रेलवे ने बनाए क्लर कोडेड आश्रय स्थल
प्रयागराज में बुधवार को मौनी अमावस्या के लिए श्रद्धालुओं को उनके गंतव्य के लिए सही ट्रेनों में चढ़ने में मदद करने के लिए रेलवे ने विभिन्न स्टेशनों पर क्लर कोडेड आश्रय स्थल बनाए हैं। अनुमान के मुताबिक इस अवसर पर लगभग 10 करोड़ श्रद्धालु पवित्र संगम में पवित्र डुबकी लगाएंगे।
बुधवार को लाखों की संख्या में ट्रेनों से रवाना होने वाले तीर्थयात्रियों की सुगम और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए प्रयागराज रेलवे डिवीजन ने भीड़ प्रबंधन के लिए एक व्यापक क्लर कोडेड आश्रय प्रणाली विकसित की है, जो कुशल स्टेशन संचालन और श्रद्धालुओं की परेशानी मुक्त आवाजाही पर केंद्रित रहेगी।
शटल बसें कहां से कहां तक चलेंगी
हबूसा मोड़- अंदावा
फूलपुर- अंदावा
सरस्वती हाईटेक सिटी- लेप्रोसी
धनुहा ग्राम- लेप्रोसी
गोहनिया- लेप्रोसी
चाकघाट- लेप्रोसी
बेेला कछार- भारत स्काउट-गाइड
शिवगढ़- भारत स्काउट-गाइड
नवाबगंज- भारत स्काउट-गाइड
नेहरू पार्क- हिंदू हॉस्टल
पूरामुफ्ती- हिंदू हॉस्टल
एयरपोर्ट- हिंदू हॉस्टल
आज से 30 जनवरी तक शटल बसों में करें मुफ्त सफर
महाकुंभ मेले के सबसे बड़े स्नान पर्व मौनी अमावस्या के मौके पर यूपी रोडवेज और नगरीय परिवहन सेवा के तहत चल रहीं शटल बसों में 30 जनवरी तक श्रद्धालु मुफ्त सफर कर सकेंगे। इन बसों का संचालन 28 से 30 जनवरी तक 13 रूटों पर होगा। इस दौरान इसमें सफर करने वाले किसी भी यात्री से किराया नहीं लिया जाएगा।
| अखाड़े का नाम | शिविर से प्रस्थान (समय) | संगम पहुंचने का समय | स्नान की अवधि (मिनट) |
|---|---|---|---|
| महानिर्वाणी एवं अटल | 4:00 | 5:00 | 40 |
| निरंजनी एवं आनंद | 4:50 | 5:50 | 40 |
| जूना, आवाहन एवं पंचाग्नि | 5:45 | 6:45 | 40 |
| निर्वाणी | 8:25 | 9:25 | 30 |
| दिगंबर | 9:05 | 10:05 | 50 |
| निर्मोही | 10:05 | 11:05 | 30 |
| नया पंचायती | 11:00 | 12:00 | 55 |
| बड़ा पंचायती | 12:05 | 1:05 | 60 |
| निर्मल पंचायती | 1:25 | 2:25 | 40 |
कल अखाड़े और नागा साधु 10 घंटे से अधिक समय तक करेंगे अमृत स्नान
मौनी अमावस्या पर्व पर बुधवार को अखाड़ों के संत एवं नागा संन्यासी 10 घंटे से अधिक समय तक अमृत स्नान करेंगे। सबसे पहले संन्यासी परंपरा के महानिर्वाणी एवं शंभू पंचायती अटल अखाड़ा के संत सुबह 5.00 बजे स्नान करेंगे। इसके लिए संत अपने शिविर से चार बजे प्रस्थान कर जाएंगे। वहीं, आखिरी में निर्मल अखाड़ा के संत दिन में 2.25 बजे से 2.45 बजे तक स्नान करेंगे।
मौनी अमावस्या के अवसर पर कल होने वाले दूसरे अमृत स्नान से पहले महाकुंभ मेला क्षेत्र, त्रिवेणी संगम के ड्रोन दृश्य लिया गया। 13 जनवरी को पौष पूर्णिमा से शुरू हुए महाकुंभ 2025 के पहले 15 दिनों में 15 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र डुबकी लगाई है।
कल मौनी अमावस्या पर महाकुंभ में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना पर यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, "तैयारियां अच्छी हैं। सरकार और प्रशासन भी श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए तैयार है। मैं सभी विपक्षी नेताओं से आग्रह करता हूं कि वे जहरीले बयानों से बचें, जिससे लोगों की आस्था और विश्वास को ठेस पहुंचे।"
श्री पंचायती अखाड़ा ( बड़ा उदासीन) के मुखिया दुर्गादास ने कहा कि महाकुम्भ 2025, प्रयागराज को संपूर्ण विश्व की धरोहर में अंकित किया गया है, ऐसा मेला विश्व में कहीं नहीं लगता है। उन्होंने कहा कि यह मेला संपूर्ण भारत को एकत्र करने वाला मेला है। यहां समस्त भारतवासी सभी भेद-भाव भूलकर एकत्रित होते हैं और विश्व बधुत्व का संदेश देते हैं।
महाकुंभ में मौनी अमावस्या स्नान को देखते हुए मंगलवार से पांच हजार अतिरिक्त बल तैनात किया जाएगा। यह पुलिस बल विभिन्न चौराहों के अलावा शहर की सीमाओं पर तैनात रहेगा। इसमें यातायात पुलिस से लेकर सिविल पुलिसकर्मी शामिल हैं। बता दें कि शहर की सीमाओं पर लगभग 10 हजार पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।
मौनी अमावस्या स्नान पर्व को लेकर बड़ी संख्या में देश-विदेश से श्रद्धालु दो दिन पहले से ही मेले में पहुंच रहे हैं। पिछले दो दिन के मुकाबले सोमवार को शाम से अचानक भीड़ बढ़ गई। भीड़ पर नियंत्रण पाने के लिए बैरिकेडिंग लगाई गई है। भीड़ इतनी ज्यादा बढ़ गई कि पुलिस असमर्थ दिखी।
मेला प्रशासन और कुंभ पुलिस ने अमृत स्नान पर्व को देखते हुए व्यापक तैयारियां की हैं। पूरे मेला क्षेत्र को नो व्हीकल जोन घोषित किया गया है। संगम तटों पर बैरिकेडिंग का कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है, ताकि भीड़ नियंत्रण में रहे। श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए हर सेक्टर और जोन में विशेष व्यवस्था की गई है। इस दौरान किसी भी तरह का प्रोटोकॉल लागू नहीं होगा।
संगम नोज पर अत्यधिक भीड़ जमा न हो, इसके लिए (इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर) मॉनिटरिंग करेगा। भीड़ वाले इलाकों में त्वरित कदम उठाने के लिए विशेष दल तैनात किए गए हैं। प्रमुख मार्गों पर खास निगरानी की जा रही है। साथ ही, अराजक और संदिग्ध लोगों पर भी नजर रखी जा रही है।
बड़े वाहनों को शहर के बाहर रोक दिया गया है। 13 जनवरी पौष पूर्णिमा से लेकर मौनी अमावस्या के एक दिन पहले 28 जनवरी तक 15 करोड़ श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा चुके हैं। स्थिति यह है कि मंगलवार को दोपहर 12 बजे तक करीब एक करोड़ श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा चुके हैं। श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है।
महाकुंभ मेले में श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा है। संगम जाने वाले सभी मार्ग भीड़ से पट गए हैं। मौनी अमावस्या पर स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ इतनी बढ़ गई है कि पैदल चलने वाले भी रेंग रहे हैं। वह पैर तक पूरी तरह आगे नहीं बढ़ा पा रहे हैं। त्रिवेणी मार्ग, काली मार्ग के साथ शास्त्री ब्रिज, नाग वासुकि रोड, झूंसी रोड सभी मार्गों पर भयंकर भीड़ संगम की ओर बढ़ रही है। सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक बंदोबस्त किए गए हैं।
वाराणसी से प्रयागराज आने वाले सभी प्रकार के वाहनों को अंदावां रिंग रोड के पास ही रोक दिया जा रहा है। इसी तरह कानपुर से आने वालों को नेहरू पार्क और लखनऊ, प्रतापगढ़ और गोरखपुर से आने वाले वाहनों को शांतिपुरम से पहले ही रोक दिया जा रहा है। बड़े वाहनों के साथ ही दोपहिया वाहनों को भी शहर में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है। सिविल लाइंस सुभाष चौराहा, रोडवेज चौराहा के बाद मेडिकल चौराहा, सीएमपी डॉट पुल के सामने बैरिकेडिंग की गई है।
महाकुंभ मेले में श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा है। संगम जाने वाले सभी मार्ग भीड़ से पट गए हैं। मौनी अमावस्या पर स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ इतनी बढ़ गई है कि पैदल चलने वाले भी रेंग रहे हैं। वह पैर तक पूरी तरह आगे नहीं बढ़ा पा रहे हैं। त्रिवेणी मार्ग, काली मार्ग के साथ शास्त्री ब्रिज, नाग वासुकि रोड, झूंसी रोड सभी मार्गों पर भयंकर भीड़ संगम की ओर बढ़ रही है। सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक बंदोबस्त किए गए हैं।
बड़े वाहनों को शहर के बाहर रोक दिया गया है। 13 जनवरी पौष पूर्णिमा से लेकर मौनी अमावस्या के एक दिन पहले 28 जनवरी तक 15 करोड़ श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा चुके हैं। स्थिति यह है कि मंगलवार को दोपहर 12 बजे तक करीब एक करोड़ श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा चुके हैं। श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है।
मेरठ से लोकसभा सांसद अरुण गोविल भी महाकुंभ में पहुंचे हैं। उन्होंने महाकुंभ प्रयागराज के पावन संगम तट पर भक्तों को प्रसाद वितरण किया।
योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महाकुंभ में आकर अपने अंदर छिपे हिंदुत्व को प्रकट किया है। पहले लोग झिझकते थे। पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने आत्मग्लानि की परंपरा को तोड़ते हुए गर्व के साथ कहा है कि वे हिंदू हैं, संतानी हैं और ऋषियों के वंशज हैं, सभी वर्ण भीतर विद्यमान हैं, जो लोग जातियों की बात कर रहे हैं उच्च और निम्न की वे सनातन धर्मी नहीं बल्कि विधर्मी हैं।
प्रयागराज में महाकुंभ 2025 में कल 29 जनवरी को मौनी अमावस्या पर होने वाले दूसरे अमृत स्नान से पहले बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आना जारी है।
कल 29 जनवरी को मौनी अमावस्या पर महाकुंभ 2025 के दूसरे अमृत स्नान से पहले श्रद्धालुओं का प्रयागराज पहुंचना जारी है। प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी है।
प्रयागराज में त्रिवेणी संगम पर श्रद्धालुओं का पवित्र स्नान जारी है, दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक समागम में अब तक 15 करोड़ से ज़्यादा श्रद्धालु आ चुके हैं। कल, 29 जनवरी - मौनी अमावस्या महाकुंभ 2025 का दूसरा अमृत स्नान है।
मौनी अमावस्या और वसंत पंचमी पर 10 टोल रहेंगे कर मुक्त
मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर 10 टोल 27 से 30 जनवरी तक कर मुक्त रहेंगे। इसके अलावा वसंत पंचमी के लिए भी एक फरवरी रात आठ बजे से चार फरवरी रात 7.59 बजे तक तक टोलों पर टैक्स नहीं लगेगा। यह व्यवस्था कोखराज, नवाबगंज, सोरांव, सहसों, हंडिया, लालानगर, रामनगर घसियारी, उमापुर, मुंगारी, व हररो टोल प्लाजा पर लागू रहेगी। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के मुख्य परियोजना प्रबंधक पंकज मिश्रा ने इस बात की पुष्टि की है।
महाकुंभ में आज सुबह आठ बजे तक 55 लाख से अधिक स्नान कर चुके हैं। अब तक 15 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पवित्र स्नान कर चुके हैं। उत्तर प्रदेश सूचना विभाग के अनुसार, सुबह आठ बजे ही कुल 15 करोड़ स्नानार्थियों की संख्या पार हो गई।
नैनी जंक्शन : प्रवेश केवल स्टेशन रोड से और निकास केवल मालगोदाम की ओर (द्वितीय प्रवेश द्वार) से दिया जाएगा। आरक्षित श्रेणी के यात्रियों को गेट नंबर दो से प्रवेश दिया जाएगा।
सूबेदारगंज स्टेशन : प्रवेश केवल झलवा (कौशाम्बी रोड) की ओर से और निकास केवल जीटी रोड सुलेमसराय की ओर दिया जाएगा। आरक्षित श्रेणी के यात्रियों को गेट नंबर तीन से प्रवेश दिया जाएगा।
फाफामऊ स्टेशन : प्रवेश केवल प्लेटफॉर्म नंबर चार की ओर से (रंगपुरा की ओर से टाटा मोटर्स वर्कशॉप की ढलान से) और निकास केवल एक नंबर की ओर से बनारस रोड की ओर दिया जाएगा। आरक्षित यात्रियों के लिए भी प्रवेश वैशाली गेस्ट हाउस के सामने फ्लाईओवर के माध्यम से चार नंबर की ओर होगा।
प्रयाग स्टेशन : प्रवेश केवल यूनिवर्सिटी रोड की ओर से दिया जाएगा। निकास केवल रामप्रिया रोड (आईईआरटी के पहले से) की ओर दिया जाएगा। आरक्षित श्रेणी के यात्रियों को गेट नंबर एक से प्रवेश दिया जाएगा।
प्रयागराज रामबाग स्टेशन : प्रवेश केवल स्टेशन रोड लल्लू जी एंड संस और निकास केवल लाउदर रोड से गेट नंबर एक, दो, तीन की ओर से होगा। आरक्षित श्रेणी के यात्रियों को आश्रय स्थल संख्या चार में जाना होगा।
झूंसी स्टेशन : प्रवेश व निकास दोनों ओर से होगा। यहां दोनों ओर यात्री आश्रय स्थल बनाए गए हैं।
प्रयागराज जंक्शन : प्रवेश केवल सिटी साइड (प्लेटफार्म नंबर-1 की ओर) से दिया जाएगा। निकासी सिविल लाइंस साइड की ओर से होगी। आरक्षित श्रेणी के यात्रियों को सिटी साइड स्थित गेट नंबर पांच से प्रवेश दिया जाएगा।
प्रयागराज छिवकी : प्रवेश प्रयागराज-मिर्जापुर राजमार्ग को जोड़ने वाले सीओडी मार्ग से दिया जाएगा और निकास केवल जीईसी नैनी रोड (प्रथम प्रवेश द्वार) की ओर से दिया जाएगा। आरक्षित यात्रियों को गेट नंबर दो से प्रवेश दिया जाएगा।
उत्तर मध्य रेलवे के सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों का क्रॉस मूवमेंट न हो इसके लिए यह व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके अलावा जंक्शन, नैनी, छिवकी और सूबेदारगंज स्टेशनों से यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लाल, नीले, हरे और पीले रंग का यात्री आश्रय स्थल बनाया गया है। कलर कोडिंग व्यवस्था से यात्रियों को आसानी से उचित प्लेटफार्म पर भेजा जा सकेगा।
प्रयागराज जंक्शन पर वनवे सोमवार से ही लागू हो गया। अब आधी रात के बाद प्रयागराज छिवकी, नैनी जंक्शन, प्रयाग जंक्शन, फाफामऊ, सूबेदारगंज, झूंसी और प्रयागराज रामबाग रेलवे स्टेशन पर भी यात्रियों को एक ओर से प्रवेश तो दूसरी ओर से निकास दिया जाएगा। इन सभी स्टेशनों पर यह व्यवस्था 31 जनवरी की रात 12 बजे तक लागू रहेगी। उधर, जंक्शन पर सिविल लाइंस साइड से यात्रियों का प्रवेश रोकने के लिए फायर ब्रिगेड चौराहे पर टिन शेड की दीवार भी बना दी गई है।
मौनी अमावस्या के पहले ही अनुमान से ज्यादा भीड़ आ जाने के चलते प्रयागराज जंक्शन पर तय समय के पहले ही वनवे लागू कर दिया गया है। यहां यात्रियों को सिटी साइड से प्रवेश और सिविल लाइंस साइड से निकास दिया जा रहा है। 31 जनवरी की रात 12 बजे तक यह व्यवस्था लागू रहेगी। अगर भीड़ कम न हुई तो वनवे को बढ़ाया भी जा सकता है।
सरकार की ओर से महाकुंभ में 40 से 45 करोड़ लोगों के स्नान करने की उम्मीद है। यह आंकड़ा छूता भी दिख रहा है। मेला प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार मौनी अमावस्या से एक दिन पहले ही स्नानार्थियों की कुल संख्या 15 करोड़ को पार कर जाने की उम्मीद है। रविवार तक 13.21 करोड़ लोग स्नान कर चुके थे। सोमवार को भी एक करोड़ से अधिक लोगों ने स्नान किया। मौनी अमावस्या से पहले मंगलवार को भी एक करोड़ से अधिक लोगों के स्नान की संभावना है। ऐसे में मौनी अमावस्या से एक दिन पहले ही स्नानार्थियों की कुल संख्या 15 करोड़ को पार कर जाने की उम्मीद है।
मौनी अमावस्या स्नान पर्व के पहले से ही स्नानार्थियों में उत्साह दिखने लगा। रविवार और सोमवार को तो जनसैलाब उमड़ा। प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार इन दो दिनों में करीब तीन करोड़ लोगों ने स्नान किया। इनमें से एक करोड़ 74 लाख श्रद्धालुओं ने रविवार को स्नान किया था। सोमवार को भी शाम छह बजे तक 1.18 लोगों ने स्नान कर लिया था। महाकुंभ में सोमवार चौथा दिन रहा जब एक दिन में एक करोड़ से ज्यादा लोगों ने स्नान किया। मकर संक्रांति के दिन तो स्नानार्थियों का आंकड़ा साढ़े तीन करोड़ पार रहा।
मेला क्षेत्र तो पूरी तरह से भरा हुआ था। काली एवं त्रिवेणी मार्ग, बांध पर लोग एक दूसरे के पीछे चले जा रहे थे। संगम, नागवासुकि तथा झूंसी तीनों जोन के हर मार्ग पर स्नानार्थियों की भीड़ रही। यहां तक झूंसी की तरफ बने रिवर फ्रंट रोड पर भी पैदल चलना मुश्किल था। जबकि, आम दिनों में लोग अपने वाहनों से भी आ-जा रहे थे। झूंसी की तरफ से आने वाले ज्यादातर श्रद्धालुओं को शास्त्री ब्रिज से पहले ही मेला क्षेत्र में उतार दिया गया। इनमें से ज्यादातर लोग संगम जाना चाहते थे लेकिन पांटून पुल पर आवागमन प्रतिबंधित रहने से निराशा हुई। इसे लेकर श्रद्धालुओं में नाराजगी भी रही।
मौनी अमावस्या का महास्नान बुधवार को है लेकिन दो दिन पहले ही स्नान के लिए भारी भीड़ उमड़ी। सोमवार को संगम से लेकर सड़क तक श्रद्धा का रेला उमड़ा। भीड़ बढ़ने पर पांटून पुलों से पैदल भी आवागमन रोक दिया गया। इस वजह से संगम के अलावा झूंसी जोन में ऐरावत घाट पर श्रद्धालुओं की ज्यादा भीड़ रही।
शास्त्री पुल श्रद्धालुओं से भरा रहा। पैदल चलना भी भारी था। यह स्थिति अंदावा चौराहे तक रही। शहर में लोक सेवा आयोग चौराहे से संगम तक स्नानार्थियों का रेला चला आ रहा था। यह क्रम टूटने का नाम नहीं ले रहा था। इसी तरह की स्थिति संगम की तरफ जाने वाली अन्य सड़कों का भी रहा।
भीड़ बढ़ने की वजह से दिन में बालसन चौराहे से जवाहर लाल नेहरू मार्ग पर आवागमन रोक दिया गया था। स्नानार्थियों को जार्जटाउन, अल्लापुर, बक्शी बांध होते हुए संगम की तरफ भेजा गया। इस तरह के डायवर्जन जगह-जगह किए गए थे।