विदेश मंत्री एस जयशंकर ने की ईरानी विदेश मंत्री से वार्ता
जॉर्डन ने भी ईरानी ड्रोनों को मार गिराने का किया दावा
जॉर्डन ने दावा किया उसने अपने देश के उत्तरी व मध्य हिस्से से होकर इस्राइल जा रहे कई ईरानी ड्रोनों को मार गिराया। कुछ ड्रोनों को इराक-सीरिया सीमा पर पता लगाकर रोक दिया गया।
इस्राइल-ईरान संघर्ष पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी बयान दिया है। उन्होंने कहा कि हम हालात पर नजर बनाए हुए हैं। जो कुछ भी हो रहा है, वह चिंताजनक है।
अतिरिक्त हेल्पलाइन नंबर जारी किए
ईरान में भारतीय दूतावास ने अपने लोगों की मदद के लिए अतिरिक्त हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।
दूतावास की ओर से जारी किए नंबर
+989128109115
+98993179567
+989932179359
+98-21-88755103-5
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने इस्राइल पर ईरान के हमले को लेकर प्रतिक्रिया दी। इस्राइल पर ईरान के हमले के बाद सुनक ने कहा कि वे ईरान की निंदा करने के साथ-साथ इस्राइल का समर्थन करते हैं। उन्होंने ब्रिटेन की तरफ से इस्राइल की मदद के लिए लड़ाकू विमानों को भी रवाना किया है। पढ़ें पूरी खबर...
रॉयटर्स के मुताबिक, इस बीच जॉर्डन ने अस्थायी रूप से अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया है। एएफपी की रिपोर्ट में कहा गया कि ईरान के ड्रोन हमले के चलते इस्राइल के विमानन अधिकारी सभी उड़ानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद करेंगे।
ईरान ने जैसे ही इस्राइल पर ड्रोन्स और मिसाइलों से हमला बोला, वैसे ही इस्राइल में सायरन गूंजने लगे। सायरनों की आवाज से लोग दहशत में जरूर आए, लेकिन ईरान का इतना बड़ा हमला भी इस्राइल को कोई खास नुकसान नहीं पहुंचा सका। दरअसल इसकी वजह है कि इस्राइल का एरो डिफेंस सिस्टम, जिसने आयरन डोम सिस्टम के साथ मिलकर ईरान की मिसाइलों और ड्रोन्स को हवा में ही तबाह कर दिया। पढ़ें पूरी खबर...
इस्राइल-हमास के बीच जारी युद्ध के साथ इस्राइल-ईरान के बीच भी संघर्ष शुरू हो चुका है। दरअसल, हाल ही में सीरिया के ईरानी दूतावास में हमले के बाद से ही ईरान इस्राइल पर बौखलाया हुआ है। इस हमले के लिए ईरान ने इस्राइल को जिम्मेदार ठहराया है। जवाबी कार्रवाई करने की धमकी देते हुए ईरान ने शनिवार को इस्राइल में दर्जनों ड्रोन भी दागे। हमले को देखते हुए अमेरिका इस्राइल के बचाव में सामने आया है। इसके बाद ईरान ने अमेरिका के समर्थन का विरोध किया है। उसने अमेरिका को इस हमले से दूर रहने को कहा है। ईरान ने धमकी देते हुए कहा कि अगर इस्राइल ने एक और गलती की तो इसका अंजाम बहुत बुरा होगा। पढ़ें पूरी खबर...
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस ने ईरान की तरफ से इस्राइल पर किए गए हमले की कड़ी निंदा की और आगाह किया कि न तो क्षेत्र और न ही दुनिया एक और युद्ध बर्दाश्त कर सकती है। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने सभी पक्षों से ऐसी किसी भी कार्रवाई से बचने के लिए ज्यादा से ज्यादा संयम बरतने की अपील की, जिससे पश्चिम एशिया में कई मोर्चों पर बड़े सैन्य टकराव छिड़ सकते हैं।
गुतारेस ने एक बयान में कहा, ‘‘आज शाम इस्लामी गणराज्य ईरान की तरफ से इस्राइल पर बड़े पैमाने पर किए गए हमलों की वजह से तनाव में गंभीर बढ़ोतरी की मैं कड़ी निंदा करता हूं। मैं शत्रुता को तत्काल समाप्त करने का आह्वान करता हूं।” उन्होंने कहा कि वह तनाव के पूरे क्षेत्र में फैलने और इसके वास्तविक खतरे को लेकर बहुत चिंतित हैं। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने कहा, “मैंने बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि न तो क्षेत्र और न ही दुनिया एक और युद्ध बर्दाश्त कर सकती है।”
बाइडन ने इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात की। उन्होंने कहा, ‘‘आज ईरान और यमन, सीरिया और इराक के उसके हमदर्दों ने इस्राइल में सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाते हुए अचानक हमला किया। मैं इन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं।’’ बाइडन ने कहा कि इस्राइल की मदद करने के उनके निर्देश पर अमेरिकी सेना ने पिछले सप्ताह क्षेत्र में विमान और बैलेस्टिक मिसाइल रक्षा विध्वंसक भेजे थे। उन्होंने कहा, ‘‘इन तैनाती और हमारे सैनिकों की दक्षता के कारण हम लगभग सभी ड्रोन और मिसाइलों को मार गिराने में इस्राइल की मदद कर पाए।’’
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस्राइल पर ईरान के हमले की निंदा की और स्थिति पर चर्चा और आगे की कार्रवाई के लिए जी-7 नेताओं की बैठक बुलाई है। बाइडन की इस प्रतिक्रिया के बीच अमेरिकी सेना ने ईरान के ड्रोन और मिसाइलों को मार गिराने के प्रयासों में मदद की। इस्राइल ने कहा कि उसने और उसके सहयोगी देशों ने ईरान की ओर से दागी गईं 200 से अधिक ड्रोन और मिसाइलों में से अधिकतर को बीच में ही रोक दिया है।
इस्राइल-हमास के बीच जारी युद्ध के साथ इस्राइल-ईरान के बीच भी संघर्ष शुरू हो चुका है। दरअसल, हाल ही में सीरिया के ईरानी दूतावास में हमले के बाद से ही ईरान इस्राइल पर बौखलाया हुआ है। इस हमले के लिए ईरान ने इस्राइल को जिम्मेदार ठहराया है। जवाबी कार्रवाई करने की धमकी देते हुए ईरान ने शनिवार को इस्राइल में दर्जनों ड्रोन भी दागे। हमले को देखते हुए अमेरिका इस्राइल के बचाव में सामने आया है। ईरान ने अमेरिका के समर्थन का विरोध किया है। उन्होंने अमेरिका को इस हमले से दूर रहने को कहा है। ईरान ने धमकी देते हुए कहा कि अगर इस्राइल ने एक और गलती की तो इसका अंजाम गलत होगा। पढ़ें पूरी खबर...
ईरान के इस्राइल पर ड्रोन्स और मिसाइल हमले के बाद लड़ाई का एक और मोर्चा खुलने का डर पैदा हो गया है। पहले ही वैश्विक तनाव से जूझ रही दुनिया में इस घटना ने मुश्किलों को और बढ़ा दिया है। यही वजह है कि दुनियाभर से ईरान के हमले को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। वहीं ईरान ने धमकी दी है कि अगर इस्राइल उकसावे की कार्रवाई जारी रखता है तो इसके गंभीर अंजाम होंगे। पढ़ें पूरी खबर...
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने उच्चाधिकारियों के साथ बैठक के बाद बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान की तरफ से भेजे गए लगभग सभी ड्रोन्स और मिसाइलों को मार गिराया है। उन्होंने इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत में अमेरिका के पूरे समर्थन का भरोसा दिया।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाओं से पहले हमले के तत्काल बाद आईडीएफ प्रवक्ता आरएडीएम डैनियल हगारी ने कहा, सहयोगियों के साथ मिलकर आईडीएफ इस्राइल और यहां की जनता की रक्षा के लिए पूरी ताकत से काम कर रहा है। उन्होंने कहा, मिशन को पूरा करने के लिए आईडीएफ प्रतिबद्ध है।
संवेदनशील हालात के मद्देनजर संयुक्त राष्ट्र में इस्राइली राजदूत गिलाद एर्दान ने कहा कि उन्होंने आज रात सुरक्षा परिषद (UNSC) के अध्यक्ष को पत्र भेजा है। उन्होंने कहा, 'मैंने परिषद की तत्काल बैठक बुलाने की मांग की है। UNSC के मंच पर स्पष्ट रूप से इस्राइल पर ईरान के हमले की निंदा करने की मांग भी की गई है।' इसके अलावा इस्राइल ने रिवोल्यूशनरी गार्ड्स को आतंकवादी संगठन घोषित करने की मांग भी की गई। राजदूत के मुताबिक ईरान का हमला विश्व शांति और सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण खतरा है। उन्होंने कहा, 'मैं उम्मीद करता हूं कि सुरक्षा परिषद हर तरह से ईरान के खिलाफ कार्रवाई करेगी।'
ईरान की तरफ से इस्राइल पर ड्रोन और मिसाइल दागे जाने की घटना पर भारत की तरफ से भी बयान जारी किया गया है। विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, "हम इस्राइल और ईरान के बीच दुश्मनी बढ़ने को लेकर गंभीर तौर पर चिंतित हैं। इससे क्षेत्र में शांति और सुरक्षा पर खतरा पैदा होता है। हम इस संघर्ष से पीछे हटने और दोनों देशों से अपने कदमों को रोकने के साथ बातचीत करने की अपील करते हैं। विदेश मंत्रालय इस स्थिति पर करीब से नजर रख रहा है। क्षेत्र में मौजूद हमारे दूतावास भारतीय समुदाय से संपर्क में हैं। यह जरूरी है कि क्षेत्र में सुरक्षा और स्थायित्व बना रहे।"
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरस ने हमले की निंदा की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा, 'मैं ईरान की तरफ से इस्राइल पर बड़े पैमाने पर किए गए हमले के बाद पैदा हुई गंभीर हालात की कड़ी निंदा करता हूं। मैं दुश्मनी को तत्काल समाप्त करने का आह्वान करता हूं।' उन्होंने साफ किया कि पश्चिम एशिया के साथ-साथ दुनिया एक और युद्ध बर्दाश्त करने की स्थिति में नहीं है।
लंबे समय से चल रहे तनाव के बाद शनिवार की देर रात ईरान ने इस्राइल पर सीधा हमला किया। इस्राइल रक्षा बल (आईडीएफ) के मुताबिक उनके देश की सीमा के भीतर ड्रोन हमले किए गए। वहीं ईरान की समाचार एजेंसी आईआरएनए ने दावा किया कि बैलिस्टिक मिसाइलों से इस्राइली ठिकानों को निशाना बनाया गया। इस बीच, अमेरिका और ब्रिटेन ने इस्राइल का समर्थन करने का एलान किया। आईडीएफ के मुताबिक इस्राइली सीमा की रक्षा के लिए सेना मुस्तैद है।
ईरान ने इस्राइल पर हवाई हमला बोला है। बताया गया है कि ईरान ने इस्राइल पर करीब 200 से ज्यादा ड्रोन्स और मिसाइल दागीं हैं। इनमें बैलिस्टिक मिसाइलें और क्रूज मिसाइलें शामिल हैं। इस हमले के बाद क्षेत्रीय तनाव उभरना तय माना जा रहा है। गौरतलब है कि सीरिया में कुछ दिन पहले ही एक हमले में ईरान की विशेष सेना 'रेवोल्यूशनरी गार्ड्स' के कुछ सैनिक और कमांडर की जान गई थी। ईरान ने इस हमले के बाद बदला लेने की चेतावनी भी दी थी।