रायबरेली। मनरेगा के कार्यों की सोशल ऑडिट में लाखों रुपये की गड़बड़ी पकड़ी गई है। ग्राम पंचायतों ने बिना काम कराए ही भुगतान कर दिया है। कहीं तालाब तो कहीं सड़कों के निर्माण में मनमानी की गई है। इस मामले में सीडीओ ने संबंधित 10 ब्लॉकों के खंड विकास अधिकारियों को दोषियों पर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। इससे हड़कंप मच गया है।
वर्ष 2014 से 2017 के बीच मनरेगा से 27 गांवों में कराए गए कार्यों की सोशल आडिट में लाखों का गड़बड़झाला पकड़ में आया। जगतपुर के कल्याणपुर सुरजई में खड़ंजा व तालाब निर्माण में करीब 60 हजार रुपये घपला किया गया। रोहनियां के कमलापुर में बोर्ड लगाने के नाम पर 40 हजार से अधिक भुगतान किया गया। सरायं अख्तियार गांव में करीब 92 हजार रुपयों का गबन पकड़ में आया। इसके अलावा सलोन ब्लॉक के करेमुआ, औनानीस, जगतपुर ब्लॉक के जिंगना, खजुरी, रोझइया गोकुलपुर, रोहनियां ब्लॉक के मिरजापुर ऐहारी, उमरन, दटैली, रसूलपुर, कमालपुर, लोहानीपुर, डलमऊ ब्लॉक के खलीलपुर, घोरवारा, अमरहा आदि 27 गांवों में भी मनरेगा के कार्यों में मनमानी पकड़ में आई है।
ऑडिट रिपोर्ट आने के बाद सीडीओ ने खंड विकास अधिकारी जगतपुर, रोहनियां, डलमऊ, हरचंदपुर, सलोन, सतांव, डीह, ऊंचाहार, सरेनी और राही को नोटिस भेजकर एक पखवारे में आडिट की आपत्तियों का निस्तारण करने के साथ ही दोषियों पर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने 15 दिन में रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। सीडीओ राकेश कुमार ने बताया कि संबंधित बीडीओ को पत्र भेजा गया है। 15 दिन में आपत्तियों का निस्तारण न होने पर कार्रवाई की जाएगी।