लखनऊ। नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म करने के आरोपी विजय गोस्वामी को पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश नीरज कुमार उपाध्याय ने दोषी ठहराया है। उसे दस वर्ष की कैद और 22 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
कोर्ट में सरकारी वकील ने बताया कि पीड़िता की मां ने आलमबाग थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एफआईआर के मुताबिक 13 अक्तूबर 2020 को वादिनी की नाबालिग लड़की दवा लेने गई थी, लेकिन लौटी नहीं। वादिनी ने उसे फोन किया तो नंबर बिजी था और बाद में फोन बंद हो गया। वादिनी परिचितों के साथ मिलकर बेटी की तलाश करती रही, पर कुछ पता नहीं चला। उसके दोस्तों ने बताया कि वह विजय से फोन पर बात करती है और उसका फोन भी बंद है। रिपोर्ट में शंका जताते हुए कहा गया कि विजय गोस्वामी नाबालिग को बहलाकर भगा ले गया है। पुलिस ने विवेचना की तो पता चला कि आरोपी पीड़िता को सीतापुर, तमिलनाडु तथा अन्य कई जगह पर ले गया और डराकर उससे दुष्कर्म किया।