उप्र राज्य सड़क परिवहन निगम ने 10 फीसदी महंगाई भत्ता बढ़ाने को मंजूरी
दे दी है। इससे 26 हजार कर्मियों एवं अधिकारियों को लाभ होगा।
यह भत्ता
उन्हें जनवरी 2014 से ही देय है लेकिन फैसला अब हो पाया। इसके लागू होने से
वेतन में 600 से 1200 रुपये की बढ़ोतरी होगी।
वहीं, नवसृजित महानगरों में
तैनात कर्मियोें का किराया भत्ता भी बढ़ाया गया है।
निगम
के चेयरमैन अनूप मिश्रा की अध्यक्षता में मंगलवार को निदेशक मंडल की बैठक
हुई। सबसे पहले नियमित कर्मियों का 10 फीसदी महंगाई भत्ता बढ़ाने पर चर्चा
हुई।
निगम अब इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजेगा। शासन की मंजूरी के बाद ही
यह लागू हो सकेगा। इसके लागू होने से कर्मियों के बेसिक वेतन पर महंगाई
भत्ता 90 से बढ़कर 100 फीसदी हो जाएगा।
साथ ही झांसी सहित अन्य कुछ जिले जो
महानगर बनाए गए हैं उनके कर्मियों एवं अधिकारियों को अब संशोधित किराया
भत्ता मिलेगा।
निजी एजेंसी को नहीं सौंपे जाएंगे संविदा कर्मी राज्य सड़क परिवहन निगम की 25 हजार संविदा कर्मियों (ड्राइवर
एवं कंडक्टर) को निजी एजेंसी के हवाले करने की योजना परवान नहीं चढ़ सकी।
कर्मचारियों ने निदेशक मंडल की बैठक शुरू होने से पहले ही रोडवेज मुख्यालय
पर डेरा डाल दिया।
प्रदर्शनकारियों ने प्रबंध निदेशक को पहले ही चेतावनी दी
थी कि संविदा कर्मियों को एजेंसी के हवाले करने का प्रस्ताव मंजूर हुआ तो
वे मंगलवार रात से हड़ताल पर चले जाएंगे।
निगम ने इसे देखते हुए प्रस्ताव
निरस्त कर दिया। अब संविदा कर्मियों की भर्ती पहले की तरह होती रहेगी।
यूपी
रोडवेज वर्कर्स यूनियन की अगुवाई में सुबह आंदोलन शुरू हुआ। 12 बजे तक
लगभग 500 कर्मचारी जुट गए। यूनियन के संरक्षक केएस वाजपेयी और अध्यक्ष
हकदाद खां ने बताया कि प्रबंध निदेशक को नोटिस दे दिया गया था कि संविदा
कर्मियों के हक से खिलवाड़ हुआ तो प्रदेश में बसों का चक्का जाम हो जाएगा।
जब तक निदेशक मंडल की बैठक चली, कर्मचारी वहां डटे रहे। एक अफसर ने दोपहर
दो बजे सूचना भेजी कि आप आंदोलन खत्म कर दें, संविदा कर्मचारी एजेंसी को
नहीं सौंपे जाएंगे। फिर भी कर्मियों की सभा शाम 5 बजे तक चलती रही।