ज्ञानवापी परिसर में एएसआई सर्वे की प्रक्रिया आज अब रोक दी गई है। अब कल सुबह सात बजे से सर्वे शुरू होगा। सर्वे के कारण विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर चौकसी बरती जा रही है।
ज्ञानवापी परिसर में एएसआई सर्वे की प्रक्रिया पर आज अब विराम लग सकता है। हिंदू पक्ष के अधिवक्ता और वादी महिलाएं ज्ञानवापी से बाहर आ चुकी हैं। मीडिया से बातचीत में उन्होंने एएसआई सर्वे की प्रक्रिया पर संतुष्टि जताई। कहा कि एएसआई के विशेषक्ष गहनता और बारीकी से एक-एक चीज को देख रहे हैं। फोटोग्राफी भी कराई जा रही है।
जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने ज्ञानवापी की मौजूदा संरचना को नुकसान पहुंचाए बगैर एएसआई को सर्वे का आदेश देकर चार अगस्त तक रिपोर्ट देने को कहा था। शुक्रवार को कोर्ट में पेश हुए एएसआई के अधिवक्ता अमित श्रीवास्तव ने सर्वे रिपोर्ट दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय मांगा।
ज्ञानवापी में जुमे की नमाज पढ़ने के बाद नमाजी बाहर निकल आए हैं। सर्वे का काम फिर से शुरू हो गया है।
ज्ञानवापी में जुमे की नमाज बाद फिर से सर्वे का काम किया जाना है। सर्वे के लिए पुरातत्व विभाग की टीम वहां पहुंच चुकी है।
हिंदू पक्ष का दावा है कि औरंगजेब ने 1669 में मंदिर ध्वस्त कराया और उसके ढांचे को बदल दिया। तभी हिंदू अपना अधिकार पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अब कानूनी तरीके से अधिकार पाने के प्रयास में लगे हैं। वहीं, मुस्लिम पक्ष को इस दावे पर आपत्ति है। उसका कहना है कि ज्ञानवापी परिसर में 600 वर्षों से नमाज अदा की जा रही है।
ज्ञानवापी में जुमे की नमाज के लिए सर्वे का काम रुकने के कारण ज्ञानवापी परिसर से बाहर निकले हिंदू पक्ष के अधिवक्ता सुधीर त्रिपाठी ने बताया कि दो बजे के बाद सर्वे शुरू होगा।
ज्ञानवापी में नमाजियों के हुजूम को देखते हुए सर्वे का काम 12:30 बजे रोकने की बात कही जा रही है। फिर दो बजे के बाद सर्वे का काम शुरू होगा।
शुक्रवार को चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की कोर्ट में इस मामले की सुनवाई होनी है। इधर, एएसआई टीम ने ज्ञानवापी क्षेत्र को चार भागों में बांटने के बाद सर्वे शुरू किया। शासन के द्वारा पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगा दिए गए हैं। सर्वे टीम सबसे ज्यादा ज्ञानवापी के पश्चिमी दीवार की जानकारी जुटाने में लगी हुई है। सुरक्षा के दृष्टिकोण से मैदागिन से गोदौलिया तक बैरकेडिंग कर पूरे क्षेत्र में वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दिया गया है। केवल पैदल राहगीर और दर्शनार्थियों को ही काशी विश्वनाथ मंदिर की ओर जाने दिया जा रहा था।
वाराणसी में ज्ञानवापी परिसर का वैज्ञानिक सर्वे जारी है। एएसआई की 64 सदस्यीय टीम के 34 लोग ज्ञानवापी में मौजूद हैं। करीब 15 दिन तक चलने वाले सर्वे से कई हकीकत सामने आ सकती है। विवादित स्थल की वास्तविकता क्या है? विवादित स्थल के नीचे जमीन में क्या सच दबा हुआ है? ज्ञानवापी में बने गुंबद कब बनाए गए? तीनों गुंबद कितने पुराने हैं?
ज्ञानवापी में जुमे की नमाज के लिए नमाजी दोपहर एक बजे से आना शुरू करेंगे। लगभग डेढ़ बजे से नमाज शुरू होगी। दो बजे नमाज पढ़ कर नमाजी बाहर निकल जाएंगे। इस दौरान लगभग एक घंटे तक सर्वे का काम बंद रहेगा।
एएसआई के विशेषज्ञों की टीम चरणबद्ध तरीके से जिला अदालत के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करेगी। जिला अदालत ने 11 बिंदुओं पर सर्वे करके रिपोर्ट देने का आदेश दिया था। इलाहाबाद हाईकोर्ट की मुहर लगते ही एएसआई की टीम सक्रिय हो गई। पहले हुए सर्वे की वजह से उपकरण भी वाराणसी में रखे हैं। इसीलिए शुक्रवार सुबह से ही सर्वे शुरू हो गया है।
ज्ञानवापी परिसर में एएसआई की टीम सर्वे कर रही है। वहीं इसे लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। डीएम व पुलिस आयुक्त मुथा अशोक जैन सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं।
एएसआई की 64 सदस्यीय टीम में 34 लोग आज ज्ञानवापी परिसर में सर्वे कर रहे हैं। कड़ी सुरक्षा के बीच परिसर का वैज्ञानिक सर्वेक्षण किया जा रहा है।
वाराणसी के बहुचर्चित ज्ञानवापी परिसर का सर्वे जारी है। टीम ने पूरे परिसर का नक्शा शीट पर उतार लिया है। हिंदू पक्षकार सीता साहू ने कहा कि सर्वे से सच्चाई सामने आएगी। हिंदू पक्ष के वकील सुभाष नंदन ने कहा कि सर्वे पर हमें विश्वास है।
सुरक्षा की दृष्टि से गोदौलिया से चौक तक जगह-जगह बैरिकेडिंग लगाई गई है। दर्शनार्थिओं को केवल दोनों तरफ से दर्शन के लिए बैरिकेडिंग से जाने की अनुमति है।
बांसफाटक पर रास्ता बंद है। केवल ज्ञानवापी से आने की अनुमति है। जाने की अनुमति नहीं है।
ज्ञानवापी परिसर में एएसआई की टीम के सर्वे के बीच सुरक्षा कर्मियों के साथ एसीपी चिनप्पा ने मार्च किया।
ज्ञानवापी में एएसआई की टीम ने सर्वे शुरू किया। बिना मशीनों के प्रयोग से ही टीम ने पूरे परिसर का नक्शा शीट पर उतारने की प्रक्रिया भी शुरू की।
वाराणसी में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की एक टीम परिसर का वैज्ञानिक सर्वेक्षण करने के लिए ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में पहुंची।
ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के एएसआई सर्वेक्षण पर ज्ञानवापी मामले में हिंदू पक्ष का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील सुभाष नंदन चतुर्वेदी ने बताया कि सभी लोग (एएसआई अधिकारियों सहित) वहां पहुंच गए हैं। सर्वेक्षण शुरू हो गया है। हम भी अंदर जा रहे हैं।