उत्तर प्रदेश के मऊ में घोसी विधानसभा सीट के लिए मतदान खत्म हो गया है। प्रत्याशियों की किस्मत मतपेटियों में बंद हो गई है। अब आठ सितंबर को परिणाम आएंगे। बता दें कि उत्तर प्रदेश में दोबारा भाजपा की सरकार बनने पर दारा सिंह चौहान ने एक वर्ष बाद ही सपा और विधानसभा से त्यागपत्र देकर भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली थी। इसके बाद खाली सीट पर आज मतदान हुआ। भाजपा प्रत्याशी दारा सिंह चौहान और सपा प्रत्याशी सुधाकर सिंह के बीच मुकाबला है। इस तरह से छह वर्ष में चार बार विधायकी का चुनाव चर्चा में बना है।
घोसी उपचुनाव के लिए आज मतदान हो रहा है। सुबह सात बजे से मतदान जारी है। तीन बजे तक घोसी उपचुनाव में 43.24 फीसदी मतदान हुआ। वहीं पांच बजे तक 49.42 फीसदी वोटिंग हुई। अंतिम चरण में मतदान का ग्राफ कम हुआ जिसका एक कारण बारिश बताया जा रहा है।
घोसी उपचुनाव के लिए आज मतदान हो रहा है। मतदान के बीच भाजपा प्रत्याशी दारा सिंह चौहान ने कहा कि मतदान शांतिपूर्वक हो रहा है। प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। आठ तारीख को जब परिणाम आएगा तो भारी बहुमत से भाजपा की जीत होगी। पोलिंग में कहीं कोई गड़बड़ी नहीं है।
कहीं भीड़ तो, कहीं खाली रहे मतदान केंद्र
जिले में घोसी विधानसभा में उपचुनाव को लेकर 455 बूथों पर सुबह सात बजे से मतदान शुरू हुआ।इस दौरान खुखुंदवा,कोपागंज, काछीकला,धवरियासाथ आदि बूथों पर मतदाताओं की भीड़ नहीं दिखी और न ही मतदाताओं मे मतदान को लेकर उत्साह नहीं दिखा। वहीं कोईरियापार ,जमालपुर मिर्जापुर, कस्बा खास घोसी मे बूथों पर मतदाताओं की कतार दिखी।
विधानसभा क्षेत्र घोसी में सुबह सात बजे से मतदान चल रहा है। लोग बढ़ चढ़कर वोटिंग में हिस्सा ले रहे हैं। 11 बजे तक 21.5 फीसदी वोटिंग हुई।
मतदान को लेकर दीवानी कचहरी में अवकाश
विधानसभा घोसी के उप चुनाव के मतदान के मद्देनजर मंगलवार को दीवानी कचहरी में अवकाश रहेगा। इस दिन सभी न्यायालय और कार्यालय बंद रहेंगे। मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राजकुमार शाही ने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश पर दीवानी कचहरी में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है।
घोसी विधानसभा के 455 बूथों पर सुबह सात बजे से मतदान शुरू हुआ। नौ बजे तक 9.12% मतदान हुआ था। दो घंटे में करीब 9 फीसदी मतदान हुआ।
चार लाख से अधिक मतदाता कर रहे मतदान
विधानसभा उप चुनाव के लिए मंगलवार को 239 मतदान केंद्रों पर बनाए गए 455 बूथों पर मतदान हो रहा है। उप चुनाव में 4,30,976 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करते दिख रहे हैं। इसमें 231837 पुरुष, 199130 महिलाएं और 9 ट्रांसजेंडर वोट डाल रहे हैं। चुनाव आयोग की व्यवस्था के तहत उपजिलाधिकारी सुरेश कुमार के निर्देश पर मतदान स्थल तक जाने में असमर्थ 24 दिव्यांग मतदाताओं के घर जाकर पोलिंग पार्टियां उनका मतदान करा चुकी हैं।
आठ बजे के बाद तेज हुई मतदान की रफ्तार
घोसी विधानसभा पर हो रहे उपचुनाव को लेकर भले ही सुबह सात बजे से मतदान शुरु हुआ। लेकिन 455 बूथों में से 80 बूथों पर बहुत कम ही मतदाता मतदान करने पहुंचे। लेकिन आठ बजे के बाद हर बूथों पर मतदाता मतदान करने के लिए पहुंचने लगे। जिसके चलते मतदान कर्मियों को मतदाताओं की लाइन लगवानी पड़ी।
बुजुर्ग मतदाताओं में दिखा मतदान उत्साह
घोसी के 455 बूथों पर सुबह सात बजे से मतदान शुरू हो गया है। मतदान को लेकर अभी मतदाताओं में रुझान दिख रहा है। इस दौरान बुजुर्ग मतदाताओं में सबसे ज्यादा रुझान दिखा, इस दौरान हर केंद्र पर सबसे पहले बुजुर्ग मतदाता मतदान कर निकलते दिखे। इसके बाद पुरुष मतदाता दिखे लेकिन महिला मतदाताओं की सँख्या मतदान के पहले घण्टे बेहद कम दिखी।
455 बूथों पर शुरू हुआ मतदान
घोसी सीट पर आखिर दस दिन के गहमा गहमी वाले प्रचार के बाद मंगलवार को सुबह 7 बजे से 455 बूथों पर मतदान शुरू हुआ। सुबह 7 बजे कोपागंज, मझवारा, घोसी, कसारा, इंदारा जैसे बूथों पर सुबह से ही मतदाता अपने मतदान के लिए पहुंचे। इस दौरान पुरूष मतदाताओं की भीड़ ज्यादा रही। बताते चलें कि बीते 10 अगस्त को घोसी सीट पर उपचुनाव की घोषणा चुनाव आयोग ने की थी । जहां 21 अगस्त के बाद यहां से चुनाव लड़ रहे दस प्रत्याशियों ने अपना चुनाव प्रचार शुरू कर दिया था। लेकिन यह चुनाव सीधे सीधे भाजपा और सपा प्रत्याशी के बीच देखा जा रहा है ।दूसरी तरफ मंगलवार को सकुशल चुनाव संपन्न कराने को लेकर
विधानसभा क्षेत्र घोसी में उप निर्वाचन हेतु कुल 239 मतदान केंद्रों के 455 बूथ बनाया गया है ।प्रशासन ने पूरे निर्वाचन क्षेत्र को 2 जोन एवं 27 सेक्टर में विभाजित किया गया है। इस प्रकार दो जोनल एवं 27 सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। इस निर्वाचन को संपन्न कराने हेतु कुल 591 कंट्रोल यूनिट, 591 बैलेट यूनिट तथा 630 वीवी पैट हैं,जिनमें से 455 ईवीएम एवं वीवी पेट समस्त बूथों पर प्रेषित किए गए है। प्रत्येक जोनल एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट के पास दो-दो ईवीएम एवं वीवी पेट मशीन का सेट भी रहेगा। मतदान को सकुशल संपन्न कराने हेतु कुल 2002 कार्मिकों की ड्यूटी लगाई गई है, जो कुल बूथ के सापेक्ष 110% है। प्रत्येक पोलिंग पार्टी में चार कार्मिक चुनाव कार्य को संपन्न कराएंगे।
मतदान से पहले तक सक्रिय रहे कार्यकर्ता
घोसी विधानसभा के 455 बूथों पर सुबह 7 बजे से मतदान होगा ।मतदान को लेकर 48 घण्टे पहले यानी बीते रविवार की शाम पांच बजे से चुनाव प्रचार थम गया था।इसके बाद चुनाव प्रचार के लिए प्रत्याशियो के सक्रिय कार्यकर्ता ने सोशल मीडिया पर चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी संभाल रखी थी। जो कि मंगलवार की सुबह 6.30 तक सोशल मीडिया के प्लेटफार्म फेसबुक,वाट्सअप ग्रुप, इंटस्टाग्राम सहित अन्य पर अपने अपने प्रत्याशी की जीत को लेकर स्लोगन से प्रचार करते रहे। साथ ही मतदाताओं से 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान करने की अपील करते दिखे।
घोसी उपचुनाव पर पूरे देश की टिकी नजर
घोसी विधानसभा सीट के उपचुनाव पर पूरे देश की नजर टिकी हुई है। इस सीट पर छह वर्ष में चौथी बार चुनाव होने जा रहा है। घोसी उपचुनाव ऐसा चुनाव साबित होने वाला है जो आने वाले 2024 लोकसभा चुनाव से पहले कई सवालों के जवाब देकर जाएगा। यहां सीधा मुकाबला भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच है। साथ ही इंडिया गठबंधन और एनडीए गठबंधन के बीच भी है। इस चुनाव को लेकर दोनों गठबंधन कितने गंभीर हैं इसका अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि न केवल दोनों दल के प्रमुख प्रचार में जुटे हैं बल्कि इनके साथ गठबंधन में शामिल दल भी पुरजोर ताकत झोंक रही है।छह वर्ष में चार बार विधायकी का चुनाव बना चर्चा का विषय
उत्तर प्रदेश में दोबारा भाजपा की सरकार बनने पर दारा सिंह चौहान ने एक वर्ष बाद ही सपा और विधानसभा से त्यागपत्र देकर भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। इसके बाद खाली सीट पर पांच सितंबर को उपचुनाव होने जा रहा है। भाजपा प्रत्याशी दारा सिंह चौहान और सपा प्रत्याशी सुधाकर सिंह के बीच मुकाबला है। इस तरह से छह वर्ष में चार बार विधायकी का चुनाव चर्चा में बना है।
वर्ष 2017 के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी फागू चौहान ने माफिया मुख्तार अंसारी के पुत्र अब्बास अंसारी को हराकर चुनाव जीता था। इसके बाद फागू बिहार के राज्यपाल बनाए गए और इस्तीफा देने से रिक्त सीट पर 2019 में उपचुनाव हुआ। इसमें भाजपा प्रत्याशी के रूप मे विजय राजभर ने सपा प्रत्याशी सुधाकर सिंह को पराजित किया।
सपा छोड़कर भाजपा में आए दारा सिंह चौहान
इसके बाद वर्ष 2022 के विधानसभा के सामान्य चुनाव में भाजपा से त्यागपत्र देकर पूर्व मंत्री दारा सिंह चौहान सपा प्रत्याशी के रूप में भाजपा प्रत्याशी विजय राजभर को हराकर विधायक बने।