गोंडा। पुलिसिया कार्रवाई से तंग लोगों ने किसान सभा के बैनर तले शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने पुलिस उत्पीड़न से त्रस्त नागरिकों को मुक्ति दिलाने, पात्रों को आवास की वापस की गई किस्त दिलाने, खस्ताहाल बिजली व्यवस्था को दुरुस्त कराने तथा अन्य समस्याओं को लेकर धरना दिया। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा।
धरने को संबोधित करते हुए किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष इम्तियाज बेग ने कहा कि जिले में पुलिस थानेदार बेलगाम होकर किसानों व युवाओं से वसूली कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री ने कहा था कि गरीबों के खातों में 15 -15 लाख आएंगे, लेकिन एक भी पैसा नहीं आया। नोटबंदी व जीएसटी से बेरोजगारी बढ़ी है। पढ़े लिखे युवक बेरोजगार घूम रहे हैं। महिलाओं का उत्पीड़न बढ़ा है। प्रदेश कोषाध्यक्ष एसपी त्रिपाठी ने कहा कि खेती नहीं तो जमीन नहीं, खेती को बचाने के लिए उनके उत्पादन का वाजिब मूल्य दिया जाए। संयोजक पूर्व बार एसोसिएशन अध्यक्ष सुरेश चंद त्रिपाठी ने कहा कि कौड़िया बाजार थाने में मुर्गी फार्म का विरोध कर रही मोहरमा के दबंगों ने हाथ व पैर तोड़ दिए, वह टृॉमा सेंटर में भर्ती है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं कर रही है। अनाज की कालाबाजारी छुटभैया नेता करा रहे हैं। जिला मंत्री अरुण त्रिपाठी ने कहा कि पुलिस गरीब जनता पर छोटे मसलों पर त्वरित कार्रवाई कर उत्पीड़न कर रही है और गंभीर मामलों में मौन है। निबिहा परसपुर के प्रधान पर हमला करने वालों को इटियाथोक पुलिस ने नहीं पकड़ा। प्रोफेसर एके रजा ने धरने में आए लोगों से आह्वान किया वे किसानों, बेरोजगारों को हक दिलाने के लिए आगे आएं। इस मौके पर दिनेश त्रिपाठी, एसपी मिश्र, मनोज पांडेय, अजय कुमार, प्रभाकर, रामकिशोर, कृष्णकांत धर द्विवेदी, अंकित शुक्ला आदि मौजूद रहे।