लर्नर लाइसेंस की फेसलेस व्यवस्था की गड़बड़ियां आवेदकों के लिए मुसीबत बनी हुई हैं। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय(मोर्थ) ने ऑनलाइन व्यवस्था की जिम्मेदारी एनआईसी को दी है। लाइसेंस बनवाने के लिए दस प्रमाणपत्रों को मान्यता दी गई है। लेकिन एनआईसी के सॉफ्टवेयर सारथी पोर्टल पर आधारकार्ड अनिवार्य है, जिससे आवेदकों को लाइसेंस बनवाने में दिक्कतें पेश आती हैं।
फेसलेस लर्नर लाइसेंस में नौकरीपेशा सर्वाधिक दिक्कतों का सामना करते हैं। उन्हें अपने मूल जिले जाना पड़ता है। व्यवस्था के तहत अन्य प्रमाणपत्र स्वीकार नहीं होंगे। जबकि उसके पास लखनऊ के कार्यालय या कॉलेज का प्रमाणपत्र है। ट्रांसपोर्टनगर स्थिति आरटीओ में रोजाना ऐसे आवेदक अपनी परेशानी लेकर आते हैं। वे मोटर व्हीकल एक्ट का हवाला भी देते हैं। लेकिन स्थायी लाइसेंस के लिए मूल पते वाले जिले में ही जाना पड़ता है।
आवेदक बताते हैं कि नए आधारकार्ड में पिता का नाम नहीं दर्ज हो रहा है। इससे फॉर्म अपलोडिंग में दिक्कतें आती हैं। इसके अलावा नाम में स्पेशल कैरेक्टर है तो पोर्टल उसे लोड नहीं करता। डॉट, Smt. Km. आदि होने पर भी हो रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि आवेदक जाएं तो कहां जाएं।