चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने अपने ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची से फोन पर बात की। इस दौरान उन्होंने सभी पक्षों से जल्द से जल्द शांति वार्ता शुरू करने की अपील की। यह जानकारी चीन के विदेश मंत्रालय के बयान में दी गई।
वांग यी ने कहा कि लड़ाई करने से बेहतर बातचीत करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी संवेदनशील मुद्दों का समाधान ताकत के इस्तेमाल से नहीं, बल्कि संवाद और बातचीत से होना चाहिए। वहीं, अराघची ने कहा कि ईरान केवल अस्थायी युद्धविराम नहीं, बल्कि संघर्ष को पूरी तरह खत्म करना चाहता है। उन्होंने मानवीय मदद के लिए चीन को धन्यवाद भी दिया। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह बातचीत ईरान के अनुरोध पर हुई थी। चीन ईरान का एक महत्वपूर्ण साझेदार बना हुआ है। लेकिन उसने यह भी कहा है कि वह खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर ईरान के हमलों का समर्थन नहीं करता और संघर्ष विराम की अपील करता है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मंगलवार को कहा कि उनका देश अमेरिका और ईरान के बीच सार्थक और निर्णायक बातचीत की मेजबानी के लिए तैयार और सम्मानित महसूस करेगा। यह बयान उन मीडिया रिपोर्टों के बाद आया है जिनमें दावा किया गया है कि पाकिस्तान, मिस्र और तुर्किये के साथ मिलकर पश्चिम एशिया में शांति बहाली के लिए पिछले दरवाजे से कोशिशें कर रहा है। शरीफ ने सोशल मीडिया पर कहा कि पाकिस्तान इस क्षेत्र की स्थिरता के लिए संवाद के प्रयासों का पूर्ण समर्थन करता है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने मीडिया से अटकलों से बचने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि कूटनीति में गोपनीयता जरूरी है।
ईरान ने मंगलवार को कहा कि उसने इस्राइल के बेन गुरियन हवाई अड्डा और हाइफा क्षेत्र में बुनियादी ढांचे पर ड्रोन हमले किए हैं। सेना ने बताया कि वह सुबह से ही हवाई अड्डे पर ईंधन भर रहे विमानों पर ड्रोन से हमले कर रही थी। उसने दावा किया कि उसने हवाई अड्डे के पास और हाइफा के सैन्य और एयरोस्पेस औद्योगिक स्थलों को भी निशाना बनाया।
इस्राइल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने कहा कि हिजबुल्ला को तेहरान के समर्थन के कारण लेबनान की ओर से ईरान के राजदूत को निष्कासित करने का कदम उचित है।
फिलीपींस के राष्ट्रपति मार्कोस ने पश्चिम एशिया में जारी जंग के कारण ईंधन आपूर्ति और उर्जा स्थिरता को होने वाले खतरों का हवाला देते हुए राष्ट्रीय उर्जा आपातकाल की घोषणा की। उन्होंने कार्यकारी आदेश में कहा, पश्चिम एशिया में जारी जंग और इसके चलते देश की उर्जा आपूर्ति की उपलब्धता और स्थिर पर पैदा होने वाले तत्काल खतरे को देखते हुए राष्ट्रीय उर्जा आपातकाल की घोषणा की जाती है।
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने इस्राइल को धमकी दी है कि अगर लेबनान में नागरिक ठिकानों पर हमले किए गए तो वे इस्राइल के खिलाफ बड़ा मिसाइल और ड्रोन हमला करेंगे। आईआरजीसी ने आरोप लगाया कि इस्राइल युद्ध के हालात का फायदा उठाकर लेबनान में नागरिक ठिकानों पर हमले कर रहा है।
ईरान के ऊर्जा मंत्री अब्बास अलियाबादी ने ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमलों की धमकी पर कहा कि ईरान की ऊर्जा उत्पादन क्षमता विकेंद्रीकृत है और ईरान तेजी से पावर प्लांट का निर्माण करने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि लोगों को इसे लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है।
शांति वार्ता की चर्चाओं के बीच ईरान के कई शहरों पर हमले हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के तेहरान, तबरिज, इस्फहान और करज जैसे शहरों में हवाई हमले हुए हैं। ये हमले बीते 24 घंटे के दौरान हुए हैं। इन शहरों में धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं।
ईरान के एक सांसद ने अमेरिका के साथ बातचीत शुरू करने से पहले देश के नेतृत्व को आगाह किया है। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी ऐसा हुआ है, जब ईरान अमेरिका के साथ शांति वार्ता कर रहा था तो अमेरिका की तरफ से हमले किए गए। उन्होंने कहा कि ऐसा पहली बार नहीं है जब अमेरिका ने हमसे बातचीत को लेकर झूठ बोला। ईरानी संसद के सदस्य और ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के सदस्य इस्माइल कोवसारी ने कहा कि ट्रंप और नेतन्याहू झूठे हैं और वे बांटने में विश्वास रखते हैं।
इस्राइली सेना ने एक बयान में कहा है कि इस्राइली एयर डिफेंस को सक्रिय किया गया है क्योंकि ईरान की तरफ से मिसाइल हमला हुआ है। सेना ने लोगों को निर्देश मिलते ही बंकर में जाने की सलाह दी है।
कुवैती सेना ने कहा है कि उन पर मिसाइल और ड्रोन्स से हमला हुआ, जिसे कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम ने रोक लिया। हालांकि कुछ ड्रोन्स कुवैत की सीमा में गिरे हैं। कुवैत सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षा निर्देशों का सख्ती से पालन करें।
व्हाइट हाउस प्रेस सचिव कैरोलाइन लीविट ने एएनआई से बातचीत में स्पष्ट किया कि ईरान के अधिकारियों से इस हफ्ते अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, यूएस विशेष शांति मिशन प्रतिनिधि स्टीव विटकोफ और पूर्व सीनियर एडवाइजर जैरेड कुश्नर की संभावित बैठक को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
लीविट ने कहा ये संवेदनशील कूटनीतिक चर्चाएं हैं और अमेरिका प्रेस के माध्यम से कोई बातचीत नहीं करेगा। स्थिति लगातार बदल रही है, इसलिए किसी भी बैठक के बारे में अटकलों को अंतिम न मानें जब तक व्हाइट हाउस द्वारा आधिकारिक रूप से घोषणा नहीं की जाती।
US सेंट्रल कमांड के अनुसार फरवरी 28 से शुरू हुए युद्ध के दौरान अमेरिका ने ईरान में 9,000 से अधिक लक्ष्यों पर हमला किया और 140 ईरानी जहाजों को नष्ट या क्षतिग्रस्त किया। हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान के साथ वार्ता जारी है, CENTCOM ने पुष्टि की कि हमले जारी हैं।
इस्राइल की सेना ने बेरूत में हिजबुल्ला के ढांचे पर नए हमले की घोषणा की है। यह कदम प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की उस घोषणा के बाद आया जिसमें उन्होंने लेबनानी समूह पर हमले जारी रखने का एलान किया था।
संयुक्त राष्ट्र ने लेबनान में हालात की करीबी निगरानी की बात कही है, जहां इस्राइल और हिजबुल्ला के बीच बढ़ता संघर्ष आम नागरिकों के लिए गंभीर पीड़ा पैदा कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा स्वास्थ्य कर्मियों, स्वास्थ्य सुविधाओं और एम्बुलेंस पर लगातार हमले चिंता का विषय हैं।
डबल्यूएचओ के अनुसार अब तक 64 स्वास्थ्य केंद्रों पर हमले हुए हैं, जिसमें 51 लोग मारे गए और 91 घायल हुए। दुजारिक ने बताया कि 1.2 मिलियन से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं और 130,000 से अधिक लोग 600 से अधिक सामूहिक केंद्रों में शरण ले रहे हैं।
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर कहा कि उनकी सुरक्षा बलों ने पिछले कुछ घंटों में पूर्वी प्रांत की ओर बढ़ रहे चार ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। मंत्रालय प्रवक्ता तुर्की अल-मालिकी ने पुष्टि की कि ये ड्रोन पहचाने और निष्क्रिय किए गए थे।
इराकी सशस्त्र समूह सराया अवलिया अल-दम ने अपने टेलीग्राम चैनल पर दावा किया कि उसने उत्तरी इराक के एरबिल में अल-हरिर अमेरिकी ठिकाने पर ड्रोन हमले किए। समूह ने अमेरिकी सैनिकों को बेस से बाहर निकालने की कसम भी खाई।
ओमान की राजधानी मस्कट में अमेरिकी दूतावास ने शरण-निर्देश हटा दिया है, हालांकि दूतावास कर्मचारियों की गतिविधि 50 किलोमीटर (31 मील) के दायरे तक ही सीमित है। स्थानीय ढील के बावजूद, ओमान के अन्य हिस्सों में शरण-निर्देश लागू हैं। दूतावास ने अन्य क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अपनी-निवास, होटलों या अन्य संरचनाओं में बने रहने की सलाह दी।
ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने बताया कि ब्रिटेन का HMS ड्रैगन अब पूर्वी भूमध्य सागर में पहुंच चुका है और यह साइप्रस की सुरक्षा प्रणाली में संचालनात्मक एकीकरण शुरू करने के लिए तैयार है।
युद्धपोत 11 मार्च को ब्रिटेन से रवाना हुआ था और इसे हाल ही में ईरानी ड्रोन हमले से प्रभावित साइप्रस के ब्रिटिश हवाई अड्डे की रक्षा का काम सौंपा गया है। मंत्रालय ने कहा रॉयल एयर फोर्स के टाइफून और F-35 जेट विमानों ने साइप्रस, जॉर्डन, कतर और बहरीन में अपनी रक्षात्मक उड़ान जारी रखी।