कोर्ट ने 18 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया
रायबरेली। अमेठी जिले के जायस कोतवाली क्षेत्र में करीब नौ साल पहले हुए नाबालिग के अपहरण व दुष्कर्म के मामले में दोषसिद्ध होने पर कोर्ट ने अभियुक्त को पॉक्सो एक्ट के तहत 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 18 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायालय स्थित पॉक्सो कोर्ट प्रथम के विशेष न्यायाधीश आलोक कुमार सिंह ने बृहस्पतिवार को सुनाया।अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) लक्ष्मीशंकर श्रीवास्तव, वेदपाल सिंह, योगेशचंद्र मिश्र व आलोक त्रिपाठी के मुताबिक मामले की रिपोर्ट पीड़िता के भाई ने कोतवाली जायस में दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार डीह थाना क्षेत्र के पूरे सरदार मजरे रोखा निवासी दद्दन वादी के घर आता-जाता था। इसी दौरान 22 सितंबर 2013 की सुबह वादी की बहन को अपहृत कर ले गया। संवाद
पुलिस ने विवेचना के बाद दद्दन के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के तहत चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। पॉक्सो कोर्ट ने दोनों पक्ष की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर अभियुक्त को दोषी पाते हुए कैद व अर्थदंड की सजा सुनाई। साथ ही कोर्ट ने अर्थदंड जमा होने पर आधी धनराशि पीडि़ता को देने का भी निर्देश दिया है।