बहराइच। बहराइच में बन रहे मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स के अभ्यास के लिए 108 बेड का मल्टीस्टोरी हॉस्पिटल जिला अस्पताल में बनेगा। इसमें हर विभाग का अलग कार्यालय भी बनेगा। नर्सों और रेजिडेंट चिकित्सकों के लिए रिहायशी भवन का भी निर्माण किया जाएगा।
मेडिकल कॉलेज निर्माण निगम की टीम ने मुआयना कर परियोजना की रिपोर्ट तैयार की है। लगभग एक अरब का खर्च परियोजना पर आएगा। इसकी कवायद शुरू कर दी गई है। कार्य जून के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है। बहराइच में लखनऊ रोड पर कृषि विभाग की जमीन का अधिग्रहण कर मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जा रहा है।
इसमें सिर्फ पढ़ाई की ही सुविधा मुहैया होगी। मेडिकल की पढ़ाई करने वाले प्रशिक्षु चिकित्सकों के अभ्यास के लिए जिला अस्पताल में 108 बेड का मल्टीस्टोरी हॉस्पिटल बनेगा। इस परियोजना को अमली जामा पहनाने के लिए मेडिकल कॉलेज निर्माण निगम की टीम ने ऑर्किटेक्ट सत्येंद्र जैन की अगुवाई में बीते सप्ताह जिला अस्पताल का मुआयना किया था।
अब टीम ने मुआयने के बाद परियोजना की रिपोर्ट बनाकर जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को सौंपी हैं। मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. ओपी पांडेय ने बताया कि मेडिकल की पढ़ाई कराने वाले प्रशिक्षु चिकित्सकों के लिए 500 बेड के अस्पताल की जरूरत टीम ने बताई थी।
पहले से जिला अस्पताल में 392 बेड हैं। ऐसे मेें 108 बेड और बढ़ाए जाएंगे। इसके लिए अस्पताल परिसर में ही मल्टीस्टोरी भवन का निर्माण होगा। यहां मेेडिकल कॉलेज के प्रशिक्षु मरीजों का इलाज कर पढ़ाई करेंगे। सीएमएस ने बताया कि परियोजना की जो रिपोर्ट निर्माण निगम के अर्किटेक्ट इंजीनियरों ने सौंपी है।
ढहाई जाएगी पुराना भवन
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि मल्टीस्टोरी हॉस्पिटल का निर्माण पुराने नर्सेज हॉस्टल को ढहाकर किया जाएगा। इसे ढहाने का कार्य एक पखवारे में शुरू हो जाएगा।
सभी विभागाध्यक्षों का होगा अपना रूम
सीएमएस ने बताया कि मल्टीस्टोरी हॉस्पिटल में सभी विभागों के विभागाध्यक्षों का अपना कमरा होगा। मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई के बाद विभागाध्यक्ष के कमरे में हाजिरी लगाकर प्रशिक्षु चिकित्सक मरीजों का परीक्षण करेंगे।