क्वीन मेरी अस्पताल को 100 बेड की एमसीएच विंग
केजीएमयू के क्वीन मेरी अस्पताल को 100 बेड की एमसीएच विंग मिल गई है। इससे यहां महिलाओं को भर्ती करने की समस्या का समाधान हो गया है।
इस विंग का लोकार्पण चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना ने शुक्रवार शाम किया। उन्होंने एमसीएच विंग सहित करीब 92.35 करोड़ रुपये की पांच परियोजनाओं का लोकार्पण किया।
चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने कहा कि केजीएमयू देश का सबसे बड़ा चिकित्सा संस्थान है। ऐसे में यहां की चिकित्सकीय गुणवत्ता भी बेहतर करने की जिम्मेदारी निभानी होगी।
सरकार संसाधन बढ़ाएगी और डॉक्टर इलाज की गुणवत्ता बढ़ाने में योगदान दें। उन्होंने विश्वविद्यालय की ओर से करोना में किए गए कार्यों की तारीफ की।
डॉक्टरों और कर्मचारियों से अपील की, मरीजों के साथ व्यवहार बेहतर रखें। कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. बिपिन पुरी ने वर्चुअल आईसीयू प्रणाली के बारे में जानकारी दी। इस दौरान चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह और मुख्य सचिव डॉ. रजनीश दुबे मौजूद रहे।
इन परियोजनाओं का हुआ लोकार्पण
- एनएचएम द्वारा 23 करोड़ 16 लाख 65 हजार रुपये की लागत से क्वीन मेरी चिकित्सालय परिसर में 100 शैय्यायुक्त एमसीएच विंग के फ्रंट ब्लॉक का लोकार्पण हुआ। इससे क्वीन मेरी को 100 नए बेड उपलब्ध हो गए। इस योजना की कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश निर्माण निगम लिमिटेड, लखनऊ है।
- केजीएमयू के शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए 22 करोड़ 61 लाख 51 हजार रूपए की आम्रपाली योजना। इसे उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद ने तैयार किया है।
- केजीएमयू के विभिन्न विभागों में 27 करोड़ 26 लाख और 72 हजार रुपये की लागत से मेडिकल गैस प्लान्ट एवं पाइप लाइन की स्थापना का कार्य का लोकापर्ण किया गया।
- क्वीन मेरी चिकित्सालय से मुख्य परिसर को जोड़ने के लिए फुट ओवर ब्रिज का लोकार्पण। यह 6 करोड़ 10 लाख और 51 हजार रुपये की लागत से तैयार किया गया है।
- केजीएमयू परिसर में करीब 30 करोड़ 20 लाख रुपये की लागत से निर्मित फायर हाइड्रेंट सिस्टम का लोकार्पण।