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Khamenei Funeral Live Updates: खामेनेई के जनाजे की प्रक्रिया शुरू, अंतिम यात्रा के लिए ये शहर ही क्यों चुने?

Sat, 04 Jul 2026 01:59 PM IST
Asmita Tripathi वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान

खास बातें

 Khamenei's Funeral Proceedings Begin:आयतुल्लाह अली खामेनेई की अंतिम यात्रा की प्रक्रिया शुरू हो गई। अमेरिका-इस्राइल के हमले में 28 फरवरी को उनकी मृत्यु हुई थी। अब युद्धविराम की घोषणा के बाद, उन्हें नम आंखों से विदाई दी जा रही। खामेनेई के जानजे में कई देशों के प्रमुख और प्रतिनिध भी शामिल होंगे। अंतिम यात्रा दो देशों और पांच शहरों से होकर गुजरेगी। इस प्रक्रिया में सात दिन लगेंगे। खामेनेई की अंतिम यात्रा से जुड़े सभी अपडेट पढ़ने के लिए इस पेज बने रहे... 
 
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खामेनेई की अंतिम विदाई की प्रक्रिया शुरू - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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लाइव अपडेट

02:31 PM, 04-Jul-2026

राष्ट्रपति ट्रंप का दावा- अंतिम विदाई के लिए दिया वक्त

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान वॉशिंगटन के साथ समझौता करने के लिए बेताब है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने तेहरान को जबरदस्त झटका दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि वॉशिंगटन ने ईरान को अंतिम विदाई की रस्में निभाने के लिए अतिरिक्त समय दिया है। उन्होंने कहा, 'हमने ईरान की बुरी तरह से कमर तोड़ दी है। वे समझौता करने के लिए बेताब हैं। वे बहुत बुरी तरह से समझौता करना चाहते हैं।' उन्होंने आगे कहा, 'हमने उन्हें अंतिम विदाई के लिए एक हफ्ते की मोहलत दी क्योंकि हम अच्छे लोग हैं यह सच है।

01:58 PM, 04-Jul-2026

अंतिम विदाई समारोह में शामिल हुए भारतीय प्रतिनिधि

बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन और विदेश मामलों की राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने अंतिम संस्कार समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने एक्स पोस्ट में कहा, 'आज तेहरान में महामहिम ग्रैंड आयतुल्लाह सैयद अली खामेनेई के अंतिम विदाई समारोह में विदेश मामलों की राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा के साथ भारत का प्रतिनिधित्व किया। हाल के संघर्ष में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।'

12:11 PM, 04-Jul-2026

4 जुलाई का दिन क्यों चुना?

ईरान ने अंतिम विदाई शुरू करने के लिए 4 जुलाई का दिन चुना, जो अमेरिका की स्थापना की 250वीं वर्षगांठ का दिन है। हालांकि अधिकारियों ने समय को लेकर कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया, लेकिन तेहरान में आयोजित समारोह में मौजूद भीड़ ने 'अमेरिका मुर्दाबाद!' के नारे लगाए। 

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11:45 AM, 04-Jul-2026

कितने लोग शामिल हो सकते हैं?

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, खामेनेई का अंतिम विदाई दुनिया की सबसे बड़ी और अनूठी घटनाओं में से एक हो सकता है। अनुमान है कि खामेनेई के अंतिम यात्रा में 1.5 से 2 करोड़ (15 से 20 मिलियन) लोग शामिल होंगे। खामेनेई के अंतिम विदाई में शामिल होने के लिए तेहरान की यात्रा करने वाले नागरिकों के लिए मेट्रो और सरकारी बसों को मुफ्त कर दिया गया है। बाहर से आने वालों के लिए होटल की दरों में कमी की गई है। विशेष ट्रेनों का भी संचालन किया जा रहा है। स्कूलों और मस्जिदों में भी ठहरने की व्यवस्था की गई है।

11:17 AM, 04-Jul-2026

क्या है अंतिम यात्रा का पूरा कार्यक्रम?


1. तेहरान: खामेनेई के अंतिम संस्कार की शुरुआत 3 जुलाई को ईरान की राजधानी तेहरान से हुई। खामेनेई, उनकी पत्नी, बेटी, दामाद और 14 महीने की पोती के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए तेहरान की ग्रैंड मोसाला मस्जिद में रखा गया है। आम जनता के साथ-साथ 100 से अधिक देशों के विदेशी गणमान्य व्यक्ति और प्रतिनिधि श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। खामेनेई के पार्थिव शरीर को यहां तीन दिनों तक रखा जाएगा। 6 जुलाई को, तेहरान के विभिन्न हिस्सों से खामेनेई की अंतिम यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें लाखों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।

2. कोम: चौथे दिन, खामेनेई के पार्थिव शरीर को तेहरान से कोम ले जाया जाएगा। यह 7 जुलाई को कोम पहुंचेगा। कोम शिया इस्लाम का एक प्रमुख केंद्र है। उनके अंतिम प्रस्थान को चिह्नित करने के लिए वहां कई धार्मिक कार्य किए जाएंगे।

3. नजफ: कोम के बाद, खामेनेई के पार्थिव शरीर को इराक ले जाया जाएगा। 8 जुलाई को, खामेनेई के ताबूत को इराक के पवित्र शहर नजफ ले जाया जाएगा। नजफ शिया समुदाय के सबसे पवित्र स्थलों में से एक है। इमाम अली की दरगाह पर एक सार्वजनिक अंतिम यात्रा निकाली जाएगी।

4. कर्बला: नजफ के बाद, खामेनेई के पार्थिव शरीर को इराक के पवित्र शहर कर्बला ले जाया जाएगा, जहां इमाम हुसैन और उनके भाई अब्बास की पवित्र दरगाहों पर अंतिम यात्रा निकाली जाएगी।

5. मशहद: 9 जुलाई को, सभी धार्मिक समारोहों को पूरा करने के बाद, खामेनेई के पार्थिव शरीर को पूर्वोत्तर ईरानी शहर मशहद वापस लाया जाएगा। मशहद खामेनेई का गृह जिला है। उन्हें 9 जुलाई को मशहद में ऐतिहासिक और पवित्र इमाम रजा श्राइन परिसर में दफनाया जाएगा।

इन पांच शहरों को क्यों चुना गया?
ईरान और इराक के ये पांच शहर इस्लामी मान्यताओं के, विशेषकर शिया समुदाय के, पवित्र केंद्र हैं। इसलिए, ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई, जो कई वर्षों तक दुनिया के सबसे प्रमुख शिया धर्मगुरु रहे। उनके पार्थिव शरीर को इन सभी स्थानों पर ले जाया जाएगा। संयुक्त राज्य अमेरिका और इस्राइल के साथ हुए भीषण युद्ध के बाद यह घटनाक्रम ईरान की ताकत को दुनिया के सामने प्रदर्शित करेगा।

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11:04 AM, 04-Jul-2026

लोगों ने अंतिम विदाई पर क्या कहा? 

अपनी मां के साथ अंतिम यात्रा में शामिल हुई 27 वर्षीय हनानेह मूसावी ने रोते हुए कहा, 'मैं अपने प्रिय नेता अली खामेनेई को अंतिम विदाई देने आई हूं। मैंने कभी ऐसे दिन की उम्मीद नहीं की थी। काश मैं इस त्रासदी से पहले ही मर गई होती।' वहीं, तेहरान से लगभग 530 किलोमीटर दूर उत्तर-पश्चिमी शहर तबरीज से आए अली काजेमी ने कहा, 'हम अंतिम यात्रा में इसलिए शामिल हुए क्योंकि यह दिखा सकें कि हम सभी अपने देश और धर्म की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।'

10:14 AM, 04-Jul-2026

Khamenei Funeral Live Updates: खामेनेई के जनाजे की प्रक्रिया शुरू, अंतिम यात्रा के लिए ये शहर ही क्यों चुने?

ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की अंतिम यात्रा की प्रक्रिया शुरू हो गई। अमेरिका-इस्राइल के हवाई हमलों में 28 फरवरी को उनकी मृत्यु हुई थी। इसके बाद खामेनेई के पार्थिव शरीर को फोरेंसिक मुर्दाघर के रेफ्रिजरेटेड कोल्ड स्टोरेज में सुरक्षित रखा गया था। युद्धविराम की घोषणा के बाद, अब उन्हें नम आंखों से विदाई दी जा रही है।

 

 

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