लखनऊ। पुराने शहर में आने वाले आचार्य नरेंद्रदेव वार्ड की 10 हजार से अधिक की आबादी दूषित जल आपूर्ति, खराब सबमर्सिबल और नलकूप की वजह से इस भीषण गर्मी में पेयजल किल्लत से जूझ रही है। शिकायत के बाद भी सुनवाई न होने से नाराज क्षेत्रीय पार्षद ने स्थानीय लोगों के साथ बृहस्पतिवार को जलकल के जोन छह के कार्यालय पर धरना दिया। इसके बाद जलकल विभाग ने पाइपलाइन की मरम्मत का काम शुरू कराया।
वार्ड के पार्षद मनीष रस्तोगी ने बताया कि वार्ड नेवाजगंज सांई मंदिर के पास, पन्नी वाली गली, कटहल वाली गली सहित कई इलाकों में करीब तीन महीने से दूषित पेजयल आपूर्ति की समस्या है। पानी में इतनी बदबू रहती है कि उससे हाथ भी नहीं धुल सकते। इसको लेकर कई बार शिकायत की गई, हर बार अधिकारियों ने उसे सही कराते हैं कहकर टाल दिया। इसके अलावा बसंत विहार काॅलोनी में पेयजल की समस्या दूर करने के लिए करीब एक महीन पहले नया नलकूप लगाने के लिए काम शुरू किया, लेकिन सिर्फ गड्ढा खेादकर छोड़ दिया गया। उसके आगे कोई काम नहीं किया गया।
नलकूप के अलावा 200 मीटर पाइपलाइन भी बिछनी है, वह भी बिछाई नहीं गई। ऐसे में इस भीषण गर्मी में जलकल विभाग की लापरवाही के कारण वार्ड की 10 हजार से अधिक आबादी को पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। कुछ लोग पीने के लिए पानी का जार खरीद रहे हैं तो कुछ लोग पड़ोस में लगे सबमर्सिबल पंप से पानी लाकर काम चला रहे हैं।
छह सबमर्सिबल भी पड़े खराब
वार्ड में कई इलाकों में लगे सबमर्सिबल भी खराब पडे़ हैं। इनको सही नहीं कराया गया। जिन इलाकों में सबमर्सिबल खराब पड़े हैं उनमें मछली फाटक के पास, बसंत विहार कालोनी, अलमास का हाता, यादव पैलेस के पास, टाउनहाॅल वाली गली, संदोहन माता मंदिर के पास और तोपखाना के पास का क्षेत्र प्रमुख रूप से शामिल हैं।
धरना देने के बाद जागे जिम्मेदार
पार्षद ने बताया कि सुबह 11 से दोपहर करीब 12 बजे तक धरना देने के बाद जलकल के इंजीनियरों ने मरम्मत कराने का वादा किया। उसके बाद टीम ने वार्ड में पाइपलाइन लीकेज दूर करने के लिए मरम्मत शुरू की। इसके अलावा एक खराब सबमर्सिबलभी शुक्रवार को ठीक कराने का वादा किया।