संविधान की धारा 341 पर भी अध्यादेश लाए सरकार
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ऑफ इंडिया ने उठाई मांग
अमर उजाला ब्यूरो
लखनऊ। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मौलाना कारी मोहम्मद यूसुफ अजीजी कादरी ने कहा कि अगर सरकार अयोध्या विवाद पर लोकसभा में अध्यादेश लाती है तो संविधान की धारा 341 पर भी यही कदम उठाए।
यूसुफ अजीजी ने कहा, 23 दिसंबर 1949 को बाबरी मस्जिद पर विवाद पैदा कर दोनों धर्मों के लोगों की इबादत पर रोक लगा दी गई। इसके एक महीने बाद 26 जनवरी 1950 को संविधान की धारा 341 पर धार्मिक प्रतिबंध लगाकर मुसलमानों को अनुसूचित जाति जनजाति के आरक्षण से महरूम कर दिया गया। दोनों ही मामले सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं। अगर केंद्र सरकार अयोध्या पर अध्यादेश लाती है तो संविधान की धारा 341 पर भी अध्यादेश लाए।
संगठन का किया विस्तार
मौलाना कादरी ने संगठन का विस्तार करते हुए 151 सदस्य, 36 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, 36 राष्ट्रीय सचिव, दो राष्ट्रीय प्रवक्ता और एक राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष मनोनीत किया। मुफ्ती हुसैन हबीबी को उत्तर प्रदेश, मौलाना कारी बख्तियार को दिल्ली, मौलाना शमीम अरशद कादरी को राजस्थान, मौलाना मुफ्ती इब्राहिम को हरियाणा, मौलाना मुफ्ती हाजी सनाउल्लाह को बिहार, मौलाना गुलाम मरसलीन को पश्चिम बंगाल इकाई का अध्यक्ष बनाया गया है।
मौलाना मुफ्ती शमीमुल जमील अजहरी महाराष्ट्र, मौलाना मुकीबुर्रहमान असम, मौलाना मुफ्ती इबादुल्लाह ओडिशा, मौलाना यूसुफ रजा बरकाती छत्तीसगढ़, मौलाना कारी रुहुल अमीन मध्य प्रदेश, मौलाना मुश्यार शेख गुजरात, मौलाना मोहम्मद अली कर्नाटक, मौलाना कारी असदउल्लाह गोवा, मौलाना मोहम्मद बशीर उत्तराखंड, मौलाना मुफ्ती राशिद गजाली केरल, मौलाना डॉ. हसन अली रिजवी आंध्र प्रदेश, मौलाना मोहम्मद आजम जम्मू कश्मीर, मौलाना मोहम्मद असलम रब्बानी झारखंड और मौलाना जाहिद रजा लक्षद्वीप के प्रदेश अध्यक्ष मनोनीत किए गए हैं।