करनैलगंज (गोंडा)। प्रशासन द्वारा ग्रामीणों की सहमति से चकमार्ग को पाटकर बांध का रूप दिए जाने में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए एक किसान ने आत्महत्या का प्रयास किया, जिसे ग्रामीणों ने किसी तरह बचा लिया। किसान मौके पर ही हाथ में रस्सी लिए बैठा रहा। उसने कहा कि यदि उसके चक में बांध बना तो वह आत्महत्या कर लेगा।
शुक्रवार की सुबह प्रशासनिक व पुलिस महकमा उस समय हरकत में आ गया, जब बाढ़ प्रभावित क्षेत्र नकहरा निवासी संगम लाल ने अपने खेत से होकर निकल रहे रिंग बांध को जबरन बनाने के विरोध में खेत में लगे पेड़ पर लटक कर आत्महत्या करने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने बताया कि संगमलाल को बचा लिया गया है। सूचना पर कोतवाल वेद प्रकाश श्रीवास्तव, चौकी प्रभारी भंभुवा सोमनाथ राय, तहसीलदार करनैलगंज पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों के विरोध से बांध न बन पाने से इस बार बाढ़ से बचाव करने के लिए अधिकारियों ने चक मार्ग को ऊंचा करने का फैसला लिया था। जहां चक मार्ग नहीं था, वहां कुछ ग्रामीणों के खेत से होकर अस्थाई बांध बनाने की योजना बनाई गई थी। जिसमें नकहरा निवासी संगमलाल व अयोध्या प्रसाद का खेत भी आता है। मौके पर पहुंचे एडीएम रत्नाकर मिश्र ने बताया कि आपसी विवाद से इन दोनों ने बांध बनाने की सहमति नहीं दी थी। फिर भी प्रयास कर संगमलाल के खेत से बांध बना दिया गया, लेकिन अयोध्या प्रसाद से मुलाकात न हो पाने के चलते बांध बनाने का कार्य प्रभावित था। इधर, संगम लाल ने तहसीलदार करनैलगंज पर आरोप लगाया है कि बांध केवल उसके खेत में ही बनाया जा रहा है। उसके पड़ोसी अयोध्या का खेत तहसीलदार बचाने का प्रयास कर रहे हैं। तहसीलदार मिश्री सिंह चौहान ने बताया कि ग्रामीणों ने पहले सहमति दी थी तो बंधे का निर्माण रोककर ग्रामीणों के खेत व चकमार्ग से होते हुए एक अस्थाई बंधे का निर्माण कराया जा रहा था। उसके बाद कुछ किसानों ने जमीन देने से इन्कार करते हुए विरोध करना शुरू कर दिया। जिससे कुछ समस्या उत्पन्न हुई। शुक्रवार को फिर से सभी ग्रामीणों से बात करने का प्रयास किया गया। किसानों की सहमति के बाद ही बांध का कार्य कराया जा रहा है।