लखनऊ। पीजीआई के साउथ सिटी निवासी हेमंत कुमार राय ने अपनी रियल एस्टेट कंपनी के कुछ एजेंटों पर करीब सौ लोगों से 11.55 करोड़ रुपये हड़पने का आरोप लगाया है। कोर्ट के आदेश पर गोमतीनगर पुलिस ने दस आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
हेमंत के अनुसार, गोमतीनगर के विवेकखंड में श्रेया इंफ्रा एंड मार्केटिंग प्रा. लि. नाम से उनकी रियल एस्टेट कंपनी है। कंपनी में एजेंट बिहार के सीवान निवासी चंदन कुमार, वाराणसी के रामनगर भीटी की रिभा जायसवाल, जौनपुर के बदलापुर का आशीष कुमार यादव, तेलंगाना के करीमनगर का मलवथ श्रींशा, प्रतापगढ़ के कुंडा का विभव पांडेय, वाराणसी का शोभनाथ, प्रयागराज के यमुनानगर का आलोक कुमार व सुनील कुमार और लखनऊ गोमतीनगर का अमित कुमार काम करता है।
आरोप है कि एजेंटों ने उनका भरोसा जीता। इसके बाद कंपनी के नाम पर फर्जी रसीदें छपवा दीं। एजेंटों ने करीब सौ लोगों को कंपनी में निवेश कर मुनाफा कमाने का झांसा दिया। उन्होंने लोगों से 11.55 करोड़ रुपये ले लिए। हेमंत को ठगी का पता तब चला जब निवेशक अपनी रकम मांगने आए। उन रसीदों पर आरोपी एजेंटों के हस्ताक्षर भी थे।
कंपनी के रिकॉर्ड में भी की छेड़छाड़
हेमंत ने एजेंटों से पूछताछ की तो उन्होंने रकम कंपनी में निवेश करने की बात कही। उन्होंने रिकॉर्ड में छेड़छाड़ कर हेमंत को गुमराह किया। बाद में पता चला कि यह रकम कंपनी के खाते में जमा नहीं हुई थी। एजेंटों ने कंपनी छोड़ी तो पता चला कि आरोपियों ने पूरी रकम नई दिल्ली की यमुना विहार कॉलोनी निवासी मुस्कान गुलिस्ता की कंपनी में निवेश की है। उनका आरोप है कि उन्होंने मामले की शिकायत गोमतीनगर पुलिस से की तो कोई सुनवाई नहीं हुई। ऐसे में उन्हें कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। इंस्पेक्टर ब्रजेश चंद्र तिवारी ने बताया कि सभी एजेंटों और मुस्कान पर एफआईआर दर्ज की गई है। विवेचना में जो भी साक्ष्य मिलेंगे उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।