सादाबाद के कजरौठी गांव में मौसम ने अचानक करवट ली। तेज धूल भरी आंधी शुरू हो गई। इसी दौरान एक नीम का पेड़ भरभराकर गिर गया। यह पेड़ जगवीर सिंह की परचूनी दुकान पर गिरा। दुकान पर बैठे लोग बाल-बाल बच गए।
सहपऊ में रविवार शाम करीब 4:35 बजे तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि हुई। इससे बाजरा की फसल को नुकसान पहुंचा है। मूंग, तोरही, लौकी, बैंगन, टमाटर, हरी मिर्च जैसी सब्जियां प्रभावित हुईं हैं। आम के कच्चे फल भी काफी मात्रा में गिर गए। किसानों को इससे भारी नुकसान हुआ है।
गोंडा कस्बे में आधा घंटे की बारिश भी मुख्य बाजार झेल नहीं सका। मुख्य बाजार में जलभराव हो गया। सड़कों पर पानी भर गया। इससे लोगों को आवागमन में दिक्कत हुई। स्थानीय निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बताया जा रहा है कि नालियों की सफाई न होने के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई।
चंदपा क्षेत्र में करीब 40 मिनट तक तेज आंधी, बारिश और ओले गिरने से किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है। इससे खरबूज, तरबूज, मक्का और बाजरे की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। किसानों ने सरकार और प्रशासन से फसलों का सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है।
बारिश से अतरौली में मौसम सुहावना हो गया। बारिश से मक्का, बाजरा, ज्वार और धान की फसलों को लाभ होगा। बाग स्वामी रनवीर सिंह के अनुसार, बारिश से आम के फल धुल गए। आम का फल मोटा होगा। किसान रोहतास कुमार ने बताया कि धान की पौध बुआई करने वालों को भी फायदा हुआ है।
हाथरस में भी दोपहर बाद मौसम खराब हो गया। बरेली मथुरा हाईवे पर तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। सड़क पर ओले-ओले ही नजर आए। ओलावृष्टि से तापमान में गिरावट आई है।