मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को एमएसएमई लोन मेला में प्रदेश की 3,54,825 एमएसएमई इकाइयों को 10,390 करोड़ का ऋण वितरित किया। इनमें 29,914 नई इकाइयां भी शामिल हैं, जिन्हें 1,316 करोड़ का ऋण दिया गया। इस अवसर पर योगी ने कहा कि सूक्ष्म, लघु व मध्यम श्रेणी के उद्योगों और परंपरागत शिल्पकारों के विकास के लिए प्रदेश सरकार हर संभव मदद करेगी। ये उद्योग ही ‘आत्मनिर्भर भारत’ के स्वप्न के साकार होने का आधार हैं।
सीएम ने अपने सरकारी आवास पर आयोजित मेले में कहा कि प्रदेश में अपना नया उद्यम शुरू करने वाले किसी भी युवा को पूंजी की कमी नहीं होने दी जाएगी। प्रत्येक उद्यमी को आवश्यकतानुसार ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है और आगे भी जारी रहेगा। वर्चुअल माध्यम से संपन्न कार्यक्रम में सीएम ने खुद 9 उद्यमियों को ऋण वितरित किया गया। बाकी को जिले स्तर पर ऋण दिया गया। सीएम ने लाभार्थियों से वर्चुअल संवाद भी किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में एमएसएमई इकाइयां आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हैं। हाल ही में 15 इकाइयों ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में अपनी लिस्टिंग कराकर अपने विकास के लिए पूंजी की जरूरतों को पूरा करने का प्रयास किया है। यह अभिनव प्रयास अन्य इकाइयों के लिए प्रेरक भी है।
5,000 शिल्पियों को टूल-किट
कार्यक्रम में एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) योजनाओं से लाभान्वित 5,000 शिल्पियों को हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट, टेक्सटाइल, मेटल शिल्प, खाद्य प्रसंस्करण, पॉटरी आदि से संबंधित नि:शुल्क टूल किट प्रदान किया गया।