लखनऊ। सरकारी शराब व बीयर की दुकानों पर आपूर्ति लेकर एक लाइसेंसधारी ग्रुप ने ट्रेडिंग कंपनी के 1.65 करोड़ रुपये हड़प लिए। कंपनी के लेखाकार ने भुगतान के लिए कहा तो आरोपियों ने असलहे दिखाकर धमकी दे डाली। पीड़ित ने एसीपी कैंट डॉ. बीनू सिंह से संपर्क कर शिकायत की। एसीपी केनिर्देश पर पीजीआई थाने में ग्रुप के मालिक सहित छह के खिलाफ जालसाजी व अमानत में ख्यानत का केस दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
प्रभारी निरीक्षक पीजीआई आशीष द्विवेदी के मुताबिक, मेरठ के जागृति विहार निवासी ललित परिहार प्रकाश ट्रेडिंग कंपनी में लेखाकार के पद पर तैनात है। कंपनी का कार्यालय सरेाजनीनगर केगिंदनखेड़ा में है। ललित के मुताबिक उनकी कंपनी लखनऊ के सभी सरकारी शराब व बीयर की दुकानों पर सामान की आपूर्ति करती है। आपूर्ति पर जो भी रुपये कंपनी को मिलते हैं। उसका लेखा जोखा तैयार करते हैं। एक अप्रैल 2017 से 31 मार्च 2018 तक शराब व बीयर लाइसेंस धारी पीजीआई के कुम्हार मंडी तेलीबाग निवासी सुरेश यादव उनके भाई दिनेश चंद्र यादव, अमित यादव, हनुमान प्रसाद यादव, राजेश यादव व सुनीता यादव को 12.12 करोड़ रुपये का माल बेचा था। आरोपियों ने 10.46 करोड़ रुपये कंपनी को भुगतान कर दिये। बाकी 1.65 करोड़ रुपये नहीं दे रहे थे।
पीड़ित के मुताबिक, भुगतान की बात जब भी करता तो टालमटोल करने लगते। दबाव बनाने पर सुरेश यादव व उनके सहयोगियों ने असलहा तानकर जान से मारने की धमकी दी। ठगी की जानकारी कंपनी के मालिकों को दिया। इसके बाद ललित ने एसीपी कैंट बीनू सिंह से संपर्क किया। उनसे शिकायत की। एसीपी के निर्देश पर सुरेश, दिनेश, अमित, हनुमान, राजेश और सुनीता के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में ख्यानत और जान से मारने की धमकी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।