उत्तर प्रदेश के दस रूटों पर छह माह में निजी ऑपरेटरों की 100 इलेक्ट्रिक एसी बसों का संचालन होगा। परिवहन निगम निदेशक मंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। मंडल के अध्यक्ष वेक्टेश्वर लू की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रबंध निदेशक संजय कुमार व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
निगम प्रवक्ता के मुताबिक इन इलेक्ट्रिक एसी बसों का संचालन लखनऊ से कानपुर, लखनऊ से बरेली, लखनऊ से वाराणसी, लखनऊ से प्रयागराज, लखनऊ से गोरखपुर, लखनऊ से आगरा, लखनऊ से दिल्ली, लखनऊ से मेरठ, बरेली से दिल्ली आदि रूट पर होगा। निजी ऑपरेटर इन बसों को रोजाना न्यूनतम 250 किमी चलाएंगे। मिड सेगमेंट बस के लिए निर्धारित प्रशासनिक शुल्क में 50 फीसदी की छूट देने की भी मंजूरी दी गई है।
ये भी पढ़ें - प्रमुख सचिव गृह का निर्देश, तय स्थान पर हों धार्मिक कार्यक्रम, कोई नई परंपरा न शुरू हो
ये भी पढ़ें - एसटीएफ ने बिल्डर मोहम्मद मुस्लिम को हिरासत में लिया, असद से बातचीत का ऑडियो हो रहा था वायरल
बसों के रखरखाव के लिए डिपो स्तर पर दैनिक आवश्यकता के स्पेयर पार्ट्स अथवा टायर पंचर आदि के लिए 1996 से अनुमन्य 5 पैसे प्रति किमी को बढ़ाकर 7 पैसे प्रति किमी भुगतान करने का अनुमोदन किया गया।
गर्भावस्था में भी कार्य कर सकेंगी महिला कंडक्टर
महिला कंडक्टर अब गर्भावस्था के दौरान नौ माह तक कार्यालय में अटैच होकर लिपिक संवर्ग का कार्य कर सकेंगी। इन्हें पूरे सेवाकाल में सिर्फ दो बार यह सुविधा मिलेगी। इस प्रस्ताव को निदेशक मंडल ने मंजूरी दी।
संविदा चालकों को एक लाख का दुर्घटना प्रोत्साहन
अब संविदा चालकों को अतिरिक्त रूप से एक लाख रुपये का दुर्घटना प्रोत्साहन धनराशि देने को मंजूरी दी गई। वहीं, संविदा चालकों और परिचालकों के लिए प्रचलित उत्कृष्ट एवं उत्तम प्रोत्साहन योजना में निर्धारित ड्यूटी दिवस एवं किमी पूर्ण करने के बाद अतिरिक्त किमी किए जाने पर पारिश्रमिक का भुगतान व निर्धारित शर्तों में चालकों एवं परिचालकों के लिए पांच वर्ष की लगातार सेवा में संशोधन करके चालकों के लिए दो साल और परिचालकों के लिए चार वर्ष की लगातार सेवा पर अनुमोदन किया गया है।