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Hartalika Teej 2024: कल ब्रह्ममुहूर्त में किया जाएगा हरतालिका तीज व्रत का पारण, जानें व्रत खोलने की सही विधि

Fri, 06 Sep 2024 06:44 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

Hartalika Teej Puja Paran Time in Hindi: हरतालिका तीज के दिन व्रत का पारण अलग-अलग जगहों पर विभिन्न तरह से किया जाता है। कई महिलाएं प्रदोष काल में शिव-पार्वती की विधिवत पूजा करने के बाद व्रत का पारण कर देती हैं, तो कई महिलाएं चतुर्थी तिथि को सूर्योदय से पूर्व व्रत का पारण करती है। इन नियमों के अनुसार व्रत रखने से आपको व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है जिससे अच्छे परिणाम मिलते हैं। 
 
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हरतालिका तीज 2024 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Hartalika Teej 2024 Shubh Yog Muhurat, Pujan Samagri Vidhi And Mahatva In Hindi: आज यानी भाद्रपद माह में शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरतालिका तीज का पर्व मनाया जाता है। यह व्रत माता पार्वती और भगवान भोलेनाथ को समर्पित है। यह व्रत सुहागिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु और सुख-सौभाग्य की कामना के लिए रखती हैं। कुछ स्थानों में कुंवारी कन्याएं भी अच्छे वर की प्राप्ति के लिए यह व्रत रखती हैं। निर्जला व्रत होने के कारण ये बेहद ही कठिन माना जाता है। इस दिन महिलाएं अन्न-जल ग्रहण किए पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं।
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Hartalika Teej 2024 Wishes: हरतालिका तीज पर सहेलियों और रिश्तेदारों को इन खूबसूरत संदेशों से दें शुभकामनाएं
 

हरतालिका तीज तिथि 2024 (Hartalika Teej 2024 Date)

हरतालिका तीज 2024 - फोटो : amar ujala
वैदिक पंचांग के अनुसार इस वर्ष हरतालिका तीज की तिथि भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 5 सितंबर को दोपहर 12 बजकर 22 मिनट से शुरू हो जाएगी और इस तिथि का समापन 06 सितंबर को दोपहर 03 बजकर 01 मिनट पर होगा। इस तरह से उदयातिथि के आधार पर हरतालिका तीज का व्रत 06 सितंबर को रखा जाएगा। 

Hartalika Teej Vrat 2024: विवाहित महिलाएं ही नहीं कुंवारी कन्याएं भी रख सकती हैं ये व्रत, जानें नियम
 

Hartalika Teej 2024 Wishes - फोटो : अमर उजाला
आज 6 सितंबर को शुक्ल योग और हस्त नक्षत्र के साथ हरतालिका तीज मनाई जा रही है। ये दिन गौरी-शंकर की पूजा को समर्पित है। हरतालिका तीज पर व्रती महिलाएं शिव परिवार की विधि विधान से पूजा करती हैं, जिससे सौभाग्यवती भव का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस दौरान अविवाहित लड़कियां भी इस दिन मनचाहे वर की कामना के लिए ये उपवास रखती हैं और अपनी सखी सहेलियों को शुभकामनाएं देती हैं। आप भी इन संदेशों के माध्यम से अपनी सहेलियों और रिश्तेदारों को शुभकामनाएं दे सकती हैं।
 
शिव जी की कृपा होगी
मिलेगा मां पार्वती का आशीर्वाद,
जब मनाएं मिलकर सब हरतालिका तीज का त्योहार
हरतालिका तीज की हार्दिक शुभकामनाएं

सोलह श्रृंगार कर मां गौरी की तरह रखें उपवास
मन में होगी श्रद्धा तो मिलेगा भगवान शिव जैसा परिवार।
हरतालिका तीज की हार्दिक शुभकामनाएं

हरतालिका तीज 2024 और शुभ योग (Hartalika Teej 2024 And Shubh Yog)

हरतालिका तीज पर शिव पार्वती की प्रतिमा - फोटो : Instagram
इस वर्ष हरतालिका तीज पर बहुत ही अच्छा शुभ संयोग बन रहा है। पंचांग के अनुसार, हरतालिका तीज पर रवि योग, शुक्ल योग के साथ चित्रा नक्षत्र बन रहा है। रवि योग सुबह 9 बजकर 25 मिनट से लग रहा है, जो अगले दिन 7 सितंबर को सुबह 6 बजकर 02 मिनट पर समाप्त होगा। 

हरतालिका तीज पूजा शुभ मुहूर्त 2024 

हरतालिका तीज 2024 - फोटो : amar ujala
हरतालिका तीज व्रत के दौरान विशेष रूप से गौरी और भगवान शिव की पूजा की जाती है।  इस पूजा को सुबह ही करनी चाहिए लेकिन शिव-पार्वती के पूजन के लिए प्रदोष काल यानि सूर्यास्त के बाद का समय सबसे सही माना जाता है। 06 सितंबर को सुबह के लिए पूजा का मुहूर्त 06 बजकर 2 मिनट से लेकर 08 बजकर 33 मिनट तक रहेगा, वहीं प्रदोष काल 06 सितंबर को शाम 06 बजकर 36 मिनट से आरंभ हो जाएगा।

हरतालिका तीज पूजन सामग्री

हरतालिका तीज 2024 - फोटो : amar ujala
हरतालिका तीज पूजन सामग्री (Hartalika Teej 2024 And Pujan Samagri)
 हरतालिका तीज पर पूजन के लिए इन सामग्रियों का होना आवश्यक है। 
- भगवान शिव, देवी पार्वती और भगवान गणेश की मिट्टी की प्रतिमा
- पीले रंग का कपड़ा
- जनेऊ, सुपारी, बेलपत्र, कलश, अक्षत, दूर्वा, घी, दही और गंगाजल
- देवी पार्वती के लिए श्रृंगार के लिए सिंदूर, बिंदी, चूड़ी, कंघा, मेंहदी और कुमकुम

Hartalika Teej 2024: हरतालिका तीज पर बना शुभ योग, जानें तिथि, मुहूर्त और महत्व

Hartlika Teej Wishes

Hartalika Teej 2024 Wishes - फोटो : अमर उजाला
हरतालिका तीज की बधाई ( Hartalika Teej ki Badhai )

सोलह श्रृंगार कर मां गौरी की तरह रखें उपवास
मन में होगी श्रद्धा तो मिलेगा भगवान शिव जैसा परिवार।
हरतालिका तीज की हार्दिक शुभकामनाएं

हरतालिका तीज 2024 व्रत का महत्व (Hartalika Teej Vrat 2024 Importance )

हरतालिका तीज का व्रत कठिन व्रतों में से एक है। इसमें सुबह से बिना कुछ खाए व पिए दिनभर निर्जला व्रत रखा जाता है। मान्यता है कि मां पार्वती ने कठोर तपस्या करते हुए भगवान शिव को पति रूप में पाया था। तभी से हर वर्ष यह हरतालिका तीज का व्रत सुहागिन महीलाएं अपने पति की लंबी आयु और सौभाग्य के लिए रखती हैं। इसमें व्रती सुहागिन महिलाएं सुहाग की सभी चीजों को मां पार्वती को अर्पित करती हैं।  

हरतालिका तीज - फोटो : Amar Ujala
हरतालिका तीज क्यों मनाई जाती है (why hartalika teej is celebrated)
हरतालिका तीज व्रत को लेकर एक पौराणिक कथा है। कथा के अनुसार माता पार्वती ने भी भगवान शिव के लिए यह व्रत किया था और बिना जल ग्रहण किए उपवास करते हुए भोलेनाथ की पूजा की थी। 
यह व्रत महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती के प्रेम और समर्पण के प्रतीक के रूप में करती हैं। ऐसा माना जाता है कि जो महिलाएं इस व्रत को पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ करती हैं, उन्हें वैवाहिक जीवन में सुख, समृद्धि, और सौभाग्य प्राप्त होता है। इसके साथ ही अविवाहित कन्याएं इस व्रत को अच्छे वर की प्राप्ति के लिए करती हैं।

हरतालिका तीज व्रत कथा

Hartalika Teej 2024 - फोटो : Amar Ujala
हरतालिका तीज व्रत कथा (Hartalika Teej Vrat Katha )

पौराणिक मान्यता के अनुसार, पिता के यज्ञ में अपने पति भगवान शिव का अपमान माता पार्वती सहन नहीं कर पाई थीं और उन्होंने स्वयं को यज्ञ की अग्नि में भस्म कर दिया था। इसके बाद  उन्होंने राजा हिमाचल के घर में अगला जन्म लिया और इस जन्म में भी उन्होंने शंकर जी को ही अपने पति के रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की। देवी पार्वती सदैव भगवान शिव की तपस्या में लीन रहतीं थीं। उनकी ऐसा हालत देखकर राजा हिमाचल को चिंता होने लगी और उन्होंने नारद जी से बात की। इसके उन्होंने पार्वती जी का विवाह भगवान विष्णु से करने का फैसला लिया। लेकिन देवी पार्वती विष्णु जी से विवाह नहीं करना चाहती थीं। ऐसे में उनके मन की बात जानकर उनकी सखियों ने उनका हरण कर लिया और जंगल में चली गईं।

मान्यता है कि भाद्रपद शुक्ल तृतीया तिथि के हस्त नक्षत्र में माता पार्वती ने मिट्टी के शिवलिंग बनाकर भोलेनाथ की स्तुति की और रात्रि में जागरण किया। इस दौरान उन्होंने अन्न का त्याग भी कर दिया था। उनकी ये कठोर तपस्या 12 साल तक चली। पार्वती के इस कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर महादेव ने दर्शन दिए और इच्छा अनुसार उनको अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार कर लिया। इसके बाद से हर साल महिलाएं अखंड सौभाग्य के लिए हरतालिका तीज का व्रत करती हैं।

हरतालिका तीज पर दान

hartalika teej 2024 - फोटो : amar ujala
हरतालिका तीज पर करें इन चीजों का दान (Hartalika Teej 2024 Daan )
हरतालिका तीज के दिन चने और मसूर की दाल का दान अवश्य करें। इससे सुहागिन महिलाएं को सौभाग्य की प्राप्ति होती है और उनकी जीवन में आ रही परेशानियां भी दूर हो सकती है। इस दिन सुहागिन महिलाएं दान करने के बाद अपना हाथ साफ पानी से जरूर धोएं। 

हरतालिका तीज 2024 दुर्लभ योग (Hartalika Teej 2024 Durlabh Yog) 
हरतालिका तीज के मौके पर कई दुर्लभ लाभकारी योग का निर्माण हो रहा है।  इस बार हरतालिका तीज पर 3 बड़े दुर्लभ योग बन रहे हैं। 
  • शुक्ल योग: इस योग का निर्माण 05 सितंबर को संध्याकाल 09 बजकर 08 मिनट पर होगा, जो हरतालिका तीज पर पूरे दिन है। वहीं, इस शुभ योग का समापन 10 बजकर 15 मिनट पर होगा। मान्यता है कि इस योग में भगवान शिव की पूजा करने से साधक को मनोवांछित फल की प्राप्ति होगी।
  • ब्रह्म योग: इस योग का निर्माण शुक्ल योग के समापन के बाद होगा। हरतालिका तीज पर रात 10 बजकर 16 मिनट से ब्रह्म योग का निर्माण होगा। शिव-शक्ति की निशा काल में पूजा की जाती है। अतः ब्रह्म योग का अद्भुत संयोग बन रहा है।
  • रवि योग: इस योग का निर्माण हरतालिका तीज पर सुबह 09 बजकर 25 मिनट से हो रहा है और समापन 07 सितंबर को सुबह 06 बजकर 02 मिनट पर होगा। इस योग में शिव-शक्ति की पूजा करने से व्रती को आरोग्य जीवन का वरदान प्राप्त होगा।

हरतालिका तीज 2024 चौघड़ियां मुहूर्त (Hartalika Teej Pooja Time) 
चर मुहूर्त- सुबह 06 बजकर 02 मिनट से 07 बजकर 36 मिनट तक
लाभ मुहूर्त- सुबह 07 बजकर 36 मिनट से 09 बजकर 10 मिनट तक
अमृत मुहूर्त- सुबह 09 बजकर 10 मिनट से 10 बजकर 45 मिनट तक
शुभ मुहूर्त- दोपहर 12 बजकर 19 मिनट से 01 बजकर 53 मिनट तक
चर मुहूर्त- शाम 05 बजकर 02 मिनट से 06 बजकर 36 मिनट तक

हरतालिका तीज उपाय

हरतालिका तीज 2024 - फोटो : amar ujala
हरतालिका तीज के दिन करें ये उपाय (Hartalika Teej Upay)

हरतालिका तीज के दिन विधिपूर्वक भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करनी चाहिए। पूजा के बाद शिव चालीसा का पाठ करने से मनुष्य के जीवन में चल रही आर्थिक तंगी दूर हो जाती है और उसकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो जाती है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हरतालिका तीज के दिन भगवान शिव को पांच आक के फूल चढ़ाने से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।

अगर कोई दंपत्ति अपने वैवाहिक जीवन में सुख और प्रेम चाहता है तो उन्हें हरतालिका तीज के दिन गुप्त रूप से भगवान गणेश की पंचोपचार विधि से पूजा करनी चाहिए और उन्हें दूर्वा और मालपुआ का भोग लगाना चाहिए।

महिलाएं भी अपने बच्चों के विकास के लिए हरतालिका तीज को उत्साह से मनाती रहती हैं। ऐसे में उस दिन पूजा के बाद गायत्री मंत्र का जाप करना चाहिए। इसके अलावा शिवलिंग पर 11 बिल्व पत्र भी चढ़ाए जाते हैं। इससे आपके बच्चे के जीवन में खुशियां आ जाएंगी। 

हरतालिका तीज पर ये 4 राशि वाले होंगे भाग्यशाली

हरतालिका तीज - फोटो : Amar Ujala
हरतालिका तीज पर इन 4 राशि वालों का चमकेगा भाग्य (Hartalika Teej Lucky Zodiac Sign )

वृष राशि:
हरतालिका तीज पर बने बुधादित्य योग के चलते वृष राशि वालों को धन लाभ होने के प्रबल योग बन रहे हैं। इस राशि के लोगों का अटका हुआ पैसा मिल सकता है, पैतृक संपत्ति भी इस समय मिल सकती है। 

सिंह राशि: बुधादित्य राजयोग इसी राशि में बन रहा है, जिसके चलते सबसे ज्यादा फायदा इन्हें ही होगा। नौकरी में प्रमोशन और बिजनेस में बड़ी डील हो सकती है। अगर कोई कर्ज है तो वो चुकता कर सकते हैं।

धनु राशि: इस राशि के लोग बुधादित्य राजयोग के शुभ प्रभाव से नई प्रॉपर्टी खरीद सकते हैं, जिससे इन्हें भविष्य में लाभ होगा। सेहत में काफी सुधार होगा। 

मीन राशि: नौकरी में सफलता मिलेगी। स्टूडेंट्स के लिए ये समय शुभ फल देने वाला रहेगा। समझदारी से लिए गए निर्णय सही साबित होंगे, लोग आपकी प्रशंसा करेंगे। परिवार के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करेंगे।

राहुकाल में न करें पूजा 

हरतालिका तीज पर राहुकाल में न करें पूजा (Rahu Kaal Time)
हरतालिका तीज की पूजा राहूकाल में नहीं करनी चाहिए। आज राहु काल सुबह 10:45 बजे से दोपहर 12:19 बजे तक रहेगा । 

 हरतालिका तीज का व्रत कैसे रखा जाता है? (How to do Hartalika Teej Vrat)
  • हरतालिका तीज पर भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा की जाती है। 
  • हरतालिका तीज व्रत के पारण से पहले पानी की एक बूंद भी ग्रहण करना वर्जित है। यह व्रत निर्जला रखा जाता है। 
  • व्रत के दिन सुबह-सवेरे स्नान करने के बाद "उमामहेश्वरसायुज्य सिद्धये हरितालिका व्रतमहं करिष्ये" मंत्र का उच्चारण करते हुए व्रत का संकल्प लिया जाता है।  
  • अगर व्रत के दौरान सूतक लग जाए तो व्रत रख सकते हैं और पूजा रात में कर सकते हैं। 
  • इस दिन महिलाएं 24 घंटे से भी अधिक समय तक निर्जला व्रत करती हैं। 
  • रात के समय महिलाएं जागरण करती हैं और अगले दिन सुबह विधिवत्त पूजा-पाठ करने के बाद ही व्रत का पारण करती हैं। 
  • हरतालिका तीज व्रत को सुहागिनों के अलावा कुंवारी कन्याएं भी रखती हैं।

"गौरी हब्बा" के नाम से भी प्रसिद्ध है हरतालिका तीज (Gauri Habba Vrat)
हरतालिका तीज का त्योहार मुख्य रूप से बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश में मनाया जाता है।  कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में इस व्रत को "गौरी हब्बा" के नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि इस व्रत को रखने से अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है।  मान्यता है कि इस व्रत के पुण्य प्रभाव से कुंवारी कन्याओं को मनचाहा वर मिलता है। 

हरतालिका तीज पर करें मां पार्वती की आरती

माता पार्वती श्रृंगार विधि - फोटो : freepik
हरतालिका तीज पर करें मां पार्वती की आरती (Hartalika Teej Mata Parvati Aarti)

मां पार्वती की आरती 

जय पार्वती माता, जय पार्वती माता.
ब्रह्म सनातन देवी, शुभ फल की दाता..
जय पार्वती माता...
अरिकुल पद्मा विनासनी जय सेवक त्राता.
जग जीवन जगदम्बा हरिहर गुण गाता.
जय पार्वती माता...
सिंह को वाहन साजे कुंडल है साथा.
देव वधु जहं गावत नृत्य कर ताथा..
जय पार्वती माता...
सतयुग शील सुसुन्दर नाम सती कहलाता.
हेमांचल घर जन्मी सखियन रंगराता..
जय पार्वती माता...
शुम्भ-निशुम्भ विदारे हेमांचल स्याता.
सहस भुजा तनु धरिके चक्र लियो हाथा..
जय पार्वती माता...
सृष्टि रूप तुही जननी शिव संग रंगराता.
नंदी भृंगी बीन लाही सारा मदमाता.
जय पार्वती माता...
देवन अरज करत हम चित को लाता.
गावत दे दे ताली मन में रंगराता..
जय पार्वती माता...
श्री प्रताप आरती मैया की जो कोई गाता.
सदा सुखी रहता सुख संपति पाता..
जय पार्वती माता...।

हरतालिका तीज पर क्या करें

Hartalika Teej 2024 - फोटो : अमर उजाला
हरतालिका तीज पर क्या करें (What to do on hartalika teej vrat 2024)
  • हरितालिका तीज के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।  स्नान के बाद, व्रती (व्रत रखने वाली) मन में शुद्ध विचारों का संकल्प लें और भगवान शिव तथा माता पार्वती की पूजा के लिए तैयार रहें ।
  • पूजा के लिए मिट्टी से बने शिवलिंग, माता पार्वती और भगवान गणेश की मूर्तियों का निर्माण करें या उन्हें किसी विद्वान ब्राह्मण से प्राप्त करें। इन्हें पूजा स्थल पर स्थापित करें और गंगाजल से स्नान कराकर विधिवत पूजा करें।
  • विवाहित महिलाएं इस दिन सोलह श्रृंगार करके अपने पति की लंबी उम्र और समृद्धि के लिए व्रत रखती हैं। 
  • हरितालिका तीज के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के दौरान शिवलिंग का अभिषेक दूध, दही, शहद, घी और शक्कर से करना चाहिए।
  • हरितालिका तीज की पूजा के बाद हरितालिका तीज व्रत की कथा का श्रवण करना अति आवश्यक है। कथा के माध्यम से माता पार्वती और भगवान शिव के विवाह की पवित्र कथा सुनाई जाती है, जो इस व्रत का मूल कारण है।

हरतालिका तीज दान

Hartalika Teej 2024 - फोटो : अमर उजाला
हरतालिका तीज पर क्यों किया जाता है शृंगार के सामान का दान(Hartalika Teej Daan)

शास्त्रों के अनुसार  तीज में सुहागिन महिलाएं अपने श्रृंगार का दान करती हैं। इसके पीछे के कारण यह है कि इससे उनका श्रृंगार और सौभाग्य अखंड बना रहेग। इसके साथ ही इससे सदा सुहागन का आशीर्वाद प्राप्त होता है। धार्मिक शस्त्रों के अनुसार ये दान ब्राह्मणों को किया जाता है क्योंकि ऐसा माना जाता है कि उनको दिया गया कोई भी सामान या कार्य में  भगवान तक पहुंचने के माध्यम होते हैं। उसी प्रकार भगवान को दान देना हो तो ब्राह्मण को दान दिया जाता है।  

हरतालिका तीज पर न करें ये कार्य 
  • हरतालिका तीज व्रत के दौरान महिलाएं गलती से भी क्रोध ना करें, अगर वह ऐसा करती हैं तो उनका व्रत अधूरा माना जाएगा। 
  • हरतालिका तीज का व्रत रखने का संकल्प करने के बाद भूल से भी या व्रत नहीं तोड़ना चाहिए ऐसा करने से सौभाग्यशाली स्त्रियों को कई तरह के अशुभ परिणाम भी देखने को मिलते हैं। 
  • हरतालिका तीज के दौरान महिलाओं को अपने मन में किसी तरह का गलत विचार नहीं लाना चाहिए अर्थात किसी के भी प्रति गलत भावना ना रखें और भूलकर भी किसी को भला बुरा न कहें। 
  • हरतालिका तीज का व्रत निर्जला रखा जाता है, यानि कि व्रती महिलाएं इस दिन जल या पानी तक ग्रहण नहीं कर सकती हैं। अगर किसी महिला ने पानी पी लिया तो व्रत खंडित हो जाता है। 
  • इसके साथ ही इस दिन काले रंग से परहेज करना चाहिए काले रंग की चूड़ियां और कपड़े नहीं पहनना चाहिए। 
  • यदि कोई भी कुंवारी या विवाहित महिला एक बार इस व्रत को रखना शुरू कर देती हैं तो उसे जीवनभर यह व्रत रखना ही होता है।  
  • बीमार होने पर दूसरी महिला या पति इस व्रत को रख सकता है। जिन महिलाओं ने व्रत रखा है उन्हें व्रत नहीं तोड़ना चाहिए, ऐसा करना अशुभ माना जाता है। 


 

हरतालिका तीज पर मां पार्वती पर चढ़ाएं ये सोलह श्रृंगार
  • पायल 
  • नथ 
  • कान की बाली 
  • महावर 
  • मेहंदी 
  • काजल 
  • फूलों का गजरा 
  • बिछिया 
  • कंगा
  • कुमकुम 
  • बिंदी 
  • गले के लिए माला
  • लाल चुनरी 
  • चूड़ियां 
  • इत्र 
  • सिंदूर 

 

Hartalika Teej 2024 - फोटो : अमर उजाला
हरतालिका तीज पर इस विधि से करें माता पार्वती का श्रृंगार 
  • हरतालिका तीज के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लें। फिर साफ वस्त्रों को धारण करें। अब शुभ मुहूर्त के अनुसार पूजा स्थान पर सभी साम्रगियों के साथ अपना स्थान ग्रहण करें। सबसे पहले शुद्ध काली मिट्टी से शिव-पार्वती और गणेश जी की मूर्ति बनाएं। फिर इन मूर्तियों को चौकी पर स्थापित कर लें।
  • अब गौरी-शंकर की मूर्ति का गंगाजल, पंचामृत से अभिषेक करें। फिर महादेव को फल, फूल, मिठाई, चंदन और बेलपत्र अर्पित करें। इस दौरान माता पार्वती का पूरा सोलह श्रृंगार करें। इसके लिए देवी पार्वती को सबसे पहले सिंदूर लगाएं। इसके बाद उन्हें काजल लगाना चाहिए।
  • अब माता को चूड़ियां चढ़ाएं। इसके बाद लिपस्टिक और रबर को रख दें। पार्वती माता को कंघी करें और नाखून पॉलिश लगाएं। फिर माता को बिंदी अर्पित करते हुए उन्हें महावर लगाना चाहिए। अंत में मेहंदी लगाएं।

हरतालिका तीज पर पूजा सामग्री की लिस्ट में जरूर शामिल करें ये चीजें
  • भगवान शिव और देवी पार्वती की मूर्ति
  • अगरबत्ती, धूपबत्ती, घी और दीपक
  • पान, बाती, व कपूर
  • सुपारी, साबुत नारियल और चंदन
  • फल में केले
  • आम के पत्ते, केले के पत्ते, धतूरा, बेल के पत्ते, शमी के पत्ते और फूल,
  • कलश, चौकी,
  • 16 श्रृंगार की वस्तुएं (काजल, कुमकुम, मेहंदी, बिंदी, चूड़ियां, सिंदूर और लाल चुनरी आदि)

गणेश चतुर्थी 2024 - फोटो : Amar Ujala
आज हरतालिका तीज और कल से गणेशोत्सव आरंभ
आज हरतालिका तीज है। सुहागिन महिलाएं आज के दिन सोलह श्रृंगार करके भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती है। ऐसी मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पाने के लिए आज के दिन ही कठोर व्रत किया था और भगवान शिव पति के रूप में पाया था। हरतालिका तीज के बाद कल यानी 07 सितंबर से गणेश उत्सव का महापर्व शुरू हो जाएगा।

पहली बार रख रही हैं हरतालिका तीज का व्रत, तो न करें ये गलतियां

Hartalika Teej 2024 - फोटो : अमर उजाला
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हरतालिका तीज का उपवास बेहद कठिन होता है। इस दिन निर्जला व्रत किया जाता है, जिसका पारण अगले दिन ब्रह्म मुहूर्त में होता है। यदि आप शादी के बाद पहली बार ये व्रत रख रही हैं, तो कुछ कार्यों को करने की मनाही होती है। 
  • व्रत रख रही महिलाओं को इस दिन खाली मांग नहीं रखनी चाहिए। ऐसा करना अशुभ होता है, इसलिए मांग में सिंदूर हमेशा लगाना चाहिए। 
  • हरतालिका तीज पर तामसिक भोजन का सेवन न करें।
  • हरतालिका तीज पर नवविवाहिता को काले रंग के वस्त्र धारण करने से बचना चाहिए। इसके अलावा काले रंग की चूड़ियां भी न पहनें।
  • इस दौरान व्रत रख रही महिलाओं को अपने पति से किसी भी तरह की बहस करने से बचना चाहिए, क्योंकि बहस से परिवार में नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
  • इस दिन रात में सोने से बचना चाहिए। इस दौरान भजन-कीर्तन करना शुभ होता है।
  • इस दिन अपने मन में किसी भी तरह का क्रोध, घृणा, विवाद जैसी नकारात्मक चीजों को न लाएं। साथ ही किसी के मान-सम्मान को भी ठेस न पहुंचाएं। 

हरतालिका तीज पर क्यों बांधा जाता है फुलेरा

हरतालिका तीज पर क्यों बांधा जाता है फुलेरा (hartalika teej phulera)

हरतालिका तीज कठिन व्रत माना जाता है। हरतालिका तीज के पूजन में भगवान शंकर के ऊपर फुलेरा बांधा जाता है। हरतालिका तीज के पूजन में फुलेरा का विशेष महत्व है।  फुलेरा जैसा कि नाम से ही पता चल रहा है फूलों से बनाया जाता है।  इसमें 5 ताजे फूलों की माला का होना जरूरी माना जाता है। मान्यता है कि फुलेरे में बांधी जाने वाली 5 फूलों की मालाएं भगवान भोलेनाथ की पांच पुत्रियों (जया, विषहरा, शामिलबारी, देव और दोतली) का प्रतीक है।

कैसे बनें गणेश जी प्रथम पूज्य 
एक बार कार्तिकेय और गणेश जी में धरती की परिक्रमा करने की प्रतियोगिता हुई। कार्तिकेय अपने वाहन मयूर पर बैठकर परिक्रमा के लिए निकल गए लेकिन गणेश जी का वाहन तो मूषक था। उन्होंने अपनी बुद्धि का प्रयोग किया और अपने माता पिता शिव एवं पार्वती की ही परिक्रमा कर ली। ऐसा करके उन्होंने संपूर्ण ब्रह्माण्ड की ही परिक्रमा कर ली। तब सभी देवों की सर्वसम्मति और ब्रह्माजी की अनुशंसा से उन्हें अग्रपूजक माना गया। 

कुंवारी कन्या कैसे रखें हरतालिका तीज व्रत  

हरतालिका तीज 2024 - फोटो : amar ujala
  • वैसे तो हरतालिका तीज व्रत रखने के नियम विवाहित और अविवाहित कन्याओं के लिए समान हैं, लेकिन इनका सही ढंग से पालन करने के लिए इन नियमों को जानना जरूरी है।
  • अविवाहित कन्याओं को पूरी श्रद्धा और समर्पण के साथ व्रत करने का संकल्प लेकर अपना व्रत शुरू करना चाहिए। संकल्प ब्रह्ममुहूर्त में स्नान आदि  से निवृत होकर स्वच्छ वस्त्र धरण करके लें। 
  • हरतालिका तीज एक निर्जला व्रत है, जिसका अर्थ है कि व्रत करने वाला दिन के दौरान भोजन या पानी का सेवन नहीं करता है। व्रत को उन्हीं नियमों के अनुसार करने का प्रयास करें। लेकिन कुंवारी कन्याएं  इस व्रत को फलाहार के साथ भी कर सकती हैं। 
  • अविवाहित कन्याओं  को पूरी श्रद्धा के साथ भगवान शिव और देवी पार्वती की पूजा करनी चाहिए। एक साफ चौकी पर भगवान शिव और माता पार्वती की मूर्तियां या चित्र रखें और फल, फूल और मिठाई आदि अर्पित करें।  इस व्रत की प्रथम पूजा सायं काल में की जाती है। 
  • हरतालिका तीज व्रत के उत्सव के दौरान, अविवाहित लड़कियों को पारंपरिक परिधान धारण करने चाहिए और विवाहित महिलाओं को पारंपरिक वस्त्रों के साथ सोलह श्रृंगार करना चाहिए। 
  • व्रत रखने वाली अविवाहित कन्याओं को अच्छे जीवनसाथी के लिए मां गौरी की प्रार्थना करनी चाहिए। 
  • अगले दिन भोर में  माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा करके व्रत खोलना चाहिए। 

हरतालिका तीज पर शिव-पार्वती को इन चीजों का लगाएं भोग
फल: फल जैसे केला, सेब, अंगूर, संतरा, आम आदि भगवान शिव और माता पार्वती को बहुत प्रिय हैं। 
मिठाई: खीर, मठरी, गुजिया, पेड़ा, बर्फी आदि मिठाईयां भोग के लिए बनाई जाती हैं। 
दूध: दूध को शिवलिंग पर चढ़ाया जाता है। 
पान: पान को भी भगवान शिव को अर्पित किया जाता है। 
हलवा:  हलवा हरतालिका तीज का विशेष भोग है। 
सूखे मेवे: बादाम, काजू, पिस्ता आदि सुखी मेवे भी भगवान को अर्पित किए जाते हैं। 

हरतालिका तीज पर भोग लगाने का सही नियम
  • भगवान शिव और माता पार्वती को भोग लगाते समय मन को शुद्ध रखें। 
  • पूजा करते समय भोग हमेशा साफ-सुथरे बर्तन में ही रखें। 
  • भोग को भगवान के सामने रखकर आरती उतारें।
  • हरतालिका तीज के दिन व्रत रखने वाली महिलाएं भोग के बाद ही अपना व्रत तोड़ें।

प्रदोष काल की पूजा (Hartalika Teej Pradosh Kaal Puja)
तीज पूजा का प्रदोष काल मुहूर्त शाम 06 बजकर 36 मिनट से शाम 06 बजकर 59 मिनट तक रहेगा। यानी प्रदोष काल में पूजा का कुल समय 23 मिनट का होगा। 
 

हरतालिका तीज पर राशि अनुसार पहनें साड़ी 

Hartalika Teej 2024 - फोटो : अमर उजाला
मेष राशि
हरतालिका तीज पर मेष राशि की महिलाओं को लाल रंग की साड़ी पहननी चाहिए। इससे पति-पत्नी के बीच प्रेम बना रहता है।

वृषभ राशि
वृषभ राशि की महिलाएं इस दिन पीले रंग की साड़ी पहन सकती हैं। मान्यता है कि ये रंग शांति और शुद्धता का प्रतीक होता है। ऐसे में इस रंग के वस्त्र पहनने से जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है।

मिथुन राशि
तीज के पर्व में हरे रंग का विशेष महत्व होता है। ऐसे में मिथुन राशि की महिलाओं को हरे रंग की साड़ी धारण करनी चाहिए। मान्यता है कि इससे वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती हैं।

कर्क राशि
कर्क राशि की महिलाओं को सिल्वर रंग की साड़ी पहननी चाहिए। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इस राशि के स्वामी चंद्रमा है। ऐसे में चांदी जैसे रंग के वस्त्र पहनने से शुभ परिणामों की प्राप्ति होती है।

सिंह राशि
सिंह राशि की महिलाओं को हरतालिका तीज पर लाल या गुलाबी रंग की साड़ी पहननी चाहिए। इससे वैवाहिक जीवन में खुशहाली बनी रहती हैं।

कन्या राशि
हरतालिका तीज पर कन्या राशि वाली महिलाएं फिरोजी रंग की साड़ी पहनें। इस दौरान आप हल्के हरे रंग के कपड़े भी पहन सकती है।

तुला राशि 
तुला राशि की महिलाएं इस दिन आसमानी रंग की साड़ी पहनें। ऐसा करने से जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है।

वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि की महिलाओं को गुलाबी रंग की साड़ी पहननी चाहिए। इससे शुभ फलों की प्राप्ति होती हैं।

धनु राशि 
धनु राशि की महिलाएं सुनहरा व पीले रंग की साड़ी पहनें। ये शुभ होता है।

मकर राशि
मकर राशि की महिलाओं को इस दिन नीले रंग की साड़ी पहननी चाहिए। इससे जीवन में शांति बनी रहती है।

कुंभ राशि
कुंभ राशि की महिलाएं बैंगनी रंग की साड़ी पहन सकती हैं। इससे जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।

मीन राशि
मीन राशि की महिलाओं को हरतालिका तीज के शुभ अवसर पर गुलाबी रंग की साड़ी पहननी चाहिए। ये बहुत शुभ होता है।

हरतालिका तीज का नाम कैसे पड़ा?
माता पार्वती के पिता उनका विवाह भगवान विष्णु जी के साथ करवाना चाहते थे, जबकि माता पार्वती अपने पति के रूप में भगवान शिव को चाहती थीं। तब उनकी सखियों ने माता पार्वती का हरण कर जंगल में छिपा दिया, जहां सैकड़ों वर्षों तक कठोर जप और तप करने के बाद माता पार्वती ने भगवान शिव को प्रसन्न किया और पति स्वरूप में उनको प्राप्त किया।

रतालिका तीज का उद्यापन कैसे करें (Hartalika Teej Ka udyapan kaise karen )

ज्योतिषविदों के अनुसार हरतालिका तीज व्रत का उद्यापन 13 वर्ष से पहले नहीं किया जा सकता है। माना जाता है कि अगर किसी भी व्यक्ति को हरतालिका तीज व्रत का उद्यापन करना है तो उसे 13 वर्ष तक इस व्रत को करना होगा, उसके बाद ही इस व्रत का उद्यापन किया जा सकता है।

हरतालिका तीज 2024 राशि के अनुसार दान करें ये चीजें
  • मेष राशि - मेष राशि की महिलाओं को हरतालिका तीज पर लाल रंग की चूड़ियां दान करनी चाहिए। ऐसा करने से दांपत्य जीवन में प्रेम भाव बढ़ता है और पति-पत्नी का रिश्ता मजबूत होता है।
  • वृषभ राशि - अगर आपकी शादी-शुदा जिंदगी में लंबे समय से परेशानियां चल रही हैं, तो हरतालिका तीज पर चावल और दूध का दान करें।
  • मिथुन राशि - मिथुन राशि की महिलाएं इस दिन हरे रंग के वस्त्र का दान करे। ऐसा करने से सुहाग पर संकट नहीं आता और मनचाहा जीवनसाथी मिलता है।
  • कर्क राशि - कहा जाता है कि हरतालिका तीज के दिन चांदी, सुहाग की सामग्री दान करने से मुसीबतें कम होती हैं और बिगड़े हुए काम भी बन जाते हैं।
  • सिंह राशि - सिंह राशि की महिलाओं को हरतालिका तीज पर फल और श्रृंगार की चीजें दान करने से भगवान शिव और माता पार्वती बेहद प्रसन्न होते हैं।
  • कन्या राशि - कन्या राशि के जातकों को भगवान शिव की कृपा पाने के लिए खीरे का दान करना चाहिए। इससे जीवन की कठिनाइयां दूर हो जाती हैं।
  • तुला राशि - तुला राशि वाले हरतालिका तीज पर जरूरतमंदों को अन्न का दान करें। अन्न दान महादान होता है जिससे ग्रहों के दुष्प्रभाव खत्म हो जाते हैं।
  • वृश्चिक राशि - वृश्चिक राशि के जातकों को हरतालिका तीज के दिन गरीब और असहाय लोगों को धन का दान जरूर करना चाहिए।
  • धनु राशि - धनु राशि की महिलाओं को हरतालिका तीज पर बेसन, चने की दाल और पीले रंग के वस्त्र का दान करना चाहिए। इससे सुखी वैवाहिक जीवन और संतान की प्राप्ति होती है।
  • मकर राशि - मकर राशि की स्त्रियों को इस दिन सुहागिनों को चूड़ियां, साड़ी दान करनी चाहिए। ऐसा करने से पति को दीर्धायु का वरदान प्राप्त होता है।
  • कुंभ राशि - जिन लड़कियों की शादी में बाधा आ रही है उन्हें हरतालिका तीज के दिन नारियल का दान करना चाहिए।
  • मीन राशि - मीन राशि की महिलाओं को इस दिन केला और सुहाग सामग्री का दान करना चाहिए।

प्रदोष काल हरतालिका तीज व्रत पूजन विधि 

  • हरतालिका तीज की पूजा सुबह और शाम दोनों समय करनी चाहिए।
  • इस व्रत में माता पार्वती और भगवान शिव की रेत से प्रतिमा बनाई जाती है।
  • फिर पूजा स्थान पर केले के पत्ते को रखकर उसपर भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित की जाती है।
  • इसके बाद भगवान की प्रतिमाओं को फूल और सुगंध अर्पित किया जाता है।
  • इसके बाद माता पार्वती, भगवान शिव और गणेश जी की विधि विधान पूजा की जाती है।
  • इस पूजा में महिलाएं सुहाग का एक पिटारा माता को चढ़ाती हैं। जिसमें सुहाग की सभी सामग्री रहती है।
  • इसके साथ ही भगवान शिव को धोती चढ़ाई जाती है।
  • इसके बाद हरितालिका तीज की कथा सुनी जाती है।
  • फिर महिलाएं रात्रि में जागरण करती हैं और फिर अगली सुबह स्नान आदि करने के बाद पूजा करके अपना व्रत खोती हैं।

हरतालिका तीज पूजा मंत्र 

गणेश जी का मंत्र
वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभः।
निर्विघ्नं कुरूमे देव, सर्व कार्येषु सर्वदाः।।

भगवान शिव का मंत्र
ॐ नम: शिवाय
ॐ  महेश्वराय नमः
ॐ पशुपतये नमः

माता पार्वती का मंत्र
ॐ पार्वत्यै नमः
ॐ  उमाये नमः
या देवी सर्वभूतेषु मां गौरी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

 मां पार्वती को सिंदूर चढ़ाने का मंत्र
सिंदूरं शोभनं रक्तं सौभाग्यं सुखवर्धनम्।
शुभदं कामदं चैव सिंदूरं प्रतिगृह्यताम्।।

कब करें हरतालिका तीज व्रत का पारण? 
हरतालिका तीज के दिन व्रत का पारण अलग-अलग जगहों पर विभिन्न तरह से किया जाता है। कई महिलाएं प्रदोष काल में शिव-पार्वती की विधिवत पूजा करने के बाद व्रत का पारण कर देती हैं, तो कई महिलाएं चतुर्थी तिथि को सूर्योदय से पूर्व व्रत का पारण करती है। इसलिए 7 सितंबर को सुबह ब्रह्म मुहूर्त में अपना व्रत खोल सकते हैं। 
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हरतालिका तीज पर पारण करने की विधि 

  • हरतालिका तीज के अगले दिन ब्रह्ममुहूर्त में जागकर सभी कामों से निवृत्त होकर स्नान कर लें। 
  • इसके बाद शिव जी और मां पार्वती की विधिवत पूजा कर लें। 
  • इसके बाद प्रसाद चढ़ाएं और फिर इसी को खाने के साथ जल पिएं। 
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