हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर किया प्रदर्शन
महराजनगर (सीतापुर)। तालगांव थाना क्षेत्र में गुरुवार को खेत में टूटे पड़े हाईटेंशन तार में फंसकर एक किसान की मौत हो गई। हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने पावर कार्पोरेशन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए निकट की सड़क जाम कर दी और जमकर प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों का कहना था कि पूरे क्षेत्र में बिजली के तार जर्जर हैं, बावजूद इसके जिम्मेदार तारों को बदलवाना जरूरी नहीं समझ रहे हैं। जिसकी वजह से आए दिन हादसे हो रहे हैं। मौके पर पहुंचे एसडीएम बिसवां ने प्रदर्शनकारियों को कार्रवाई का भरोसा देकर शांत किया।
मानपुर थाना क्षेत्र के ग्राम राजापुर निवासी धर्मेंद्र उर्फ खदरू (26) का खेत गांव के निकट तालगांव थाना क्षेत्र में मौजूद है। गुरुवार को धर्मेंद्र अपने खेत पर जा रहा था। बताते हैं कि खेत के निकट से गुजरी हाईटेंशन लाइन का तार टूटा पड़ा था। जैसे ही धर्मेंद्र उधर से गुजरा, तार में उलझ गया।
इससे पहले कि कोई मदद के लिए पहुंचता, हाईटेंशन करंट ने धर्मेंद्र की जान ले ली। घटना की सूचना जैसे ही गांव पहुंची, लोग भड़क गए। ग्रामीणों ने बांस की मदद से तार को धर्मेंद्र से अलग किया। इसके बाद बिसवां-लहरपुर मार्ग पर पहुंच गए। यहां पर ग्रामीणों ने जाम लगाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
ग्रामीणों का आरोप था कि क्षेत्र में बिजली के तार बेहद जर्जर हैं। तमाम पर जिम्मेदारों से तार बदलने के लिए शिकायतें भी की गईं, लेकिन पावर कार्पोरेशन के अधिकारियों ने तारों को दुरुस्त करना मुनासिब नहीं समझा। नतीजा जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते धर्मेंद्र जान गंवा बैठा।
प्रदर्शनकारी पावर कार्पोरेशन के जिम्मेदारों पर रिपोर्ट दर्ज करने की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन की सूचना मिलने पर एसडीएम बिसवां शशिभूषण राय मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने प्रदर्शनकारियों को कार्रवाई का भरोसा देकर शांत कराया और जाम खुलवाया।
करीब एक घंटे तक लगे जाम की वजह से सड़क पर लंबा जाम लग गया था। एसडीएम ने बताया कि पीड़ित किसान के परिवार को किसान दुर्घटना बीमा योजना से पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। वहीं पावर कार्पोरेशन से भी मदद दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
इधर पावर कार्पोरेशन के अधीक्षण अभियंता एमपी सिंह ने बताया कि पीड़ित परिवार को कार्पोरेेशन की तरफ से पांच लाख का मुआवजा दिलवाया जाएगा। इसके लिए कार्रवाई आरंभ कर दी गई है।
तार जोड़ने से कतराते रहे जिम्मेदार
हादसे में किसान की मौत और ग्रामीणों के प्रदर्शन से बिजली कर्मचारी इस कदर घबरा गए कि वे मौके पर जाकर तार दुरुस्त करने की हिम्मत नहीं जुटा सके। हालांकि पावर हाउस से बिजली की सप्लाई रोक दी गई थी। देर शाम तक टूटे पड़े तार को जोड़ा नहीं जा सका था।