08:40 AM, 29-Feb-2024
अब कम किलोवाट पर अधिक लोड चलाने वाले और मीटर शंट करके बिजली चोरी करने वाले लोग विभाग से बच नहीं सकेंगे। पीवीएनएल की ओर से अब तीन और चार किलोवाट के बिजली कनेक्शनों की भी एमआरआई( मीटर रीडिंग इंस्ट्रूमेंट) कराई जाएगी। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के चेयरमैन डा. आशीष गोयल की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं।
बिजली चोरी और बिजली की खपत का पता लगाने के लिए पावर कारपोरेशन की ओर से 5 से 9 किलोवाट के विद्युत कनेक्शन की एमआरआई कराई जा रही थी। इसके वांछित परिणाम आने के बाद अब विभाग ने तीन और चार किलोवाट के कनेक्शन की एमआरआई कराने का निर्णय लिया है। मार्च माह से ऐसे विद्युत कनेक्शनों की एमआरआई शुरू हो जाएगी। विद्युत विभाग के कर्मचारी घर-घर जाकर उपभोक्ताओं के मीटर की जांच करेंगे।
शहर में 60 हजार से अधिक हैं 3 और 4 केवी के कनेक्शन
शहर में तीन और चार केवी के कनेक्शनों की संख्या 60 हजार से अधिक है। इन सभी उपभोक्ताओं के यहां एमआरआई करने वाली कंपनी के अधिकारी उनके घर जाएंगे। वह उपभोक्ता के मीटर की जांच करेंगे और उसकी वास्तविक खपत और डिमांड का पता लगाएंगे।
एमआरआई का मतलब मीटर रीडिंग इंस्ट्रूमेंट
एमआरआई का मतलब मीटर रीडिंग इंस्ट्रूमेंट से है। इस उपकरण के इस्तेमाल से मीटरों की जांच की जा रही है। मीटर में इंस्ट्रूमेंट को लगाकर पता लगाया जा रहा है कि जहां कनेक्शन लगा है, वहां बिजली की खपत कितनी है और बिजली खर्च कितनी हो रही है। अगर बिजली डिमांड से अधिक फूंकी जा रही है तो इसका तुरंत पता चल जाएगा। मीटर पर अगर अधिक लोड है तो वह भी सामने आ जाएगा। फिर लोड के आधार पर मीटर की क्षमता को बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा अगर मीटर को टैंपर करके बिजली चोरी की जा रही है तो इसका भी पता चल जाएगा।