सड़क हादसों को रोकने के लिए जीरो फैटेलिटी डिस्ट्रिक्ट योजना चलाई जा रही है। जनवरी से अगस्त 2026 के बीच इस योजना से 1107 लोगों की जान बचाने में सफलता मिली है। इस अवधि में सड़क दुर्घटनाओं में 6.97 प्रतिशत, मृतकों में 8.03 प्रतिशत और घायलों में 6.11 प्रतिशत की कमी आई, जिससे कुल 1255 दुर्घटनाएं कम हुईं।
प्रदेश के 59 जिलों के 213 दुर्घटना बाहुल्य स्थानों पर 228 क्रिटिकल कॉरिडोर टीमें सक्रिय हैं। कुल 700 सबसे ज्यादा दुर्घटना वाले स्थानों को योजना के दायरे में लिया गया है। इन टीमों का जोर हादसे रोकने पर है, न कि बाद की कार्रवाई पर। सोमवार को पुलिस मुख्यालय में योजना के तीसरे और चौथे चरण की टीम प्रभारियों की कार्यशाला हुई। पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने हादसों के मूल कारणों की वैज्ञानिक पहचान के निर्देश दिए। उन्होंने ब्लैक स्पॉट, सड़क की खामियों और तेज रफ्तार जैसे कारणों को दूर करने को कहा।
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टीमों का प्रशिक्षण और सम्मान
क्रिटिकल कॉरिडोर टीमों को सड़क सुरक्षा, मोटर वाहन अधिनियम और दुर्घटना जांच का प्रशिक्षण दिया गया। उन्हें प्राथमिक उपचार और सीपीआर का भी प्रशिक्षण मिला। इंटरसेप्टर के प्रभावी इस्तेमाल के निर्देश भी दिए गए। डीजीपी ने कहा कि टीमों का मुख्य लक्ष्य हादसों की पुनरावृत्ति रोकना और लोगों की जान बचाना है। योजना में बेहतर काम करने वाली कानपुर के विधनू, बाराबंकी और सुल्तानपुर की टीमों को सम्मानित किया गया।