महानगर के भाऊराव देवरस अस्पताल में 23 लाख की लागत से दस बेड की इमरजेंसी बनकर तैयार हो गई है। वहीं छह बेड का आईसीयू भी बनाया गया है। अभी तक गंभीर मरीजों को प्राथमिक उपचार देकर दूसरे सेंटर भेज दिया जाता था। अस्पताल की इमरजेंसी का उद्घाटन दो मार्च को स्वास्थ्य मंत्री करेंगे।
बीआरडी महानगर संयुक्त चिकित्सालय में अभी करीब 70 बेड की क्षमता है। यहां पर सीजेरियन समेत जनरल सर्जरी, नेत्र रोग समेत अन्य सर्जरी हो रही हैं। अस्पताल सीएमएस डॉ. आरसी सिंह के मुताबिक औपचारिक उद्घाटन के बाद मरीजों को यहां पर इमरजेंसी सुविधाएं मिलने लगेंगी।
बेड की क्षमता भी बढ़ेगी
अस्पताल प्रशासन ने यहां बेड की संख्या बढ़ाने की भी तैयारी की है। अस्पताल को 100 बेड की स्वीकृति मिली हुई है। जबकि अभी यहां पर मरीज कम होने से बेड नहीं बढ़ाए जा सके थे। सीएमएस का कहना है कि बेड बढ़ाए जाएंगे। साथ ही अस्पताल में कई नए विशेषज्ञ भी तैनात कि ए जाने के लिए पत्र भेजा गया है।
लोहिया में बना मैटरनल आईसीयू, संस्थान में मनाया गया एनेस्थीसिया विभाग का 10वां स्थापना दिवस समारोह
लोहिया संस्थान के शहीद पथ स्थित मातृ शिशु रेफरल हॉस्पिटल में मैटरनल आईसीयू तैयार हो गया है। यह 13 बेड का है। इसमें उन महिलाओं को भर्ती किया जाएगा, जिनका प्रसव के दौरान ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। जरूरी तत्व एल्ब्यूमिन कम होने से शरीर में सूजन आ जाती है। इन्हें सही समय पर इलाज नहीं मिलने पर जान तक चली जाती है। मैटनरल आईसीयू बनने से ऐसी महिलाओं को बचाया जा सकेगा। यह जानकारी एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. दीपक मालवीय ने दी। वह रविवार को विभाग के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे।
डॉ. मालवीय ने दावा किया कि लोहिया संस्थान का मैटरनल आईसीयू प्रदेश का अपनी तरह का पहला केंद्र होगा। इससे मातृ मृत्युदर में कमी लाने में मदद मिलेगी। कोविड मरीजों की संख्या कम होते ही इसे चालू कर दिया जाएगा। उन्होंने विभाग की उपलब्धियां गिनवाईं। विवेकानंद पॉली क्लीनिक के डॉ. टी प्रभाकर ने कहा कि मरीज के सफल ऑपरेशन में एनेस्थीसिया की अहम भूमिका है। इस दौरान संस्थान के निदेशक डॉ. एके सिंह, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विक्रम सिंह, डॉ. पीके दास, डॉ. श्रीकेश सिंह आदि मौजूद रहे।