लखनऊ। प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों को मिलने वाली कंपोजिट ग्रांट की 10 प्रतिशत राशि अब स्वच्छता मद में खर्च की जाएगी। राज्य परियोजना निदेशालय ने राजधानी समेत प्रदेश के सभी राजकीय माध्यमिक विद्यालयों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं।
निर्देशों के अनुसार, स्वच्छता राशि से विद्यालयों की साफ-सफाई, बागवानी तथा स्वच्छता से जुड़े उपकरणों की खरीद की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि विद्यालय परिसर में किसी भी प्रकार की गंदगी न रहे और शैक्षिक वातावरण बेहतर बने, इसके लिए विशेष ध्यान दिया जाएगा।
कंपोजिट ग्रांट से रनिंग वाटर सप्लाई, पेयजल व्यवस्था, विद्यालय भवन की मरम्मत, स्टेशनरी, इंटरनेट और वाई-फाई जैसी मूलभूत सुविधाओं को भी सुदृढ़ किया जाएगा। निदेशालय ने यह भी निर्देश दिए हैं कि एक वर्ष के भीतर पूरी ग्रांट राशि खर्च करना अनिवार्य होगा।
विद्यालयों में हुए कार्यों की समीक्षा और निरीक्षण संयुक्त शिक्षा निदेशक स्तर पर किया जाएगा। राजधानी के कम से कम 10 प्रतिशत राजकीय विद्यालयों का भौतिक निरीक्षण कर रिपोर्ट निदेशालय को भेजनी होगी। सामग्री की गुणवत्ता और रखरखाव की जिम्मेदारी विद्यालय के प्रधानाचार्य की होगी।
छात्र संख्या के आधार पर जारी होंगे कंपोजिट ग्रांट
एक हजार से अधिक छात्र संख्या वाले राजकीय विद्यालय को एक लाख रुपये कंपोजिट ग्रांट की राशि दी जाएगी। 1000 से कम संख्या वाले विद्यालय को 75 हजार, 250 कम संख्या पर 50 हजार और 100 से कम संख्या वाले राजकीय विद्यालय को 25 हजार रुपये की राशि आवंटित करने की व्यवस्था की गई है।