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फरेंदा शुक्ल में बनेगा कस्तूरबा बालिका छात्रावास

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गोंडा। रुपईडीह ब्लॉक में कस्तूरबा बालिका छात्रावास निर्माण के लिए जमीन तलाश रहे जिला प्रशासन को आखिरकार छात्रावास के लिए जमीन मिल गई है। जिला प्रशासन के अफसरों की मुश्किलों को कम करते हुए फरेंदा शुक्ल की ग्राम प्रधान ने छात्रावास निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराने की पहल की है। ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के अधिशाषी अभियंता की रिपोर्ट मिलने के बाद जिलाधिकारी ने भी इस प्रस्ताव का अनुमोदन कर छात्रावास निर्माण के लिए हरी झंडी दे दी है। जल्द ही भूमि पूजन के बाद निर्माण कार्य प्रारंभ होने की उम्मीद है।
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ग्रामीण क्षेत्र के गरीब परिवारों की बेटियों को उच्च प्राथमिक स्तर तक की निशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। मगर आठवीं तक की शिक्षा ग्रहण करने के बाद सुविधाओं के अभाव में इन बेटियों की पढ़ाई बंद हो जाती है। इस समस्या का समाधान करते हुए शासन की तरफ से राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत प्रत्येक ब्लॉक में नौवीं-दसवीं की बालिकाओं के लिए कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास का निर्माण कराया जा रहा है। रुपईडीह ब्लॉक में छात्रावास के निर्माण के लिए जिला प्रशासन 11 महीने से जमीन खोज रहा था, मगर जमीन नहीं मिल रही थी। इससे छात्रावास का निर्माण अधर में अटका हुआ था। प्रशासन की इस समस्या का समाधान करते हुए ब्लॉक के फरेंदा शुक्ल गांव की ग्राम प्रधान अन्नू देवी शुक्ला ने अपनी ग्राम पंचायत में जमीन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया था। ग्राम प्रधान के प्रस्ताव पर ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशाषी अभियंता ने जमीन का मुआयना किया और जमीन को निर्माण के लिए उपयुक्त बताते हुए अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी थी। अधिशाषी अभियंता की रिपोर्ट पर डीएम ने अनुमोदन कर छात्रावास निर्माण को हरी झंडी दे दी है। डीएम के अनुमोदन के बाद गांव में 1.70 करोड़ रुपये की लागत से छात्रावास के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। ग्राम प्रधान अन्नू देवी शुक्ला ने बताया कि गांव में छात्रावास बनने से गांव की गरीब बेटियों को दसवीं तक की शिक्षा के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी सुदीप पांडेय ने कहा कि रुपईडीह व करनैलगंज में जमीन न होने से निर्माण रुका हुआ था। अब रुपईडीह में जमीन मिल जाने के बाद छात्रावास के निर्माण की जिम्मेदारी ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को सौंपी गई है।


चार ब्लॉकों में हो चुका है निर्माण
कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास का निर्माण जिले के नवाबगंज, वजीरगंज, झंझरी व पंडरीकृपाल समेत चार ब्लॉकों में पूरा हो चुका है। जबकि कटरा बाजार, परसपुर, तरबगंज, बेलसर, मनकापुर, मुजेहना, छपिया, बभनजोत, इटियाथोक, हलधरमऊ में छात्रावास का निर्माण कार्य चल रहा है।
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