अयोध्या। कठुवा व उन्नाव सहित देश में बढ़ रहीं बलात्कार की घटनाओं के विरोध में हिंदू व मुस्लिमों ने एक साथ बैठकर आवाज बुलंद की। शनिवार को सरयू तट स्थित परमहंस की समाधि स्थल पर उपवास कर लोगों ने कठुवा व उन्नाव कांड की निंदा करते हुए मांग उठाई कि बलात्कारियों के विरुद्ध ऐसा कानून बने कि उनकी रूह कांप उठे।
परमहंस के शिष्य नारायण मिश्र ने कहा कि नारी शक्ति स्वरूपा है, मां का दर्जा मिला है, सभी संप्रदायों को आगे आकर ऐसी घटनाओं के विरोध में आवाज उठानी होगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए जन जागरूकता की आवश्यकता है। बबलू खान ने कहा कि इस्लाम में भी औरत को सम्मान का दर्जा दिया गया है। मासूम बच्चियों के साथ इस तरह की घटनाएं घृणित हैं। सरकार को चाहिए कि बलात्कारियों के खिलाफ ऐसा कानून बनाए कि उनकी रूह कांप उठे। सरदार चरनजीत सिंह ने कहा कि ऐसे मामलों में राजनीति नहीं करनी चाहिए, बल्कि आरोपी को तत्काल फांसी की सजा देनी चाहिए। इस अवसर पर धर्मेंद्र गुप्ता, पुजारी धर्मेंद्र पांडेय, अदनान खान, शाबान अहमद, खालिद अहमद आदि उपवास में शामिल रहे।