प्राधिकरण दीपावली पर उच्च आय वर्ग के लिए गोमतीनगर विस्तार में 1000 फ्लैट की योजना लांच करेगा।
इस भूमि पर पहले यूपी पुलिस का नया मुख्यालय बनाने का प्रस्ताव था, मगर पुलिस को सेक्टर-7 में भूमि दे दी गई है।
ऐसे में एलडीए के पास यह भूमि खाली बच गई है। इस 25 एकड़ भूमि पर आवासीय योजना लाई जाएगी। इन फ्लैटों की कीमत 35 से 60 लाख के बीच होने की संभावना है।
प्राधिकरण लंबे समय से राजधानी में कोई भी आवासीय योजना नहीं लाया है। ऐसे में दीपावली के मौके पर जनता को फ्लैटों का तोहफा देने की तैयारी की जा रही है।
इनमें देवपुर पारा योजना की तैयारी तो लंबे समय से चल रही थी। डिजाइन फाइनल कर के निर्माण के टेंडर किए जा रहे हैं।
वहीं गोमती नगर विस्तार के सेक्टर-1 में भी आवासीय स्कीम लाई जाएगी। जानकारों के मुताबिक विस्तार में 1000 फ्लैटों की स्कीम होगी। 25 एकड़ में लगभग 10 टॉवर में लगभग 1000 फ्लैट बनाए जा सकेंगे।
पारा में 2200 गरीबों को फ्लैट
प्राधिकरण की देवपुर पारा में कम आय वर्ग के लोगों के लिए हाउसिंग स्कीम की डिजाइनिंग पूरी हो चुकी है। 12 मंजिल की इन इमारतों में 24 घंटे लिफ्ट की सुविधा मुफ्त दी जाएगी।
इसके साथ ही मेंटीनेंस भी निशुल्क होगा। प्राधिकरण पहली बार कम आय वर्ग के लोगों के लिए इतनी अधिक ऊंची बिल्डिंग बना रहा है।
इस स्कीम में करीब 2200 एलआईजी और ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स दिए जाएंगे। इसके अलावा अन्य वर्ग के लिए अलग से भवनों का निर्माण होगा। प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक दीपावली तक इस स्कीम की लांचिंग कर दी जाएगी।
गंजरिया में कम आय वाले छह हजार मकान
चक गंजरिया परियोजना के तहत स्थापित की जाने वाली आईटी सिटी के पड़ोस में 30 हजार परिवार बसाए जाएंगे।
कुल 850 एकड़ भूमि में लगभग 550 एकड़ भूमि एलडीए को अपनी आवासीय स्कीम बनाने के लिए मिल रही है, उसमें इतने परिवारों को बसाने का लक्ष्य है।
यहां प्राधिकरण ने करीब 300 एकड़ भूमि का लैंडयूज रेजीडेंसियल तय किया है। इस हिसाब से लगभग 30 हजार परिवारों को बसाने का इंतजाम इतनी भूमि में हो जाएगा।
इन 30 हजार परिवारों में से 6 हजार परिवार कम आय वर्ग के होंगे, जिनको प्रदेश सरकार की आवास नीति के तहत यहां जगह दी जाएगी। फिलहाल एलडीए ने अपनी योजना के विकास को लेकर अलग-अलग लैंडयू तय कर दिए हैं।