आवासीय विद्यालय की रैंकिंग में फजीवाड़ा करने के मामले में राज्य नियोजन संस्थान के दो आईएएस अफसरों समेत 11 अधिकारियों पर जालसाजी और दस्तावेजों में हेराफेरी का केस दर्ज किया गया है। आरोपी अफसरों में आईएएस अंकित कुमार अग्रवाल व ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी भी हैं। अंकित वर्तमान में प्रयागराज विकास प्राधिकरण में उपाध्यक्ष हैं, वहीं ज्ञान प्रकाश विशेष सचिव, नियोजन हैं। नियोजन की मूल्यांकन अधिकारी रही महिला की शिकायत पर जांच के बाद राजधानी के महानगर थाने में यह केस दर्ज किया गया।
प्रभारी निरीक्षक महानगर यशकांत सिंह के मुताबिक पीड़िता ने तहरीर में बताया कि संस्थान में संयुक्त निदेशक डॉ. सतवीर सिंह ने समाज कल्याण विभाग की ओर से 14 मार्च 2020 को वर्ष 2018-19 की प्रदेश के आवासीय विद्यालयों की रैंकिंग करने का आदेश दिया था। लिखित आदेश मांगने पर साफ मना कर दिया। इसकी शिकायत तत्कालीन निदेशक रामकेवल से किया तो जांच कमेटी बना दी गई। आरोप है कि अफसरों के रसूख के चलते जांच को दबा दिया गया। रिटायर अधिकारी डॉ. थम्मन सिंह व वीपी गुप्ता से शिकायत करवा दी। राज्य महिला आयोग व राज्यपाल से शिकायत के बाद पुलिस सक्रिय हुई और जांच कर केस दर्ज किया।
इनके खिलाफ केस
डॉ. सतवीर सिंह, डॉ. संतराम, दिनेश कुमार, डॉ. राजेंद्र कुमार यादव, अंकित कुमार अग्रवाल, ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी, डॉ. दिव्या सरीन मेहरोत्रा, उमेश कुमार, डॉ. गोविंद बाबू और वर्तिका श्रीवास्तव पर केस कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।