लपटों में जिंदा जली बच्ची, 18 घरों की गृहस्थी राख
रायबरेली। अमावां ब्लॉक क्षेत्र के रसेहता गांव में लगी आग से मासूम बच्ची जिंदा जल गई। इसके अलावा अन्य क्षेत्रों में लगी आग में 18 घरों की गृहस्थी राख हो गई। कई जगहों पर गेहूं की फसल भी जल गई। दमकल जवानों ने पहुंचकर आग को काबू में किया।
महराजगंज एवं अमावां प्रतिनिधि के मुताबिक रसेहता गांव में रामनरेश के छप्पर के नीचे प्रियांशी सो रही थी। दो बच्चे खेल रहे थे। इसी दौरान छप्पर में आग लग गई।
बच्चे तो बाहर भाग आए, जबकि प्रियांशी (2) छप्पर के नीचे ही दब गई। जब तकग्रामीण आग बुझाते, बच्ची लपटों में फंस गई।
वहीं आग ने आसपास के लगभग छह घरों को गिरफ्त में ले लिया। इससे संतलाल, महावीर, रामू, महदेई, ज्ञानू, रामखेलावन, राजेश, शिवांशी के मकान जल गए।
घर में लगी लकड़ी की धन्नीयों से लपटें भड़क गईं। दमकल के दो वाहनों ने किसी तरह आग बुझ पाई। तब तक आग में प्रियांशी की जिंदा जलकर मौत हो चुकी थी।
चार लाख से अधिक का नुकसान हुआ। मौके पर एसडीएम सदर के अलावा महराजगंज, थाना मिल एरिया, हरचंदपुर पुलिस मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया।
वहीं परशदेपुर के मुताबिक क्षेत्र के कपूरपुर गांव में शेर बहादुर के घर में आग लग गई। इस दौरान तुलसी के घर में रखा सिलिंडर जलने लगा।
दमकल कर्मियों ने ग्रामीणों की मदद से किसी तरह आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक सब कुछ जलकर राख हो चुका था।
इसमें जियालाल, विनोद, सोहनलाल, तुलसी, दयाराम के घर में रखा नगदी समेत करीब पांच लाख रुपये का नुकसान हुआ है। जगतपुर प्रतिनिधि के मुताबिक भटपुरवा गांव में आग लगने से मोहन, छोटे, ननकू, शंकर के घर जल गए। ग्रामीणों की मदद से आग बुझाई गई।
डलमऊ प्रतिनिधि के मुताबिक दीनशाह गौरा ब्लॉक क्षेत्र के इच्छा सिंह का पुरवा मजरे बिन्नवा में रामभजन, शिव भजन के घर में अज्ञात कारणों से लगी आग से मकान राख हो गए।
खीरों प्रतिनिधि के मुताबिक पाहो गांव निवासी कमलेंद्र बहादुर सिंह के खेत में लगी आग में चार बीघा फसल जल गई। सतांव प्रतिनिधि के मुताबिक लोहड़ा ग्रामसभा में रविवार की दोपहर अज्ञात कारणों से खेतों में लगी आग से देवी त्रिवेदी, दिलीप शर्मा और हरिश्चंद्र शर्मा समेत पांच बीघा फसल जल गई।
खीरों प्रतिनिधि के मुताबिक पूरे अवस्थी मजरे तौली में अज्ञात कारणों से सोनू के घर आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटें सोनू के भाई रामसुमिरन के घर पहुंच गई। दोनों भाइयों के कच्चे घर जलकर राख हो गए।