संयुक्त राष्ट्र की शिपिंग एजेंसी ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर टोल लगाने के प्रस्ताव को खतरनाक बताया है। एजेंसी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर इस तरह का शुल्क लगाना गलत परंपरा शुरू कर सकता है, जिससे वैश्विक व्यापार प्रभावित होगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान जहाजों से भारी शुल्क लेने पर विचार कर रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस गुजरता है। ऐसे में इस पर टोल लगाने का फैसला वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
इस्राइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने लेबनान के साथ सीधे बातचीत शुरू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बेरूत की ओर से बातचीत के संकेत मिलने के बाद यह फैसला लिया गया है और जल्द ही वार्ता शुरू की जाएगी। हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच हुए संघर्ष विराम के बाद भी लेबनान पर इस्राइली हमले जारी रहे। इसको लेकर विवाद भी हुआ कि क्या लेबनान इस समझौते का हिस्सा है या नहीं। ऐसे में अब सीधी बातचीत को तनाव कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ ने कहा है कि इस्राइल के साथ जारी तनाव का समाधान सिर्फ युद्धविराम से ही संभव है। उन्होंने बताया कि संघर्ष विराम को लेकर प्रस्ताव रखा गया है और इस्राइल के साथ सीधे बातचीत की शुरुआत भी हो चुकी है। राष्ट्रपति ने कहा कि अब तक इस प्रस्ताव को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मौजूदा हालात में शांति बहाल करने के लिए युद्धविराम जरूरी है। यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में तनाव लगातार बना हुआ है और दोनों देशों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है।
पश्चिम एशिया संकट के बीच एक बार फिर से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो पर सवाल उठाए हैं। ट्रंप ने कहा कि ये संस्था तब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाती जब तक उन पर भारी दबाव न बनाया जाए। ईरान के साथ तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो सहयोगियों से आगे आने की अपील की थी। लेकिन ब्रिटेन ने कहा था कि यह हमारी जंग नहीं है।
ब्रिटेन और नॉर्वे की सेनाओं ने उत्तरी अटलांटिक महासागर में बड़ा सैन्य अभियान चलाकर रूसी पनडुब्बियों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। रक्षा मंत्री जॉन हीली के अनुसार, रूस की तीन पनडुब्बियां समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबल्स और गैस पाइपलाइनों के पास संदिग्ध गतिविधियों में लगी थीं, जिन्हें ब्रिटिश जहाजों और विमानों ने घेर लिया। ब्रिटेन ने रूस को साफ चेतावनी दी है कि समुद्र के नीचे मौजूद इन महत्वपूर्ण संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि हिजबुल्लाह के खिलाफ उनके हमले रुकने वाले नहीं हैं। लेबनान में हुए भीषण हमलों के बाद नेतन्याहू ने कहा कि इस्राइली सेना पूरी ताकत और सटीक रणनीति के साथ हिजबुल्लाह को निशाना बना रही है। उन्होंने कहा कि जो कोई भी इस्राइली नागरिकों को नुकसान पहुंचाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। नेतन्याहू ने आगे कहा कि जब तक उत्तरी इस्राइल के निवासी अपने घरों में सुरक्षित वापस नहीं लौट जाते, तब तक हिजबुल्लाह के ठिकानों पर जहां भी जरूरी होगा, हमला जारी रहेगा। नेतन्याहू के बयान ने पश्चिम एशिया में एक बार फिर से तनाव बढ़ा दिया है।
सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान बिन अब्दुल्लाह को ईरान के विदेश मंत्री अब्दुल्ला अराघची का फोन आया। सऊदी विदेश मंत्रालय के ट्वीट के अनुसार इस बातचीत के दौरान दोनों ने हाल की परिस्थितियों की समीक्षा की और क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता बहाल करने के लिए तनाव कम करने के उपायों पर चर्चा की।
इस्राइली सेना इस्राइल डिफेंस फोर्सेज ने दावा किया है कि उसने लेबनान में हिजबुल्ला से जुड़े महत्वपूर्ण ठिकानों और नेटवर्क को निशाना बनाया है। आईडीएफ के अनुसार, अली यूसुफ हर्शी, जो हिजबुल्ला के महासचिव नईम कासिम के निजी सचिव और करीबी सलाहकार थे, संगठन के संचालन में अहम भूमिका निभाते थे।
सेना का कहना है कि हर्शी कासिम के कार्यालय के प्रबंधन और सुरक्षा से जुड़े प्रमुख काम संभालते थे, जिससे उनकी संगठन में महत्वपूर्ण स्थिति थी। इसके अलावा, इस्राइली सेना ने दक्षिण लेबनान में लितानी नदी के दक्षिण हिस्से में हिजबुल्ला द्वारा हथियारों के परिवहन के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले दो अहम मार्गों को भी निशाना बनाया। आईडीएफ ने दावा किया कि इस कार्रवाई में करीब 10 हथियार भंडारण केंद्र, लॉन्चर और कमांड सेंटर भी तबाह किए गए हैं।
स्पेन ने ईरान की राजधानी तेहरान में अपना दूतावास दोबारा खोलने का फैसला किया है। स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बेरेस ने कहा कि उन्होंने तेहरान में अपने राजदूत को वापस लौटने और पदभार संभालने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि स्पेन इस कदम के जरिए क्षेत्र में शांति प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभाना चाहता है। अलबारेस ने कहा हम हर संभव स्तर पर शांति बहाल करने की कोशिशों में शामिल होंगे, जिसमें तेहरान से भी पहल की जाएगी।
लेबनान के दक्षिणी शहरों पर इस्राइली हमले जारी हैं। अल-जजीरा अरबी की रिपोर्ट के अनुसार, इस्राइल ने लेबनान के दक्षिणी शहर हब्बूश पर हमला किया। इससे पहले हारूफ और अल दुवैर में भी इस्राइली हमले दर्ज किए गए थे।
ईरान के पाकिस्तान में राजदूत रेजा अमीरी मोघदम ने बताया कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल आज रात इस्लामाबाद के लिए रवाना होगा। प्रतिनिधिमंडल ईरान की 10-बिंदु शांति योजना पर आधारित वार्ता करेगा। मोगादम ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि इस कदम के बावजूद ईरानियों में इस बात को लेकर संदेह है कि इस्राइली सरकार कूटनीतिक पहल को विफल करने का प्रयास कर सकती है।
ब्रिटिश विदेश सचिव इवेट कूपर ने कहा कि अमेरिकी-ईरान सीजफायर में लेबनान को भी शामिल किया जाना चाहिए, जहां इजरायल ने घातक हमले जारी रखे हैं। कूपर ने रॉयटर्स को बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से मालवाहन शिपिंग शुल्क-मुक्त होनी चाहिए, और ईरान द्वारा संभावित शुल्क लगाने की रिपोर्टों को खारिज किया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंपने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक बयान देते हुए कहा कि अमेरिका की सैन्य ताकत ईरान और उसके आस-पास तब तक मौजूद रहेगी जब तक असल समझौते का पूर्ण पालन नहीं हो जाता।
ट्रंप ने कहा इसमें अमेरिकी जहाज, विमान और सैनिक शामिल होंगे, साथ ही अतिरिक्त गोला-बारूद, हथियार और वह सब कुछ जो दुश्मन के कमजोर किए गए ढांचे को पूरी तरह नष्ट करने के लिए जरूरी हो। राष्ट्रपति ने चेतावनी दी कि समझौते का पालन किसी भी कारण से नहीं हुआ, तो कार्रवाई बड़ी, मजबूत और ऐसी होगी जो किसी ने पहले कभी नहीं देखी।
ट्रंप ने आगे कहा यह लंबे समय पहले तय हुआ था और सभी झूठी बातें और बयानबाजी के बावजूद कोई परमाणु हथियार नहीं होंगे और होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह सुरक्षित और खुला रहेगा।
इस्राइली सेना ने जानकारी दी है कि लेबनान की ओर से उत्तरी इस्राइल की दिशा में दागे गए एक रॉकेट को सफलतापूर्वक हवा में ही रोक दिया गया। इस हमले के बाद गलील क्षेत्र में हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन बज उठे, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब इस्राइल ने हाल ही में लेबनान पर अब तक के सबसे बड़े हमलों में से एक को अंजाम दिया है। इन हमलों में सैकड़ों लोगों की मौत हुई है और कई अन्य घायल हुए हैं।
अमेरिका और ईरान के दो हफ्तों के युद्धविराम के बावजूद, इस्राइली सेनाओं ने लेबनान में अब तक के सबसे भयंकर दिन में कम से कम 254 लोगों की हत्या की।
ईरानी अधिकारियों का कहना है कि अमेरिका और इस्राइल ने समझौते की शर्तों का उल्लंघन किया और कहा कि लेबनान युद्धविराम में शामिल नहीं है।
व्हाइट हाउस ने ईरान के 10-बिंदु प्रस्ताव को खारिज कर दिया, जबकि ट्रंप ने इसे वार्ता के लिए ठीक माना था।
गाजा में इस्राइली ड्रोन हमले में अल जज़ीरा पत्रकार मोहम्मद विशाह की मौत हो गई।
ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड (IRGC) नौसेना ने समुद्री खानों से बचने के लिए नए पारगमन मार्ग घोषित किए, ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य युद्धविराम के तहत खोलने का वादा पूरा किया जा सके।
इस्राइली सेना ने एक बार फिर बेरूत के दक्षिणी इलाकों पर हमला किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हमला शहर के दक्षिणी उपनगरों में किया गया। इसके अलावा इस्राइल ने दक्षिणी लेबनान के कई कस्बों सफाद अल-बत्तिख, माजदल सेलेम, चाकरा और खेरबेत सेलेम पर भी बमबारी की है। हालांकि अभी हमलों में हुए नुकसान और हताहतों की पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। स्थिति को लेकर लगातार अपडेट का इंतजार किया जा रहा है।
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) की नौसेना ने होर्मुज में जहाजों की आवाजाही के लिए नए वैकल्पिक रास्तों का एलान किया है। यह कदम समुद्र में संभावित बारूदी सुरंगों (माइंस) से जहाजों को सुरक्षित रखने के लिए उठाया गया है। ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक, IRGC नौसेना ने सभी जहाजों को निर्देश दिया है कि वे इन तय मार्गों का पालन करें और उनकी निगरानी में ही गुजरें।
क्या हैं नए रास्ते?
प्रवेश: ओमान सागर से आते हुए जहाज पहले लारक द्वीप के उत्तर से गुजरेंगे और फिर खाड़ी की ओर बढ़ेंगे।
निकास: खाड़ी से निकलते समय जहाज लारक द्वीप के दक्षिण से गुजरते हुए ओमान सागर की ओर जाएंगे।
ईरान का कहना है कि इन नए रास्तों से जहाजों को सुरक्षित तरीके से गुजरने में मदद मिलेगी और किसी भी खतरे से बचाया जा सकेगा।
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्वीट कर कहा कि इस्राइल ने अब तक की लड़ाई में शानदार जीत हासिल की है, जो पहले असंभव लगती थी। उनका कहना है कि अब ईरान पहले से कमजोर और इस्राइल पहले से मजबूत है। नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि अभी भी कुछ लक्ष्य बाकी हैं, जिन्हें पूरा किया जाएगा – चाहे सहमति से हो या लड़ाई फिर से शुरू करके। उनका बयान इस्राइल की सैन्य ताकत और आगामी रणनीति की ओर इशारा करता है।
व्हाइट हाउस ने ट्वीट कर बताया कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपनी सभी रणनीतिक लक्ष्यों को समय पर और योजना के मुताबिक हासिल कर लिया है। ट्वीट में कहा गया है कि ईरान की नौसेना पूरी तरह नष्ट कर दी गई है, उसकी रक्षा औद्योगिक क्षमता भी तबाह कर दी गई है और उसके न्यूक्लियर हथियार बनाने के सभी प्रयासों को रोक दिया गया है। व्हाइट हाउस ने यह भी दावा किया कि ईरान की क्षेत्र में किसी भी तरह की धमकी देने की क्षमता अब व्यवस्थित रूप से समाप्त कर दी गई है। यह बयान अमेरिका की सैन्य कार्रवाई और क्षेत्रीय सुरक्षा रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति (ICRC) ने लेबनान में हाल ही में हुई घातक हमलों और व्यापक तबाही पर गहरा आक्रोश जताया है। ICRC ने कहा कि घनी आबादी यानी अधिक आबादी वाले क्षेत्रों में हुए हमलों ने लोगों की जिंदगी और संपत्ति दोनों को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। ICRC ने यह नहीं बताया कि हमलों के पीछे कौन जिम्मेदार है, लेकिन कहा कि वे स्थानीय साझेदारों के साथ मिलकर अस्पतालों में बढ़ते मरीजों की मदद कर रहे हैं, क्योंकि कई मेडिकल सुविधाएं अब पूरी तरह ओवरलोड हो गई हैं।
कैथोलिक धर्म के प्रमुख पोप लियो 14वें ने अमेरिका और ईरान के बीच अस्थायी युद्धविराम की घोषणा पर अपनी संतोषजनक प्रतिक्रिया दी है। बुधवार को सेंट पीटर स्क्वायर में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए पोप ने कहा कि यह खबर उन्हें संतोष और गहरी उम्मीद का प्रतीक के रूप में मिली। उन्होंने इसे क्षेत्र में शांति और स्थिरता की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया। पोप ने सभी पक्षों से शांतिपूर्ण संवाद जारी रखने और तनाव कम करने का आह्वान भी किया।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट किया है। इसमें व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट कह रही हैं कि लेबनान इस दो हफ्तों के युद्धविराम में शामिल नहीं है।बघाई ने लिखा कि अगर यह अमेरिका की तरफ से फिर से वादाखिलाफी नहीं है, तो और क्या है? उन्होंने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के पोस्ट को भी साझा किया, जिसमें कहा गया था कि ईरान और अमेरिका ने लेबनान सहित सभी जगह तत्काल युद्धविराम पर सहमति जताई थी।
तुर्किए के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार शांति और स्थिरता स्थापित करने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को लगातार कमजोर कर रही है। विदेश मंत्रालय ने लेबनान में इस्राइल के बढ़ते हमलों की भी निंदा की और कहा कि इससे वहां की मानवता की स्थिति और बिगड़ रही है। तुर्किए ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि इस्राइल के लेबनान पर कब्जे को तुरंत खत्म कराने के लिए कार्रवाई करें। सूत्रों के अनुसार, इजराइल ने लेबनान के 14 प्रतिशत क्षेत्र को चेतावनी और विस्थापन के दायरे में रखा है और दक्षिणी सीमा के पास कई गांवों को ध्वस्त किया है।