के साथ मौके पर पहुंचे। डीएफओ ने बताया कि रेल ट्रैक के निकट से बाघ का शव बरामद किया गया है। ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौत हुई है। मृत बाघ मादा है। उसकी उम्र लगभग दो साल के आसपास है। ट्रेन हादसे में बाघिन के दोनों पैर कट गए हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए बरेली भेजा गया है। इस मामले में अज्ञात लोको पायलट और गार्ड के खिलाफ रेंज केस दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
बरेली में विशेषज्ञ करेंगे पोस्टमार्टम
बिछिया। कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के प्रभागीय वनाधिकारी डॉ. जीपी सिंह ने कहा कि उच्चाधिकारियेां ने बरेली वन्यजीव संस्थान के विशेषज्ञों से ट्रेन हादसे में दम तोड़ने वाले मादा बाघ के शव का पोस्टमार्टम कराने का निर्देश दिया है। इसके चलते मृत बाघ के शव को सुरक्षा व्यवस्था में बरेली भेजा जा रहा है। फिलहाल स्थानीय डॉक्टरों की रिपोर्ट ले ली गई है। उससे भी उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
तो 52259 ट्रेन से बाघ के कटने का अनुमान
कतर्नियाघाट सेंक्चुरी में बिछिया रेलवे स्टेशन से सुबह आठ बजे के आसपास बहराइच से मैलानी जाने वाली पैसेंजर ट्रेन संख्या 52259 गुजरती है। अनुमान है कि उसी ट्रेन की चपेट में आकर बाघिन की मौत हुई है। यह आशंका जताते हुए वन विभाग की ओर से थाने पर तहरीर दी गई है।
सुजौली थाने पर भी दी गई तहरीर, जांच शुरू
डीएफओ जीपी सिंह ने बताया कि सेंक्चुरी क्षेत्र में निर्धारित रफ्तार में ट्रेन और सड़क मार्ग के वाहनों का संचालन करना होता है। लेकिन जिस स्थिति में बाघिन का शव मिला है, लग रहा है कि ट्रेन काफी रफ्तार में थी। जबकि नियम है कि वन्यजीव के सामने आने पर ट्रेन रुकनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले में सुजौली थाने में रेंजर की ओर से अज्ञात लोको पायलट और गार्ड के खिलाफ तहरीर दी गई है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। देर रात से भोर तक कौन-कौन ट्रेनें गुजरीं, इसका ब्यौरा एकत्रित किया जा रहा है।
पहले भी रेल ट्रैक पर खत्म हो चुकी है जिंदगी
वर्ष 2013 में बिछिया रेलवे स्टेशन के पश्चिमी आउटर सिग्नल के निकट रेल ट्रैक पर 16 हिरनों की ट्रेन से कटकर मौत हुई थी। इसके पूर्व वर्ष 2004 में मिहींपुरवा-लखीमपुर मार्ग पर नैनिहा के निकट ट्रक की टक्कर से बाघिन ने दम तोड़ा था। मैलानी-गोंडा प्रखंड पर मझरा के निकट साल भर पूर्व रेल ट्रैक पार कर रहे एक हाथी की भी ट्रेन की चपेट में आकर मौत हुई थी।