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यूपीः 10 लाख लोगों को मिलेगी बिल्कुल मुफ्त बिजली!

Wed, 29 Jul 2015 10:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ
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शहरी क्षेत्र के अनमीटर्ड उपभोक्ताओं को बृहस्पतिवार से मुफ्त बिजली मिलेगी। इन उपभोक्ताओं के यहां मीटर लगाने के लिए राज्य विद्युत नियामक आयोग की ओर से तय की गई समयसीमा बुधवार को समाप्त हो रही है।
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बिजली कंपनियां अब भी करीब 10 लाख उपभोक्ताओं के यहां मीटर नहीं लगा पाई हैं। हालांकि पावर कॉर्पोरेशन ने मीटर लगाने की समयसीमा छह माह बढ़ाने के लिए आयोग में याचिका दायर की है लेकिन इस पर अभी तक कोई निर्णय न होने की वजह से 29 जुलाई के बाद अनमीटर्ड उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली देने संबंधी आदेश लागू होना तय माना जा रहा है।

आयोग इस पर 11 अगस्त को सुनवाई करेगा।बिजली कंपनियां बिना मीटर तथा खराब मीटर वाले उपभोक्ताओं के लिए 155 यूनिट प्रति किलोवाट प्रतिमाह की खपत तय करते हुए नॉरमेटिव बिलिंग कर रही हैं।
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आयोग ने बिजली कंपनियों को दी थी चेतावनी

इस पर आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए 29 मई को आदेश जारी किया था कि अगर दो माह में इन सभी उपभोक्ताओं के यहां मीटर नहीं लगाए जाते हैं तो बिजली कंपनियां उनसे बिजली का बिल नहीं वसूल सकेंगी।

आयोग ने अपने इस फैसले को टैरिफ आर्डर से जोड़ दिया है इसलिए इसे मानना बिजली कंपनियों के लिए बाध्यकारी भी हो गया है।

नॉरमेटिव बिलिंग के खिलाफ याचिका दायर करने वाले राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा का कहना है कि आयोग द्वारा 29 मई के जारी आदेश की समय सीमा बुधवार को समाप्त हो जाएगी।

चूंकि इसे टैरिफ आर्डर का हिस्सा बना दिया गया है इसलिए बिजली कंपनियों के पास अब अनमीटर्ड उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली देने के सिवा कोई रास्ता नहीं बचा है। आयोग एक अर्द्ध न्यायिक संस्था है।

उसके किसी भी आदेश में फेरबदल की कोई गुंजाइश नहीं है क्योंकि न तो आयोग ने इसमें कोई बदलाव किया है और न ही स्थगनादेश दिया है। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य की बात है कि बिजली कंपनियां कीमत वसूलने के बाद भी मीटर नहीं लगा रही हैं और मनमाने ढंग से नॉरमेटिव बिलिंग करके पैसा वसूल रही हैं।
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किस्तों पर प्री-पेड मीटर देने का आदेश जारी करें

उपभोक्ता परिषद ने नियामक आयोग द्वारा प्री-पेड मीटर की कीमत 12 किस्तों में वसूले जाने की दी गई सुविधा को लागू न करने के लिए पावर कॉर्पोरेशन को आड़े हाथों लेते हुए कहा है कि अगर जल्द इसका आदेश जारी न किया गया तो अवमानना याचिका दायर की जाएगी।

परिषद का कहना है कि बहुत से उपभोक्ता हैं जो एक साथ सिंगल फेज मीटर का मूल्य 6 हजार व थ्री फेज मीटर का मूल्य लगभग 12 हजार रुपये नहीं दे सकते।

नियामक आयोग ने ऐसे उपभोक्ताओं को किस्त पर प्री-पेड मीटर देने को कहा है किंतु पावर कॉर्पोरेशन की ओर से इस बाबत कोई आदेश जारी न किए जाने से गरीब झुग्गी-झोपड़ी व पटरी दुकानदारों को कनेक्शन लेने में दिक्कत हो रही है।
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