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ट्रामा में नियुक्त होंगे 12 कैजुअल्टी अफसर

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ट्रॉमा में नियुक्त होंगे 12 कैजुअल्टी अफसर
मरीजों की मौत के बाद जागा केजीएमयू प्रशासन
छह कैजुअल्टी डेंटल अफसरों के पद भी सृजित
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में 12 कैजुअल्टी अफसर और छह कैजुअल्टी डेंटल अफसर तैनात किए जाएंगे। सोमवार को कार्यसमिति की बैठक में इस संबंध में प्रस्ताव पारित किया गया। इसे शासन को भेजा गया है। वहां से मंजूरी के बाद नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होगी।
केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में वर्ष 2000 में पांच कैजुअल्टी अफसर नियुक्त किए गए थे। बाद में इन्हें शैक्षणिक वर्ग में बदल दिया गया। तब से ये पद खाली हैं। यहां प्रांतीय चिकित्सा सेवा संवर्ग से एक कैजुअल्टी अफसर की नियुक्ति की गई है। जबकि यहां पूरे प्रदेश से मरीज आते हैं। ऐसी स्थिति में आए दिन बवाल होता रहता है। कभी मरीज की मौत के बाद मारपीट होती है तो कभी मरीज बरामदे में पड़ा रह जाता है। ऐसी स्थिति में क ेजीएमयू प्रशासन ने यहां 12 कैजुअल्टी अफसर नियुक्ति करने का प्रस्ताव पारित किया है।
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वहीं ट्रॉमा सेंटर में डेंटल विंग भी बनाई गई है। दुर्घटना होने के बाद तमाम ऐसे मरीज आते हैं, जिनका कभी पूरा जबड़ा टूटा हुआ होता है तो कभी कुछ दांत टूट जाते हैं। इसके लिए यहां डेंटल वार्ड बनाया गया है। अब छह कैजुअल्टी डेंटल अफसर भी नियुक्त करने की तैयारी है।
फैक्ट फाइल
- 410 बेड हैं केजीएमयू के ट्रॉमा में
- 300 से ज्यादा मरीज आते हैं प्रतिदिन
- 150 से ज्यादा गंभीर मरीजों को करना पड़ता है भर्ती
- 550 से अधिक मरीज नियमित तौर पर रहते हैं ट्रॉमा में
छह मेडिकल अफसरों (डेंटल) का भी प्रस्ताव
कैजुअल्टी के साथ ही केजीएमयू ने दंत संकाय के लिए छह मेडिकल ऑफिसर (डेंटल) के पद सृजित करने का भी प्रस्ताव पारित किया है। ये ऑफिसर दंत संकाय में मरीजों की सेवाओं को व्यवस्थित करेंगे। दंत संकाय के डीन के प्रस्ताव पर कुलसचिव ने 30 जनवरी को प्रमुख सचिव चिकित्सा को प्रस्ताव भेजा था। इसमें तर्क दिया गया था कि दंत संकाय में नौ विभाग चल रहे हैं। यहां प्रतिदिन करीब 200 मरीज आते हैं। ओरल एंड मैक्सिलोफेशियन सर्जरी विभाग में 40 बेड का वार्ड है। यहां प्रदेश के साथ ही दूसरे प्रदेश के भी मरीज आते हैं। इस वजह से वार्ड हमेशा मरीजोें से भरा रहता है। इनकी निगरानी के लिए मेडिकल ऑफिसर होना जरूरी है। यह भी तर्क दिया गया था कि बीएचयू और गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस नोएडा में इस तरह की व्यवस्था है। मेडिकल ऑफिसर के लिए शैक्षिक योग्यता बीडीएस और किसी संस्थान में कार्य करने का तीन साल का अनुभव रखा गया है।
दो एसोसिएट और 26 असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति को भी हरी झंडी
लखनऊ। केजीएमयू कार्यपरिषद की बैठक में दो एसोसिएट और 26 असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति को मंजूरी दे दी गई है। इन पदों के लिए करीब चार माह पहले साक्षात्कार हुए थे लेकिन परिणाम घोषित नहीं किया गया था।
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शासन की ओर से स्वीकृति मिलने के बाद सोमवार को हुई कार्यपरिषद की बैठक में साक्षात्कार से संबंधित लिफाफे खोले गए। इन पदों के लिए चुनाव से पहले साक्षात्कार हुए थे। आरक्षण मामले की वजह से इनका परिणाम घोषित नहीं किया गया था। केजीएमयू प्रशासन ने राज्यपाल से इस संबंध में अनुमति मांगी, जिस पर 25 जून को राज्यपाल ने संस्तुति दी। मंजूरी के बाद सोमवार को हुई कार्यपरिषद की बैठक में परिणाम घोषित कर दिया गया है। इसमें एनेस्थिसियोलॉजी विभाग में दो एसोसिएट प्रोफेसर और आठ असिस्टेंट प्रोफेसर, माइक्रोबायोलॉजी में दो असिस्टेंट प्रोफेसर, रेडियोडायग्नोसिस विभाग में आठ असिस्टेंट प्रोफेसर, रेडियोथेरेपी में एक, सर्जरी में तीन, सर्जिकल गैस्ट्रोइंटोलॉजी में चार असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति की गई है। इसी तरह कार्यपरिषद की बैठक में तीन प्रोफेसरों की शिकायत से जुड़े मामलों पर भी विचार किया गया है। हालांकि अभी उसका निस्तारण नहीं हो सका है।
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