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Karwa Chauth 2024 : देशभर में दिखाई दिया करवा चौथ का चांद, सुहागिनों ने किया व्रत पूरा

Sun, 20 Oct 2024 09:08 PM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Karwa Chauth 2024 Puja Vidhi Moon Time Live Updates: आज सुहागिनों का महापर्व करवा चौथ पूरा हुआ। आज पति की लम्बी आयु के लिए महिलाओं ने निर्जला व्रत रखते हुए शाम को पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार चंद्रमा के दर्शन और पूजन करते हुए व्रत का पारण किया।
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Karwa Chauth 2024 Live - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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Karwa Chauth 2024 Date Time Shubh Muhurat Puja Vidhi And Moonrise Time: सुहागिन महिलाओं को हर वर्ष करवा चौथ के पर्व का बेसब्री से इंतजार रहता है। हर साल कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को अखंड सौभाग्य, पति की लंबी आयु और बेहतर जीवन के लिए सुहागिन महिलाएं करवा चौथ का व्रत रखती हैं। इस दिन सूर्योदय होने से पहले सरगी की परंपरा है। इस दौरान महिलाएं करवा चौथ व्रत का संकल्प लेती हैं। दिनभर उपवास रखते हुए रात को चंद्रमा के निकलने पर दर्शन और पूजन करते हुए व्रती महिलाएं अपना व्रत खोलती हैं। इस दिन शाम को करवा माता, भगवान गणेश की पूजा और कथा सुनने का विधान है। 
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Karwa Chauth 2024: कब है चतुर्थी तिथि?
पति की लंबी आयु और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए सुहागिन महिलाएं इस साल कार्तिक कृष्ण चतुर्थी करवा चौथ का व्रत रविवार 20 अक्तूबर को रखेंगी। करवा चौथ की चतुर्थी तिथि 20 अक्टूबर 2024 को सुबह 6:46 बजे से शुरू होगी और 21 अक्टूबर 2024 को सुबह 4:16 बजे समाप्त होगी।

Karwa Chauth 2024 Sargi: क्या होती है करवा चौथ व्रत की सरगी?
करवा चौथ व्रत में कई तरह की परंपराओं का पालन किया जाता है, जिसकी शुरुआत सरगी खाने से होती है। ये सरगी सास अपनी बहू को देती है। सरगी में मिठाई, फल, सैवई, पूड़ी और साज-श्रृंगार का सामान दिया जाता है। सरगी के बिना यह व्रत अधूरा माना जाता है। 
 

Karwa Chauth 2024 Sargi Time: सरगी का शुभ मुहूर्त 2024
सुहागिन महिलाएं करवा चौथ पर सूर्योदय से पहले स्नान करके व्रत रखने का संकल्प लेती हैं। इस दौरान सास द्वारा दी गई सरगी का सेवन किया जाता है। ऐसे में 20 अक्तूबर को सूर्योदय का समय सुबह 06 बजकर 30 मिनट पर है। करवा चौथ पर सरगी सूर्योदय होने से दो घंटे पहले खाई जाती है। ऐसे करवा चौथ पर सरगी खाने का शुभ मुहूर्त सुबह 04 बजकर 30 मिनट तक रहेगा।

Karwa Chauth 2024 Bhadra Time: भद्रा लगने का समय 
ज्योतिष शास्त्र में भद्रा को शुभ माना गया है। कहा जाता है कि भद्रा शुभ कार्यों में बाधा उत्पन्न करती है। इस वर्ष करवा चौथ पर 20 अक्तूबर को 21 मिनट तक भद्रा का साया रहेगा, जो सुबह 06:24 से 06:46 तक रहने वाला है। करवा चौथ व्रत की शुरुआत  भद्रा काल शुरू होने से पूर्व ही हो जाएगी। ऐसे में व्रती सूर्योदय से पहले स्नान कर सरगी ग्रहण कर लें और व्रत का संकल्प ले लें। 
 

Karwa Chauth 2024: करवा चौथ पर 21 मिनट तक रहेगी भद्रा, इस दौरान सुहागिनें न करें ये काम

Karwa Chauth 2024 Puja Muhurat: करवा चौथ पूजा शुभ मुहूर्त 2024
करवा चौथ पर सुहागिन महिलाएं दिनभर निर्जला व्रत रखते हुए शाम को अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए करवा माता, भगवान शिव, माता पार्वती, विध्नहर्ता मंगलमूर्ति भगवान गणेश और चंद्रदेव की पूजा अर्चना करती हैं। इस बार करवा चौथ पर रोहिणी नक्षत्र का अद्भुत संयोग बना हुआ है। करवा चौथ पर 20 अक्तूबर को पूजा के लिए शुभ मुहूर्त शाम 05 बजकर 46 मिनट लेकर शाम को 06 बजकर 54 मिनट तक रहेगा। 

Karwa Chauth Puja Samagri: करवा चौथ पूजन सामग्री
लकड़ी का आसान, देसी घी, पान, सींक, कलश, हल्दी, रोली, मौली, मिठाई, छन्नी, लोटे में भरने के लिए चावल, दान की सामग्री, अक्षत, चंदन, फल, पीली मिट्टी, फूल, मिट्टी या तांबे का करवा और ढक्कन और करवा चौथ व्रत कथा किताब।

Karwa Chauth Puja Vidhi: करवा चौथ पूजा विधि
करवा चौथ पर शाम को लकड़ी की चौकी पर लाल वस्त्र बिछाएं, इस पर भगवान शिव, माता पार्वती, कार्तिकेय, गणेश जी की प्रतिमा स्थापित कर दें। एक लोटे में जल भरकर उसके ऊपर श्रीफल रखकर कलावा बांध दें और दूसरा मिट्टी का करवा लेकर उसमें जल भरकर व ढक्कन में शक्कर भर दें, उसके ऊपर दक्षिणा रखें, रोली से करवे पर स्वास्तिक बनाएं। इसके बाद धूप, दीप, अक्षत व पुष्प चढाकर भगवान का पूजन करें, पूजा के उपरांत भक्तिपूर्वक हाथ में गेहूं के दाने लेकर चौथमाता की कथा पढ़ें या  सुने। फिर रात्रि में चंद्रोदय होने पर चंद्रदेव को अर्ध्य देकर बड़ों का आशीर्वाद लेते हुए व्रत को समाप्त करें। 

करवा चौथ पर कब निकलेगा आपके शहर में चांद...

शहर समय
दिल्ली            Karwa Chauth Moon Time Delhi रात 07:53
नोएडा            Karwa Chauth Moon Time Noida रात 07:52
मुंबई              Karwa Chauth Moon Time Mumbai रात 08:36
कोलकाता       Karwa Chauth Moon Time Kolkata रात 07:22
चंडीगढ़           Karwa Chauth Moon Time Chandigarh रात 07:48
पंजाब              Karwa Chauth Moon Time  Punjab रात 07:48
जम्मू                Karwa Chauth Moon Time Jammu  रात 07:52
लुधियाना          Karwa Chauth Moon Time Ludhiana रात 07:52
देहरादून           Karwa Chauth Moon Time Dehradun रात 07:24
शिमला             Karwa Chauth Moon Time Simla रात 07:47
पटना                Karwa Chauth Moon Time Patna रात 07:29
लखनऊ            Karwa Chauth Moon Time Lucknow रात 07:42
कानपुर             Karwa Chauth Moon Time Kanpur रात 07:47
प्रयागराज          Karwa Chauth Moon Time Prayagraj रात 07:42
इंदौर                Karwa Chauth Moon Time Indore रात 08:15
भोपाल              Karwa Chauth Moon Time Bhopal रात 08:07
अहमदाबाद       Karwa Chauth Moon Time Ahmedabad रात 08:27
चेन्नई                 Karwa Chauth Moon Time Chennai रात 08:18
बंगलूरू              Karwa Chauth Moon Time Bengaluru रात 08:30
जयपुर              Karwa Chauth Moon Time Jaipur रात 08:05
रायपुर              Karwa Chauth Moon Time Raipur रात 07:43
 

Karwa Chauth Moon Time: सुहागिनों का महापर्व है करवा चौथ, जानें आपके शहर में कब निकलेगा चांद

Karwa Chauth Vrat Niyam: करवा चौथ व्रत नियम 
  • करवा चौथ की पूजा में व्रती महिलाओं को पूरे सोलह श्रृंगार के साथ बैठना चाहिए। इस दिन शादी का जोड़ा पहनना और भी फलदायक होता है। 
  • इस दिन व्रत का पारण हमेशा चंद्र दर्शन और चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद पति के हाथों से पानी पीकर करना चाहिए। इससे उपवास का संपूर्ण फल मिलता है।
  • करवा चौथ पर करवा माता की पूजा का विधान है। इस दिन माता की पूजा और करवा चौथ की व्रत कथा अवश्य सुननी चाहिए। इससे शुभ परिणामों की प्राप्ति होती हैं।
  • इस दौरान सुहागिन महिलाओं के लिए बायना जरूर निकालें। इसे देते समय उनके पैर छुएं।
  • इस दिन पति पत्नी को आपस में किसी भी तरह की लड़ाई नहीं करनी चाहिए। साथ ही किसी को भी अपशब्द न बोलें।

Karwa Chauth Do's And Dont's: करवा चौथ व्रत के दौरान न करें ये काम 
  • करवा चौथ व्रत वाले दिन सुहागिनें अपने श्रृंगार में सफेद और काले रंग की वस्तु का प्रयोग न करें। ऐसा करने से जीवन में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ सकता है। 
  • भद्रा काल के दौरान कोई संपत्ति या व्यापार की शुरुआत या निवेश न करें। 
  • करवा चौथ पर पूजा के बाद जब भी कोई श्रृंगार की वस्तु बच जाती हैं, तो उसे इधर उधर न फेंकें, बल्कि उसे किसी पवित्र नदी में प्रवाहित करें।
  • इस दिन धारदार चीजों के इस्तेमाल से बचें। साथ ही किसी से कोई भी मनमुटाव न रखें और अपशब्द न कहें।
  • व्रत पारण करने के बाद तामसिक भोजन ग्रहण न करें। 

Karwa Chauth Ka Mahatva: करवा का प्रतीकात्मक महत्व 
करवा का अर्थ है 'करवा' यानी मिट्टी का बर्तन जिसे भगवान गणेश का स्वरूप माना जाता है। भगवान गणेश जल तत्व के कारक हैं और करवा में लगी नली भगवान गणेश की सूंड का प्रतीक है। इस दिन मिट्टी के करवा में जल भरकर पूजा में रखना शुभ माना जाता है। 



 

दीपक और छलनी का प्रतीकात्मक महत्व 
  • दीये की रोशनी का करवा चौथ में विशेष महत्व होता है। शास्त्रों के अनुसार पृथ्वी पर सूर्य का बदला हुआ रूप अग्नि माना जाता है। माना जाता है कि अग्नि को साक्षी मानकर की गई पूजा सफल होती है। इसके साथ ही प्रकाश को ज्ञान का प्रतीक भी कहा जाता है। दीपक नकारात्मक ऊर्जा को भी दूर भगाता है।
  • छलनी की बात करें तो ज्यादातर महिलाएं दिन के अंत में पहले छलनी से चंद्रमा को देखकर और फिर तुरंत अपने पति को देखकर अपना व्रत खोलती हैं। यह करवा चौथ में सुनाई जानेवाली वीरवती की कथा से जुड़ा हुआ है। बहन वीरवती को भूखा देख उसके भाइयों ने चांद निकलने से पहले एक पेड़ की आड़ में छलनी में दीप रखकर चांद बनाया और बहन का व्रत खुलवाया।

करवा चौथ में सींक का महत्व
करवा चौथ व्रत की पूजा में सींक का होना बहुत जरूरी होता है। ये सींक मां करवा की शक्ति का प्रतीक है। पौराणिक कथा के अनुसार मां करवा के पति का पैर मगरमच्छ ने पकड़ लिया था। तब उन्होंने कच्चे धागे से मगर को बांध दिया और यमराज के पास पहुंच गईं। वे उस समय चित्रगुप्त के खाते देख रहे थे। करवा ने सात सींक लेकर उन्हें झाड़ना शुरू किया जिससे खाते आकाश में उड़ने लगे। करवा ने यमराज से अपने पति की रक्षा करने के लिए कहा, तब उन्होंने मगरमच्छ को मारकर करवा के पति की जान बचाई और उन्हें लंबी उम्र का वरदान दिया। 

Karwa Chauth Moon Worship: क्यों होती है चंद्रमा की पूजा? 
चंद्रमा को आयु, सुख और शांति का कारक माना जाता है और इनकी पूजा से वैवाहिक जीवन सुखमय बनता है और पति की आयु भी लंबी होती है। करवा चौथ का व्रत सुहागन महिलाएं अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए करती हैं। इस दिन कार्तिक संकष्टी चतुर्थी होती है। इस व्रत में भगवान शिव माता पार्वती और चंद्रमा का पूजन किया जाता है। 

करवा चौथ के मंत्र

  • श्रीगणेश का मंत्र - ॐ गणेशाय नमः
  • शिव का मंत्र - ॐ नमः शिवाय
  • पार्वती जी का मंत्र - ॐ पार्वती पतये नमः
  • स्वामी कार्तिकेय का मंत्र - ॐ षण्मुखाय नमः
  • चंद्रमा का पूजन मंत्र - ॐ सोमाय नमः
  • 'मम सुख सौभाग्य पुत्र-पौत्रादि सुस्थिर श्री प्राप्तये करक चतुर्थी व्रतमहं करिष्ये।'
  • 'नमस्त्यै शिवायै शर्वाण्यै सौभाग्यं संतति शुभा। प्रयच्छ भक्तियुक्तानां नारीणां हरवल्लभे।'

Karwa Chauth 2024 Thali Decoration: पूजा की थाली सजाने के लिए सामग्री
करवा (मिट्टी या धातु का पात्र)
दीया (तेल या घी का दीपक)
रोली या कुमकुम 
पानी का लोटा (अर्घ्य के लिए)
चलनी (चांद देखने के लिए)
अक्षत, चंदन, धूप, फूल, मिठाई, सिंदूर, फल
 
Karwa Chauth Thali Decoration: करवा चौथ पर सजानी है पूजा की थाली, अपनाएं ये तरीके
 

Karwa Chauth 2024 Thali Decoration Tips: पूजा की थाली को सजाने के तरीके
  • वैसे तो बाजार में डेकोरेट थालियां मिल जाती हैं, लेकिन अगर आप घर पर ही पूजा की थाली को सजाना चाहते हैं तो सबसे पहले एक बड़े आकार की थाली लें, जिसमें सारा सामान सेट किया जा सके।
  • थाली पर आप पेंट कलर से फूल, सुंदर कलाकृति या ओम आदि लिखकर भी सजा सकते हैं। इसके अलावा हल्दी को चावल के आटे के घोल में मिलाकर उससे भी थाली पर स्वास्तिक या ओम बना सकते हैं।
  • इसके बाद फूलों की पंखुड़ियों से थाली को सजाएं।
  • अब करवा चौथ की पूजा के लिए जरूरी सामान को थाली में सेट करें। आप जल के लोटे और थाली में मौजूद सभी बर्तनों पर भी स्वास्तिक बना सकते हैं।
  • साथ ही थाली के किनारे पर गोलाई से गोटा पट्टी को भी चिपका सकते हैं  ये भी देखने में आकर्षक लगता है।

karwa Chauth 2024 Mehndi Designs: करवा चौथ मेहंदी डिजाइन
सुहागिनों का व्रत और त्योहार सोलह श्रृंगार के बिना अधूरा माना जाता है। सुहागन का जोड़ा पहन स्त्रियां मांग में सिंदूर, बिंदी, महावर और गहने पहनकर तैयार होती हैं। सोलह श्रृंगार में मेहंदी का भी महत्व है। करवा चौथ पर महिलाएं पति के नाम की मेहंदी अपने हाथों में रचाती हैं। यहां दी गई यूनिक मेहंदी डिजाइन आप इस करवा चौथ अपने हाथों पर रचा सकती हैं। 

Karwa Chauth 2024 Different And Unique Mehndi Design Ideas ImagesKarwa Chauth 2024 Different And Unique Mehndi Design Ideas Images Karwa Chauth 2024 Different And Unique Mehndi Design Ideas Images

karwa Chauth Mehndi Designs: करवा चौथ मेहंदी डिजाइन
इस करवा चौथ आप इस तरह की मेहंदी डिजाइन भी रचा सकती हैं, जो काफी यूनिक और रचने पर सुंदर दिखती है। आप आसानी से इस तरह की डिजाइन हथेलियों पर लगा सकती हैं। हर किसी की नजर आपकी मेहंदी डिजाइन पर जाएगी।

Karwa Chauth 2024 Mehndi Designs Simple And Latest Mehndi Design Photos Images
Karwa Chauth 2024 Mehndi Designs Simple And Latest Mehndi Design Photos Images
Karwa Chauth 2024 Mehndi Designs Simple And Latest Mehndi Design Photos Images
 

Karwa Chauth 2024 Get Ready According To Moolank: मूलांक के अनुसार करें श्रृंगार
मूलांक 01:
इस मूलांक के स्वामी देवता सूर्य के आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना सदा कल्याणकारी रहेगा, साथ ही करवा चौथ के दिन नारंगी रंग की साड़ी अथवा परिधान पहनकर सोलह श्रृंगार करें।
मूलांक 02: इस मूलांक के स्वामी देवता चंद्रमा के आराध्य शिव शंकर की आराधना एवं शिव चालीसा का पाठ करें तो उन्हें पति के साथ सामंजस्य बढ़ाने में अनुकूलता प्राप्त होगी, साथ ही करवा चौथ के दिन मोती अथवा सीप की माला और आभूषण से अपना श्रृंगार करें।
मूलांक 03: इस मूलांक के स्वामी देवता, देवगुरु बृहस्पति से सौभाग्य वृद्धि की कामना के लिए पीली साड़ी पहनकर पति का दीदार करें। जब भी तनाव हो तो पीले वस्त्रों का उपयोग कर दांपत्य जीवन में मधुरता पाई जा सकती है।
मूलांक 04: इस मूलांक के स्वामी देवता, छाया ग्रह राहु की प्रसन्नता के लिए करवा चौथ के दिन अपनी शादी में पहना हुआ परिधान धारण करें।

मूलांक 05 : इस मूलांक के स्वामी देवता बुध ग्रह की अनुकूलता के लिए हरी साड़ी, हरी चूड़ी एवं पन्ने के आभूषण से श्रृंगार करें, ताकि दांपत्य जीवन में भी हरियाली छाई रहे।
मूलांक 06 : इस मूलांक के स्वामी देवता शुक्र ग्रह को प्रसन्न करने एवं दांपत्य जीवन में सुख-सौभाग्य की वृद्धि के लिए हीरे से बने आभूषण से अपना श्रृंगार करें और गाय को चारा खिलाएं।
मूलांक 07 : इस मूलांक के स्वामी देवता, छाया ग्रह केतु की प्रसन्नता के लिए शादी में पहना हुआ लहंगा धारण करें और पति की दीर्घायु के लिए शिव मंदिर में ध्वजा लगवाएं।
मूलांक 08 : इस मूलांक के स्वामी देवता शनि ग्रह की अनुकूलता एवं अपने पति को पराई नजरों से बचाने के लिए करवा चौथ के दिन अपनी आंखों का काजल पति के माथे पर लगाएं।
मूलांक 09 : इस मूलांक के स्वामी देवता मंगल ग्रह की प्रसन्नता के लिए करवा चौथ के दिन लाल रंग का उपयोग करें, चाहे वह परिधान हो या फिर श्रृंगार, ताकि सुख-सौभाग्य निरंतर आपके जीवन में बना रहे।

Karwa Chauth 2024 Moonrise Timing: करवा चौथ पर चंद्रोदय का समय 
वैदिक पंचांग की गणना के मुताबिक 20 अक्तूबर को करवा चौथ पर चंद्रोदय का समय शाम 07 बजकर 53 मिनट पर होगा। देशभर के अलग-अलग शहरों में चांद के निकलने के समय में कुछ बदलाव हो सकता है। 

Karwa Chauth 2024 Moon Rise Time in Different Cities Karwa Chauth Chand Kab Niklega

Karwa Chauth Vrat Katha: करवा चौथ की कथा
करवा चौथ व्रत की पौराणिक मान्यताएं भी है। जिससे अनुसार पति की लम्बी उम्र के लिए व्रत की परंपरा सतयुग से चली आ रही है। इसकी शुरुआत सावित्री के पतिव्रता धर्म से हुई। जब यम आए तो सावित्री ने अपने पति को ले जाने से रोक दिया और अपनी दृढ़ प्रतिज्ञा से पति को फिर से पा लिया। तब से पति की लम्बी उम्र के लिए व्रत किये जाने लगा। वहीं एक दूसरी पौराणिक कथा के अनुसार महाभारत में वनवास काल में अर्जुन तपस्या करने नीलगिरि के पर्वत पर चले गए थे तब द्रोपदी ने अर्जुन की रक्षा के लिए भगवान कृष्ण से मदद मांगी। उन्होंने द्रौपदी को वैसा ही उपवास रखने को कहा जैसा माता पार्वती ने भगवान शिव के लिए रखा था। द्रौपदी ने ऐसा ही किया और कुछ ही समय के बाद अर्जुन वापस सुरक्षित लौट आए।

करवा चौथ पर आटे के दीपक से पूजा करने का महत्व
हिंदू धर्म में आटे के दीपक को बेहद शुद्ध और पवित्र माना जाता है। वास्तु के अनुसार आटे के दीपक का इस्तेमाल किसी विशेष तरह की मनोकामना की पूर्ति के लिए किया जाता है। वहीं करवा चौथ का व्रत पति की लंबी आयु के लिए रखा जाता है, इसलिए ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आटे के दिये से पूजा करना शुभ होता है। माना जाता है कि जिसकी लंबी उम्र की कामना करते हुए आटे का दीपक जलाया जाता है उसे यमराज की पीड़ा नहीं सहनी पड़ती।

पांच शुभ योग में करवा चौथ का व्रत

20 अक्तूबर को करवा चौथ का पर्व मनाया जाएगा। वैदिक पंचांग के मुताबिक करवा चौथ पर एक साथ कई तरह के शुभ योगों का निर्माण देखने को मिलेगा। करवा चौथ पर चंद्रमा और गुरु का संयोग वृषभ राशि में बनने से गजकेसरी राजयोग का निर्माण होगा। वही इस दिन महालक्ष्मी, शश, समसप्तक और बुधादित्य राजयोग का शुभ संयोग देखने को मिलेगा। चंद्रमा इस दिन रोहिणी नक्षत्र में रहेगा। 
 

कार्तिक कृष्ण चतुर्थी तिथि आज यानी 20 अक्तूबर को सुबह 6:46 बजे से 21 अक्तूबर की भोर यानी  4:16 बजे तक रहेगी।  करवा चौथ पर पूजा के लिए शुभ मुहूर्त शाम 05 बजकर 46 मिनट लेकर शाम को 06 बजकर 54 मिनट तक रहेगा। 

 आज करवा चौथ पर व्यतीपात योग कृत्तिका नक्षत्र और विष्टि, बव और बालव करण का योग बन रहा है। इस योग में करवा माता की पूजा करने से अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती हैं।

Karwa Chauth Wishes 2024 - फोटो : अमर उजाला
करवा चौथ के दिन को और खास बनाने के लिए आप इन संदेशों के माध्यम से जीवनसाथी को करवा चौथ की शुभकमानएं दें सकते हैं। इससे आपके प्यार और रिश्ते में मिठास बढ़ेगी।
करवा चौथ का ये त्योहार,
आए और लाए खुशियां हजार,
यही है हमारी दुआ,
आप हर बार मनाएं यह त्योहार,
सलामत रहें आप और आपका परिवार।
करवा चौथ की हार्दिक शुभकामनाएं

धन्य वह देवी जो पति सुख हेतु करवा चौथ का व्रत पावे
धन्य वह पति जो देवी रूप ऐसी पत्नी पावे,
धन्य वह स्वरूप जो मनुष्यता का दीप जलावे।
करवा चौथ की हार्दिक शुभकामनाएं

चांद की तरह दमके आपका जीवन,
प्यार और खुशियों से भर जाए आपका संसार।
करवा चौथ की हार्दिक शुभकामनाएं

करवा चौथ के दिन बन रहे ये शुभ मुहूर्त 

ब्रह्म मुहूर्त-        प्रातः 04:43 से प्रातः 05:34 
प्रातः सन्ध्या-      प्रातः 05:08 से प्रातः 06:24
अभिजित मुहूर्त- प्रातः 11:42 से दोपहर 12:27
विजय मुहूर्त-     दोपहर  01:58 से दोपहर 02:44 
गोधूलि मुहूर्त-   सायं  05:45 से सायं 06:11
सायाह्न सन्ध्या-  सायं 05:45  से सायं 07:01 

करवा चौथ के दिन बन रहे ये शुभ चौघड़िया मुहूर्त 

चर -सामान्य: प्रातः 07:49 से प्रातः 09:14 
लाभ -उन्नति: प्रातः 09:14 से प्रातः 10:40 
अमृत-सर्वोत्तम:प्रातः10:40 से दोपहर 12:05 
शुभ -उत्तम: सायं 05:45 से सायं 07:20 
अमृत -सर्वोत्तम:सायं  07:20 से  रात्रि 08:55

करवा चौथ - फोटो : अमर उजाला
करवा चौथ पूजन सामग्री
लकड़ी का आसान,देसी घी, पान, सींक, कलश, हल्दी, रोली ,मौली ,मिठाई ,छन्नी ,लोटे में भरने के लिए चावल ,दान की सामग्री ,अक्षत ,चंदन ,फल ,पीली मिट्टी ,फूल ,मिट्टी या तांबे का करवा और ढक्कन और करवा चौथ व्रत कथा किताब।

करवा चौथ 2024 - फोटो : amar ujala
ज्योतिषीय गणना के अनुसार करवा चौथ पर अब शश, गजकेसरी योग, समसप्तक, बुधादित्य और महालक्ष्मी जैसे राजयोग रहेंगे। 

शादी के बाद पहली बार रखने वाली महिलाओं के लिए करवा चौथ का व्रत और भी खास होता है। इस दिन महिलाएं दुल्हन की तरह तैयार होकर करवा माता की पूजा करती हैं। व्रत के दौरान कुछ खास नियमों का अवश्य पालन करना चाहिए। इससे भाग्य में वृद्धि होती हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि पहली बार करवा चौथ का व्रत रखने पर किन नियमों का पालन करना चाहिए।

इन नियमों का करें पालन 
  • यदि आप शादी के बाद पहला करवा चौथ का व्रत रखी रही हैं, तो पूजा में पूरे सोलह श्रृंगार के साथ बैठना चाहिए। इस दिन शादी का जोड़ा पहनना और भी फलदायक होता है। इससे अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है।
  • इस दिन व्रत का पारण हमेशा चंद्र दर्शन और चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद पति के हाथों से पानी पीकर करना चाहिए। इससे उपवास का संपूर्ण फल मिलता है।
  • करवा चौथ के भोजन में भूलकर भी लहसुन प्याज का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। साथ ही घर में भी इस दिन प्याज-लहसुन का उपयोग न करें।
  • करवा चौथ पर करवा माता की पूजा का विधान है। इस दिन माता की पूजा और करवा चौथ की व्रत कथा अवश्य सुननी चाहिए। इससे शुभ परिणामों की प्राप्ति होती हैं।
  • इस दौरान सुहागिन महिलाओं के लिए बायना जरूर निकालें। इसे देते समय उनके पैर छुएं।
  • करवा चौथ पति-पत्नी के बीच प्रेम विश्वास का प्रतीक है। इस दिन किसी भी तरह की लड़ाई-झगड़ा न करें। साथ ही किसी को भी अपशब्द न बोलें।

करवा चौथ व्रत के दौरान न करें ये काम 
  • करवा चौथ व्रत वाले दिन सुहागिनें अपने श्रृंगार में सफेद और काले रंग की वस्तु का प्रयोग न करें। सुहागिन महिलाएं यदि  करवा चौथ पर इन रंगों का उपयोग करती हैं तो उनके जीवन में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ सकता है। 
  • भद्रा काल के दौरान कोई संपत्ति या व्यापार की शुरुआत या निवेश न करें। 
  • करवा चौथ पर पूजा के बाद जब भी कोई श्रृंगार की वस्तु बच जाती हैं, तो उसे इधर उधर न फेंकें, बल्कि उसे किसी पवित्र नदी में प्रवाहित करें।
  • इस दिन धारदार चीजों के इस्तेमाल से बचें। साथ ही किसी से कोई भी मनमुटाव न रखें और अपशब्द न कहें।
  • व्रत पारण करने के बाद तामसिक भोजन ग्रहण न करें।

आपके शहर में कितने बजे निकलेगा चांद 

करवा चौथ 2024 पूजा शुभ मुहूर्त (Karwa Chauth 2024 Puja Muhurat)
करवा चौथ पर पूजा के लिए शुभ मुहूर्त 20 अक्तूबर को शाम 05 बजकर 46 मिनट  लेकर शाम शाम 06 बजकर 54 मिनट तक रहेगा। 

Karwa Chauth 2024 - फोटो : अमर उजाला
करवा चौथ व्रत के नियम (Karwa Chauth Vrat Ke Niyam)
  • करवा चौथ पर तब तक जल ग्रहण नहीं करना चाहिए जब तक चांद के दर्शन न हो जाए और पूजा न संपन्न हो। लेकिन अगर किसी को स्वास्थ्य संबंधी कोई परेशानी हो जल ग्रहण कर सकते हैं। पत्नी का स्वास्थ्य ठीक न होने पर पति को व्रत करना चाहिए। 
  • करवा चौथ पर चंद्रोदय होने के पहले भगवान शिव, माता पार्वती, गणेशजी और कार्तिकेय भगवान की पूजा भी अवश्य करें। 
  • करवा चौथ पर चौथमाता की कथा का श्रवण या वाचन करने से सुहागिन महिलाओं का सुहाग हमेशा बना रहता है। चौथ की कथा सुनने पर पति-पत्नी के बीच प्यार बढ़ता है और वैवाहिक जीवन में शांति और समृद्धि आती है। 

karwa chauth 2024 - फोटो : amar ujala
करवा चौथ पर सास को दें ये उपहार 
करवा चौथ के दिन पूजा के लिए मिट्टी के करवे  के अलावा मीठा करवा भी होता है, जिसे खांड करवा भी कहा जाता है। मीठी करवा में सूखे मेवे भी होते हैं।  करवा चौथ के दिन सास को शगुन के तौर पर मीठा करवा, कपड़े, शादी का सामान और कुछ पैसे उपहार में दिए जाते हैं। 

करवा चौथ पर पूजन करने की दिशा ( Dirction Of Puja On Karwa Chauth)
करवा चौथ पर पूजा करने में दिशा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। पूजा करते समय देवी-देवताओं की प्रतिमा का मुख पश्चिम की ओर और पूजा करने वाली सुहागिन महिलाओं का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर करना चाहिए। उत्तर-पूर्व (ईशान) करवा चौथ की पूजा करने के लिए आदर्श स्थान है क्योंकि यह कोण पूर्व एवं उत्तर दिशा के शुभ प्रभावों से युक्त होता है।

 मिट्टी के करवे से चंद्रदेव को दें अर्घ्य
करवा चौथ पर मिट्टी के करवे का विशेष महत्व होता है। ऐसे में मिट्टी के करवे से चंद्रदेव को अर्घ्य देना बहुत ही शुभ माना जाता है। मिटटी का करवा गणेशजी और पृथ्वी का प्रतीक माना गया है। करवा साबुत और शुद्ध होना चाहिए। टूटा या दरार वाला करवा पूजा में अशुभ माना गया है।  

करवा चौथ पर करें सुहाग सामग्री का दान
करवा चौथ के दिन सुहागिन महिलाएं विशेष रूप से सुहाग सामग्री जैसे कि लाल चूड़ियां, सिंदूर, बिंदी, काजल, मेहंदी और कंघी आदि का दान करती हैं। इसे सौभाग्यवती महिलाओं को दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इससे अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है और पति की लंबी उम्र का आशीर्वाद मिलता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन सुहाग सामग्री दान करने से मां पार्वती का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है।

व्रत के समय ध्यान रखने योग्य बातें
करवा चौथ व्रत के दौरान महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं, जो कि पति की दीर्घायु के लिए समर्पित होता है। इस व्रत में सूर्योदय से चंद्रोदय तक कुछ भी नहीं खाया-पीया जाता है। व्रत की शुरुआत सूर्योदय से पहले सरगी खाने से की जाती है। यह सरगी सास द्वारा दी जाती है, जिसे सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। चंद्रोदय के बाद पति के हाथों से जल ग्रहण करके ही व्रत पूर्ण होता है।

करवा चौथ पर होती है चौथ माता की पूजा
करवा चौथ के दिन चौथ माता की पूजा का भी विशेष महत्व है। महिलाएं अपने करवे में जल भरकर चौथ माता को अर्पित करती हैं और उनसे सौभाग्य की प्रार्थना करती हैं। पूजा के समय सुहाग की सारी वस्त्र-आभूषण पहनना शुभ होता है।

करवा चौथ पर चौथ माता की पूजा के साथ करें गौरी-शंकर पूजा
करवा चौथ पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा विशेष महत्व रखती है। सुहागन महिलाएं गौरी-शंकर के रूप में शिव-पार्वती की मूर्ति का पूजन करती हैं और उन्हें सिंदूर, चूड़ियां, बिंदी, और वस्त्र चढ़ाती हैं। यह पूजा अखंड सौभाग्य और दांपत्य जीवन की सुख-समृद्धि के लिए अत्यंत लाभकारी मानी जाती है। पूजा के समय ‘ऊँ उमामहेश्वराय नमः’मंत्र का जाप किया जा सकता है, जो विवाहित जीवन के समस्त विघ्नों को दूर करने में सहायक होता है।

करवा चौथ पर चंद्रोदय का समय
वैदिक पंचांग की गणना के मुताबिक 20 अक्तूबर को करवा चौथ पर चंद्रोदय का समय शाम 07 बजकर 53 मिनट पर होगा। देशभर के अलग-अलग शहरों में चांद के निकलने के समय में कुछ बदलाव हो सकता है। दिल्ली में चांद 7.53 बजे, नोएडा में 7.52, गुरुग्राम में 7:55 और गाजियाबाद में 07:52 बजे चांद दिखाई देगा।

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गलती से व्रत टूटने पर क्या करें  Galti Se Vrat Tootne Par Kya Karein 
अगर आपका करवा चौथ का व्रत पूजा से पहले गलती से टूट गया है तो घबराएं नहीं और न ही व्रत को बीच में छोड़ें। अगर गलती से आपका व्रत टूट जाए तो तुरंत हाथ जोड़कर भगवान से इस गलती के लिए माफी मांगें।  माफी मांगने के बाद दोबारा व्रत करने का संकल्प लें। इस संकल्प को करने के लिए सबसे पहले अपने दाहिने हाथ में जल लें और क्षमा याचना मंत्र का  51 बार जाप करें। इसके बाद चंद्रदेव का ध्यान करके जल अर्पित कर दें। इसके बाद आप दोबारा व्रत आरंभ कर सकते हैं। 

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करवा चौथ पूजा विधि Karwa Chauth Puja Vidhi

  • करवा चौथ पर शाम को लकड़ी की चौकी पर लाल वस्त्र बिछाएं, इस पर भगवान शिव, माता पार्वती, कार्तिकेय, गणेश जी की प्रतिमा स्थापित कर दें।
  • एक लोटे में जल भरकर उसके ऊपर श्रीफल रखकर कलावा बांध दें और दूसरा मिट्टी का करवा लेकर उसमें जल भरकर व ढक्कन में शक्कर भर दें, उसके ऊपर दक्षिणा रखें, रोली से करवे पर स्वास्तिक बनाएं।
  • इसके बाद धूप, दीप, अक्षत व पुष्प चढाकर भगवान का पूजन करें, पूजा के उपरांत भक्तिपूर्वक हाथ में गेहूं के दाने लेकर चौथ माता की कथा पढ़ें या  सुने।
  • फिर रात्रि में चंद्रोदय होने पर चंद्रदेव को अर्ध्य देकर बड़ों का आशीर्वाद लेते हुए व्रत को समाप्त करें। 
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करवा चौथ पूजा - फोटो : Adobe

करवा चौथ के दिन इन मंत्रों के जप से लाभ होगा

करवा चौथ पूजन मंत्र

“ॐ शिवायै नमः, श्रीं ह्रीं क्लीं मातः पार्वत्यै नमः”

अर्घ्य मंत्र (चंद्रमा को अर्घ्य देने के समय)

“सौम्यरूप महाभाग मंत्रराज द्विजोत्तम।
मम पूर्वकृतं पापं ओषधे क्षमस्व मे।”

पति की आरती के समय किया जाने वाला मंत्र 
“ऊँ क्लीं सौभाग्यं देहि, पति मे श्रीं ह्रीं स्वाहा”

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करवा चौथ पर बन रहे शुभ योग से इन राशियों का प्रेम जीवन होगा सुखमय Lucky Zodiac Signs On Karwa Chauth 

करवा चौथ के दिन शनि 72 साल के बाद  शश योग का निर्माण करेंगे। यह बेहद शुभ योग माना जाता है। करवा चौथ के दिन गुरु और शुक्र के बीच समसप्तक योग होगा। यह दोनों ही ग्रह वैवाहिक और प्रेम जीवन पर असर डालने वाले माने जाते हैं। इसके साथ ही बुध और सूर्य इस दिन बुधादित्य योग में होंगे। ग्रहों की इस स्थिति का कुछ राशियों को विशेष लाभ प्राप्त हो सकता है. 

मेष 
करवा चौथ का त्योहार आपके प्रेम और वैवाहिक जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लेकर आएगा। पार्टनर के साथ इस राशि के जातकों को अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। आप अपने पार्टनर के साथ कहीं घूमने निकल सकते हैं। 

वृषभ
जीवनसाथी की भावनाओं को आप समझेंगे जिससे वैवाहिक जीवन में आनंद आएगा। आप अपने पार्टनर की पसंद का कोई गिफ्ट भी इस दौरान उन्हें दे सकते हैं। अगर रिश्ते से जुड़ी कोई बात आपको परेशान कर रही थी तो उसका हल भी इस दौरान आपको मिल सकता है।

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ये राशियां भी हैं भाग्यशाली Lucky Rashi on Karwa Chauth

तुला

शुक्र के स्वामित्व वाली तुला राशि के जातक प्रेम संबंधों में नए अनुभव प्राप्त कर सकते हैं। पार्टनर राज की बातें आपके साथ शेयर कर सकता है, जिससे रिश्ते की डोर मजबूत होगी। करवा चौथ के बाद कई गिले-शिकवे दूर हो सकते हैं।

कुंभ 
इस राशि वालों के लिए करवा चौथ और उसके बाद का समय लाभकारी सिद्ध हो सकता है। जिन लोगों के विवाह में देरी हो रही थी उनको अच्छा पार्टनर मिलने की संभावना है। वहीं जो लोग पहले से शादीशुदा हैं उनको अपने पार्टनर में अच्छे बदलाव देखने को मिलेंगे। 

Karwa Chauth 2024: करवा चौथ पर करें राशि के अनुसार दान, अखंड सौभाग्य का मिलेगी आशीर्वाद

करवा चौथ मंत्र 

करवा चौथ पर य पूजन सामग्री है आवश्यक Pujan Samagri For Karwa Chauth 

 

करवा चौथ शुभ मुहूर्त Karwa Chauth Shubh Muhurat 

करवा चौथ पर पूजा के लिए शुभ मुहूर्त शाम 05 बजकर 46 मिनट लेकर शाम को 06 बजकर 54 मिनट तक रहेगा। 

करवा चौथ पर आटे के दीपक का महत्व Diya In Karwa Mata Puja
हिंदू धर्म में आटे के दीपक को बेहद शुद्ध और पवित्र माना जाता है। वास्तु के अनुसार आटे के दीपक का इस्तेमाल किसी विशेष तरह की मनोकामना की पूर्ति के लिए किया जाता है। वहीं करवा चौथ का व्रत पति की लंबी आयु के लिए रखा जाता है, इसलिए ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आटे के दिये से पूजा करना शुभ होता है। माना जाता है कि जिसकी लंबी उम्र की कामना करते हुए आटे का दीपक जलाया जाता है उसे यमराज की पीड़ा नहीं सहनी पड़ती।

Karwa Chauth 2024: करवा चौथ पर आटे के दीपक से पूजा करने का क्या महत्व है?

Karwa Chauth 2024 Puja Muhurat: करवा चौथ पूजा शुभ मुहूर्त

देशभर में आज करवा चौथ का त्योहार मनाया जा रहा है। सुहागिन महिलाएं आज सुबह से ही निर्जला व्रत पर हैं। हर वर्ष कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को करवा चौथ का व्रत रखा जाता है। इस व्रत में सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु और अखंड सौभाग्यवती की कामना के लिए पूरे दिन निर्जला व्रत रखते हुए करवा माता पूजा, फिर शाम को चांद के निकलने पर अर्घ्य देती हैं। अब से कुछ घंटों पर करवा चौथ की पूजा आरंभ हो जाएगी और फिर इसके बाद चांद के निकलने का इंतजार होगा।

अब से कुछ घंटों के बाद करवा चौथ की पूजा शुरू हो जाएगी। यह पूजा शाम 05 बजकर 46 मिनट से प्रारंभ होगी, जिसे 06 बजकर 54 मिनट तक किया जा सकता है। 
 

Karwa Chauth Vrat Katha in Hindi 2024: पढ़ें करवा चौथ की पौराणिक व्रत कथा

एक साहूकार के सात लड़के और एक लड़की थी। एक बार कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को सेठानी सहित उसकी सातों बहुएं और उसकी बेटी ने भी करवा चौथ का व्रत रखा। रात्रि के समय जब साहूकार के सभी लड़के भोजन करने बैठे तो उन्होंने अपनी बहन से भी भोजन कर लेने को कहा। इस पर बहन ने कहा- भाई, अभी चांद नहीं निकला है। चांद के निकलने पर उसे अर्ध्य देकर ही मैं आज भोजन करूंगी।

साहूकार के बेटे अपनी बहन से बहुत प्रेम करते थे, उन्हें अपनी बहन का भूख से व्याकुल चेहरा देख बेहद दुःख  हुआ। साहूकार के बेटे नगर के बाहर चले गए और  एक पेड़ पर चढ़ कर अग्नि जला दी। घर वापस आकर उन्होंने अपनी बहन से कहा- देखो बहन, चांद निकल आया है। अब तुम  अर्ध्य देकर भोजन ग्रहण करो। साहूकार की बेटी ने अपनी भाभियों से कहा- देखों, चांद निकल आया है, तुम लोग भी अर्ध्य देकर भोजन कर लो। ननद की बात सुनकर भाभियों ने कहा-बहन अभी चांद नहीं निकला है, तुम्हारे भाई धोखे से अग्नि जलाकर उसके प्रकाश को चांद के रूप में तुम्हें दिखा रहे हैं।

साहूकार की बेटी अपनी भाभियों की बात को अनसुनी करते हुए भाइयों द्वारा दिखाए गए चांद को अर्ध्य देकर भोजन कर लिया। इस प्रकार करवा चौथ का व्रत भंग करने के कारण विध्नहर्ता भगवान श्री गणेश साहूकार की लड़की पर अप्रसन्न हो गए। गणेश जी की अप्रसन्नता के कारण उस लड़की का पति बीमार पड़ गया और घर में बचा हुआ सारा धन उसकी बीमारी में लग गया।

साहूकार की बेटी को जब अपने किए हुए दोषों का पता लगा तो उसे बहुत पश्चाताप हुआ। उसने गणेश जी से क्षमा प्रार्थना की और फिर से विधि-विधान पूर्वक चतुर्थी का व्रत शुरू कर दिया। उसने उपस्थित सभी लोगों का श्रद्धानुसार आदर किया और तदुपरांत उनसे आर्शीवाद ग्रहण किया।

इस प्रकार उस लड़की की श्रद्धा-भक्ति को देखकर एकदंत गणेश जी उस पर प्रसन्न हो गए और उसके पति को जीवनदान प्रदान किया। उसे सभी प्रकार के रोगों से मुक्त करके धन, संपत्ति और वैभव से युक्त कर दिया। इस प्रकार यदि कोई भी छल-कपट, अंहकार, लोभ, लालच को त्याग कर श्रद्धा और भक्ति भाव पूर्वक चतुर्थी का व्रत पूर्ण करता है, तो वह जीवन में सभी प्रकार के दुखों और क्लेशों से मुक्त होता है और सुखमय जीवन व्यतीत करता है। 

Aaj Chand Kis Time Niklega : देशभर में कब से कब तक दिखेगा करवा चौथ का चांद

कुछ घंटों के बाद करवा चौथ की पूजा का समय आरंभ हो जाएगा। सुहागिन महिलाएं 16 श्रृंगार करके एक साथ एक जगह पर एकत्रित होकर पूजा शुरू करेंगी। पति की सुख, सृद्धि और सौभाग्य की कामना के लिए करवा माता की पूजा, भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी की पूजा करेंगे, फिर इसके बाद करवा माता की सुनेंगी। रात होते ही चांद के निकलने का इंतजार होगा। पंचांग के मुताबिक आज शाम 7 बजे से लेकर रात करीब 9 बजे तक देशभर में चांद दिखाई देगा।

Karwa Chauth 2024 Aarti: करवा चौथ की आरती

ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया।

जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया।। ओम जय करवा मैया।

सब जग की हो माता, तुम हो रुद्राणी।

यश तुम्हारा गावत, जग के सब प्राणी।।

कार्तिक कृष्ण चतुर्थी, जो नारी व्रत करती।

दीर्घायु पति होवे , दुख सारे हरती।।

ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया।

जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया।।

होए सुहागिन नारी, सुख संपत्ति पावे।

गणपति जी बड़े दयालु, विघ्न सभी नाशे।।

ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया।

जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया।।

करवा मैया की आरती, व्रत कर जो गावे।

व्रत हो जाता पूरन, सब विधि सुख पावे।।

ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया।

जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया।।

Aaj Chand Nikalne Ka Samay: जानें आपके शहर में कब दिखेगा करवा चौथ का चांद

करवा चौथ का चांद - फोटो : अमर उजाला
करवा चौथ पर आज शुभ मुहूर्त में पूजा होने के बाद सभी सुहागिन महिलाओं को चांद के निकलने का इंतजार रहेगा। चांद के दर्शन और पूजन के बाद ही सुहागिन महिलाएं अपना व्रत खोलेंगी। पंचांग के मुताबिक आज दिल्ली के समयानुसार करीब 07 बजकर 53 मिनट पर चांद दिखाई देगा। अलग-अलग शहरों में चांद के निकलने में थोड़ा अंतर हो सकता है। देश के अलग-अलग शहरों में चांद कब निकलेगा यहां देखें। 
 

करवा चौथ पर कब निकलेगा आपके शहर में चांद...

शहर समय
दिल्ली            Karwa Chauth Moon Time Delhi रात 07:53
नोएडा            Karwa Chauth Moon Time Noida रात 07:52
मुंबई              Karwa Chauth Moon Time Mumbai रात 08:36
कोलकाता       Karwa Chauth Moon Time Kolkata रात 07:22
चंडीगढ़           Karwa Chauth Moon Time Chandigarh रात 07:48
पंजाब              Karwa Chauth Moon Time  Punjab रात 07:48
जम्मू                Karwa Chauth Moon Time Jammu  रात 07:52
लुधियाना          Karwa Chauth Moon Time Ludhiana रात 07:52
देहरादून           Karwa Chauth Moon Time Dehradun रात 07:24
शिमला             Karwa Chauth Moon Time Simla रात 07:47
पटना                Karwa Chauth Moon Time Patna रात 07:29
लखनऊ            Karwa Chauth Moon Time Lucknow रात 07:42
कानपुर             Karwa Chauth Moon Time Kanpur रात 07:47
प्रयागराज          Karwa Chauth Moon Time Prayagraj रात 07:42
इंदौर                Karwa Chauth Moon Time Indore रात 08:15
भोपाल              Karwa Chauth Moon Time Bhopal रात 08:07
अहमदाबाद       Karwa Chauth Moon Time Ahmedabad रात 08:27
चेन्नई                 Karwa Chauth Moon Time Chennai रात 08:18
बंगलूरू              Karwa Chauth Moon Time Bengaluru रात 08:30
जयपुर              Karwa Chauth Moon Time Jaipur रात 08:05
रायपुर              Karwa Chauth Moon Time Raipur रात 07:43

 

Today Moon Rise Time: करवा चौथ शुभकामना संदेश और चांद पर कुछ चुनिंदा शेर

आज सुहागिन महिलाएं सुबह से करवा चौथ पर निर्जला व्रत रखा हुआ है। हिंदू धर्म में करवा चौथ के त्योहार का विशेष महत्व होता है। सुहागिन महिलाएं व्रत रखकर अपने पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए करवा माता, भगवान गणेश और चंद्रदेव की पूजा करती हैं। करवा चौथ पर पूजा के बाद सभी सुहागिन महिलाएं चांद के निकलने का इंतजार करती हैं और जब चांद निकल आता है तब पूजा और अर्घ्य देते हुए अपने पति के हाथों से जल ग्रहण करके व्रत को पूरा करती हैं। ऐसे में सभी सुहागिन महिलाओं को चांद के निकलने का इंतजार है। आइए जानते हैं चांद से जुड़े कुछ शेर और करवा चौथ की शुभकामना संदेश...


दीवाना-ए-जुस्तुजू हो गया चाँद
बादल से गिर के खो गया चाँद
- ज़ियाउद्दीन अहमद शकेब 


चाँद का हुस्न भी ज़मीन से है
चाँद पर चाँदनी नहीं होती
- इब्न-ए-सफ़ी 

सूरत न यूँ दिखाए उन्हें बार बार चाँद
पैदा करे हसीनों में कुछ ए'तिबार चाँद
- जावेद लख़नवी 

फ़लक पे चाँद सितारे निकलने हैं हर शब
सितम यही है निकलता नहीं हमारा चाँद
- पंडित जवाहर नाथ साक़ी 

चाँद बनना तुम्हें मुबारक हो
घर हमारा करोगे कब रौशन
- जलील मानिकपुरी 


इक दीवार पे चाँद टिका था
मैं ये समझा तुम बैठे हो
- बशीर बद्र 

सूरज डूबा निकला चाँद
छत पर आया मेरा चाँद
- अहमर जलेसरी

Aaj Chand Kis Time Niklega: चांद के निकलने पर सबसे पहले क्या करें सुहागिन महिलाएं

करवा चौथ - फोटो : अमर उजाला
बिना चांद के दर्शन और करवा माता की कथा सुने करवा चौथ का व्रत पूरा नहीं माना जाता है। पूजा संपन्न होने के बाद सभी सुहागिन महिलाओं को चांद के निकलने का इंतजार रहता है। जब करवा चौथ पर चांद निकले तो सबसे पहले उन्हें प्रणाम करें और इसके बाद अक्षत, फूल, चंदन, मिठाई और रोली अर्पित करते हुए मिट्टी या तांबे के करवे से अर्घ्य दें। 

Moon Rise Time Today: देखें अपने शहर में चांद के निकलने का समय

करवा चौथ की पूजा खत्म होने के बाद अब से कुछ देर बाद ही आसमान में चांद का दीदार होगा। पंचांग के मुताबिक आज रात करीब 07 बजकर 53 मिनट के आसपास चांद दिखाई देने लगेगा। हालांकि जिन शहरों में आसमान में बादल होंगे वहां पर चांद थोड़ी देर में दिखाई देगा। यहां देखें अपने शहर में चांद के निकलने का समय...
 

करवा चौथ पर कब निकलेगा आपके शहर में चांद...

शहर समय
दिल्ली            Karwa Chauth Moon Time Delhi रात 07:53
नोएडा            Karwa Chauth Moon Time Noida रात 07:52
मुंबई              Karwa Chauth Moon Time Mumbai रात 08:36
कोलकाता       Karwa Chauth Moon Time Kolkata रात 07:22
चंडीगढ़           Karwa Chauth Moon Time Chandigarh रात 07:48
पंजाब              Karwa Chauth Moon Time  Punjab रात 07:48
जम्मू                Karwa Chauth Moon Time Jammu  रात 07:52
लुधियाना          Karwa Chauth Moon Time Ludhiana रात 07:52
देहरादून           Karwa Chauth Moon Time Dehradun रात 07:24
शिमला             Karwa Chauth Moon Time Simla रात 07:47
पटना                Karwa Chauth Moon Time Patna रात 07:29
लखनऊ            Karwa Chauth Moon Time Lucknow रात 07:42
कानपुर             Karwa Chauth Moon Time Kanpur रात 07:47
प्रयागराज          Karwa Chauth Moon Time Prayagraj रात 07:42
इंदौर                Karwa Chauth Moon Time Indore रात 08:15
भोपाल              Karwa Chauth Moon Time Bhopal रात 08:07
अहमदाबाद       Karwa Chauth Moon Time Ahmedabad रात 08:27
चेन्नई                 Karwa Chauth Moon Time Chennai रात 08:18
बंगलूरू              Karwa Chauth Moon Time Bengaluru रात 08:30
जयपुर              Karwa Chauth Moon Time Jaipur रात 08:05
रायपुर              Karwa Chauth Moon Time Raipur रात 07:43

पांच ग्रहों के अनोखे संयोग में करवा चौथ

इस बार करवा चौथ पर चंद्रमा और गुरु के संयोग से गजकेसरी राजयोग में करवा चौथ की पूजा हुई है। इसके अलावा आज के दिन महालक्ष्मी योग, शश योग,समसप्तक योग और बुधादित्य राजयोग बना।
 

करवा चौथ पर कब निकलेगा चांद - फोटो : अमर उजाला
Karwa Chauth 2024 Chand Nikalne Ka Time : आज करवा चौथ पर चांद दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा और गाजियाबाद में करीब शाम 07 बजकर 53 के आसपास निकलेगा। 

आपके शहर में चंद्रोदय का समय
दिल्ली                रात 07:53
नोएडा                रात 07:52
गुरुग्राम              रात 07:55
गाजियाबाद         रात 07:52

Karwa Chauth 2024 Chand Nikalne Ka TimeMoonrise Time: इन शहरों में चंद्रोदय का समय

करवा चौथ - फोटो : अमर उजाला
चंडीगढ़             रात 07:48
लुधियाना           रात 07:52
अमृतसर           रात 07:55
शिमला              रात 07:47

Karwa Chauth 2024 Chand Nikalne Ka Time Karwa Chauth Moonrise Time: इन शहरों में चांद के निकलने का समय

करवा चौथ - फोटो : अमर उजाला
आपके शहर में चंद्रोदय का समय
मेरठ                  रात 07:51
आगरा                रात 07:53
पटना                 रात 07:29
देहरादून             रात 07:24

Karwa Chauth 2024 Chand Nikalne Ka Time: लखनऊ,कानपुर,प्रयागराज और बनारस में चांद के निकलने का समय

करवा चौथ - फोटो : अमर उजाला
आपके शहर में चंद्रोदय का समय
लखनऊ               रात 07:42
बनारस                रात 07:38
कानपुर                रात 07:47
प्रयागराज             रात 07:42

Chand Nikalne Ka Time Today: प्रदूषण के कारण दिल्ली NCR में देर से दिखेगा चांद

सुहागिनों का महापर्व करवा चौथ पर अब सभी को चांद के निकलने का इंतजार है। लेकिन दिल्ली और आसपास के इलाके में प्रदूषण के चलते चांद के दर्शन अभी नहीं हो पा रहा है। थोड़ी देर पर चांद के दर्शन होंगे।

 

chand time today: देश के पूर्वोत्तर राज्यों में हुआ चांद के दर्शन

देश के कुछ हिस्सों में करवा चौथ का चांद दिखाई दे गया है। गुवाहाटी में चांद नजर आया है और यहां पर सुहागिन महिलाएं चांद के दर्शन कर व्रत को पूरा किया। 

यहां पर भी दिखा करवा चौथ का चांद

अयोध्या और शिमला में चांद निकल आया है। अब सुहागिन महिलाएं चांद के दर्शन करने के बाद अपना व्रत खोल रही हैं। 
 
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करवा चौथ व्रत का संकल्प सुहागिनों ने किया पूरा

देशभर में चांद के दर्शन करने के बाद अब सुहागिनों का महापर्व करवा चौथ संपन्न हो गया है। सुहागिनों ने चांद के दर्शन और पूजन के के बाद पति के हाथों से जल ग्रहण कर व्रत को पूरा किया। 
 
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