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नेताजी! इस कमेटी में 123 सदस्य?

Fri, 02 Aug 2013 03:58 PM IST
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
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रेवड़ी की तरह बंटे मनोनयन से जिला स्तर पर गठित दूर संचार सलाहकार समिति (टीएसी) सदस्यों का एक बड़ा कुनबा बन गयी है।
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अपने चहेते समर्थकों को खुश रखने को केंद्रीय मंत्रियों व सांसदों ने खुले दिल से सदस्यों को इस कमेटी में नामित किया है।

इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अधिकतम बीस सदस्यों वाली टीएसी में अब तक 123 सदस्यों का मनोनयन केंद्रीय दूर संचार मंत्रालय की तरफ से किया जा चुका है।

इतनी बड़ी सदस्य संख्या वाली गठित इस कमेटी का संचालन व नामित सदस्यों की इच्छाओं को पूरा करना अब बीएसएनएल अधिकारियों के लिए मुसीबत बनता दिखने लगा है।

दूरसंचार विभाग के कामकाज में जनसमुदाय की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए सलाहकार समिति गठित करने का प्रावधान है। इसमें केंद्रीय मंत्रियों व सांसदों के स्तर से अधिकतम दो सदस्यों को नामित कराने का अधिकार है।
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बीस सदस्यों वाली जिला टीएसी में बीते कार्यकाल तक अधिकतम 26 सदस्य नामित थे, लेकिन वर्तमान कमेटी में राजनेताओं द्वारा रेवड़ी की तरह बांटे गए सदस्यों के मनोनयन से इसकी संख्या 123 तक पहुंच गयी है।

वहीं, बैठक में सभी सदस्यों को सभागार में बैठाना तक अधिकारियों के लिए परेशानी बन गई है। बीते बुधवार को इंदिरा नगर एक्सचेंज के सभागार में हुई कमेटी की बैठक में इसका नजारा साफ दिखा।

जब राउंड टेबल के किनारे लगी पचास कुर्सियों के भर जाने के बाद सभागार में अलग-अलग स्थानों पर कुर्सी लगवा कर हिस्सेदारी करने आए सदस्यों को बैठाने की व्यवस्था करानी पड़ी।

यह स्थिति तब थी, जबकि बैठक में तीस से अधिक सदस्य आए ही नहीं थे। रुतबा बढ़ाने लगी नेम प्लेट कमेटी में नामित इन सदस्यों में सर्वाधिक संख्या कांग्रेसी नेताओं के जरिए मनोनीत हुए सदस्यों की है।

इसके बाद भाजपा व सपा के सदस्य आते हैं। बसपा नेताओं द्वारा नामित इक्का दुक्का सदस्य ही कमेटी में दिखाई पड़ते हैं।

कुछ तो ऐसे सदस्य भी कमेटी में नामित हुए है जो शहर में फुटकर खाद्य सामग्री बेचने का कार्य करते हैं। जबकि कुछ अन्य एनजीओ से जुड़े हैं।

कुछ मनोनीत सदस्य तो अब अपने वाहनों में भारत सरकार के चिह्न लगी प्लेट पर सदस्य दूर संचार सलाहकार समिति लिखवा कर रुतबा गांठने में लगे हैं।

जिद पूरी कराने को खरीदी शॉल
बीएसएनएल के अधिकारी भी टीएसी के इस भारी भरकम कुनबे की अलग-अलग मांगों को पूरा करने को लेकर परेशान है। बुधवार को हुई बैठक में तो एक सदस्य इस जिद पर ही अड़ गए कि हिस्सेदारी करने वाले सभी सदस्यों को विभाग की तरफ से गरम शॉल गिफ्ट दी जाए।
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मजबूरी में सदस्यों की भावना का सम्मान करते हुए अधिकारियों को गाढ़ा भंडार से करीब डेढ़ सौ शाल खरीद कर सदस्यों में वितरित करानी पड़ी।

अब कुछ सदस्य बीएसएनएल कार्यालयों में टीएसी सदस्यों के लिए स्थायी तौर पर अलग कार्यालय कक्ष मुहैया कराने तो कुछ टीएसी सदस्यों को मुफ्त बेसिक फोन सुविधा दिलाने और कुछ वैनेटी नंबरों के वितरण में टीएसी सदस्यों की सहभागिता मांगने लगे हैं।
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