09:45 AM, 04-Aug-2023
जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा: मंडल में मेरठ जनपद सबसे आगे
मेरठ जिले में 11 से 31 जुलाई तक आयोजित जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े के दौरान मंडल में मेरठ जिला टॉप पर रहा है। हापुड़ दूसरे स्थान पर जबकि बागपत तीसरे और गाजियाबाद चौथे स्थान पर रहा है।
अपर निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डा. अर्चना त्यागी ने बताया कि बीस दिन चले अभियान में मेरठ में 437 महिलाओं और 49 पुरुषों ने नसबंदी कराई, जबकि हापुड़ में परिवार पूरा कर चुके दंपतियों में 24 पुरुषों और 171 महिलाओं ने स्वेच्छा से नसबंदी कराई। बागपत में 186 महिलाओं और 16 पुरुषों ने नसबंदी कराकर परिवार नियोजन में जिम्मेदारी निभाई।
हापुड़ में 2027, मेरठ में 1560 और बागपत में 1392 महिलाओं ने आईयूसीडी को अपनाया, जबकि बुलंदशहर में 952, मेरठ में 828, गाजियाबाद में 432, गौतमबुद्धनगर में 403, बागपत में 330 और हापुड़ में 323 महिलाओं ने पीपीआईयूसीडी पर भरोसा जताया।
त्रैमासिक गर्भनिरोधक इंजेक्शन अंतरा के मामले में भी मेरठ पहले स्थान पर रहा है। मेरठ में 2972 महिलाओं ने अंतरा पर भरोसा जताया, जबकि बागपत में 1317, हापुड़ में 1044 और बुलंदशहर में 1019 महिलाओं ने अंतरा पर भरोसा जताया है।
महिलाएं आगे, पुरुष फिसड्डी
परिवार नियोजन के नोडल अधिकारी डॉ जावेद हुसैन ने बताया कि परिवार नियोजन में पुरुषों को भी बराबर की जिम्मेदारी निभानी चाहिए। पुरुष नसबंदी, महिला नसबंदी के मुकाबले सरल और छोटी शल्य क्रिया है। नसबंदी कराने के आधे घंटे बाद ही पुरुष को घर भेज दिया जाता है, लेकिन समाज में व्याप्त कुछ भ्रांतियों के चलते पुरुष इस मामले में आगे नहीं आ रहे हैं। महिला नसबंदी में सूबे में मेरठ नौवें स्थान पर रहा है। नोडल अधिकारी ने बताया महिला नसबंदी के मामले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) दौराला पहले नंबर पर है। यहां अब तक 38 महिलाओं की नसबंदी हो चुकी है।