किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय प्रशासन ने सोमवार को छोटी जुबिली स्थित 1.8 एकड़ जमीन से अवैध कब्जा हटाया। यह जमीन सरकार की ओर से केजीएमयू को विस्तार के लिए दी गई है। संस्थान प्रशासन ने यहां पैरामेडिकल संकाय बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है।
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स्थान का अभाव झेल रहे किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय को प्रदेश सरकार की ओर से 2.5 एकड़ जमीन दी गई है। इसका कुछ हिस्सा छोटी जुबिली के पास है। इस जमीन पर काफी समय से कुछ लोग रह रहे हैं। केजीएमयू प्रवक्ता प्रो. केके सिंह के मुताबिक, यह जमीन वर्ष 2023 में केजीएमयू को दी गई थी। इस साल जुलाई में यह जमीन विवि को हस्तांतरित कर दी गई। इस जमीन पर काफी लोग अवैध रूप से घर बनाकर रह रहे थे। इसलिए पिछले चार महीने में इनको चार नोटिस जारी किए गए। इसके बावजूद इन लोगों ने जमीन खाली नहीं की। ऐसे में सोमवार को बुलडोजर चलाकर अवैध कब्जे हटा दिए गए।
केजीएमयू की विस्तार की योजना काफी समय से चल रही है। एक बार हरदोई रोड पर जमीन मिलने की बात भी तय हो गई थी, लेकिन फिर प्रस्ताव खारिज हो गया। केजीएमयू शहर के बीच में स्थित है। यहां एक के बाद एक भवन बनने के बाद स्थान का काफी अभाव हो गया है। इससे विवि प्रशासन सरकार से लगातार जमीन की मांग कर रहा है। जमीन मिलने के बाद इसके विस्तार की योजना में तेजी आएगी।
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बनेगा नया भवन, चलेंगे पाठ्यक्रम
खाली कराई गई जमीन पर कॉलेज ऑफ पैरामेडिकल संकाय खोलने की योजना है। यहां बैचलर ऑफ रेडियोथेरेपी, बैचलर ऑफ एक्सरे टेक्नीशियन, ऑप्थल्मोलॉजी, ओटी टेक्नीशियन, फिजियोथेरेपी समेत दूसरे बैचलर कोर्स चलाए जाएंगे।
चार एकड़ जमीन भी आएगी कब्जे में
केजीएमयू को अभी राजकीय कन्या इंटर कॉलेज शहमीना रोड की जमीन भी मिलनी है। यह जमीन करीब चार एकड़ है। इसके लिए कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है। कॉलेज का नया भवन बनने के बाद केजीएमयू इसका कब्जा ले लेगा। इस जमीन पर मरीजों के लिए वार्ड बनाने की योजना है।
40 साल से रह रहे थे, अब कहां जाएंगे
अवैध कब्जा हटाने के लिए जैसे ही केजीएमयू प्रशासन की टीम पुलिस और बुलडोजर लेकर पहुंची, वहां अफरातफरी मच गई। लोगों का कहना था कि वे यहां 40 साल से रह रहे हैं, अब कहां जाएंगे। अपना घर टूटता देख महिलाएं रोने लगीं, कई गश खाकर गिर पड़ीं। एक बार बुलडोजर चलना शुरू हुआ तो फिर कुछ ही घंटे में वहां मलबा ही नजर आने लगा। केजीएमयू प्रशासन ने अभी परिसर में मौजूद पुराने सरकारी भवनों को नहीं ढहाया है। इन भवनों की नीलामी की जाएगी। इसके बाद ही उन्हें गिराकर नए भवन का काम शुरू होगा।