सड़कों को गड्ढा मुक्त करने की योजना में लापरवाही मिलने और काम की गुणवत्ता खराब पाए जाने पर पीडब्ल्यूडी के 12 इंजीनियर निलंबित कर दिए गए हैं। इसके अलावा 47 इंजीनियरों के खिलाफ विभागीय जांच के निर्देश दिए गए हैं।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि सड़कों के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि राज्य के सभी 75 जिलों में इस योजना के तहत 20-20 मार्गों पर कराए गए कामों का सत्यापन मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता और नोडल अधिकारियों से कराया गया था। इसमें जांच के बाद 18 जिलों के 55 मार्गों पर कराए गए काम मानक के विपरीत पाए गए।
काम ठीक न पाए जाने पर 20 अधिशासी अभियंताओं, 35 सहायक अभियंताओं और 50 अवर अभियंताओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि उदासीनता बरतने वाले सभी अवर अभियंताओं को दंडित किया जा चुका है। 35 सहायक व 19 अधिशासी अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई विचाराधीन है।
कार्य में लापरवाही बरतने वाले अब तक 3 अधिशासी, 6 सहायक और 3 अवर अभियंता निलंबित किए जा चुके हैं। चार अधीक्षण, 13 अधिशासी, 12 सहायक और 16 अवर अभियंताओं के खिलाफ विभागीय जांच चल रही है।