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Dhanteras 2024: धनतेरस के इस मुहूर्त में इन सात चीजों को खरीदना सबसे ज्यादा शुभ

Tue, 29 Oct 2024 06:34 PM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Dhanteras Gold Buying Muhurat 2024 Live Updates: दीपावली पांच दिनों का महापर्व माना गया है। धनतेरस से दिवाली पूजन का श्रीगणेश होता है। इसमें भगवान धन्वंतरि, कुबेर देवता और मां लक्ष्मी की पूजा करने विशेष महत्व होता है। धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि, कुबेर देवता और मां लक्ष्मी की पूजा करने विशेष महत्व होता है।
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धनतेरस 2024 कुबेर लक्ष्मी गणेश पूजन शुभ मुहूर्त लाइव अपडेट - फोटो : Amar Ujala
Dhanteras 2024 Puja Timing Shubh Muhurat For Shopping: हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर धनतेरस का पर्व मनाया जाता है और धनतेरस से ही दिवाली का पांच दिनों का पर्व शुरू हो जाता है। इस साल 29 अक्तूबर को धनतेरस का पर्व मनाया जा रहा है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस तिथि पर आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि समुद्र मंथन के दौरान हाथों में सोने के कलश के साथ प्रकट हुए थे। धनतेरस का दिन किसी भी वस्तु की खरीदारी के लिए बहुत ही उत्तम माना जाता है। मान्यता है कि धनतेरस के दिन खरीदी गई चल-अचल संपत्ति में तेरह गुणा वृद्धि होती है। यही वजह है कि लोग इस दिन सोने-चांदी की खरीदारी करते हैं।
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धनतेरस 2024 तिथि
इस साल कार्तिक त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 29 अक्तूबर, मंगलवार को सुबह 10 बजकर 32 मिनट पर होगी और इसका समापन 30 अक्तूबर को दोपहर 01 बजकर 15 मिनट पर होगा। उदयातिथि के अनुसार 29 अक्तूबर 2024 को ही धनतेरस का त्योहार मनाया जाएगा। 
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Dhanvantari Puja Muhurat: धन्वंतरि पूजा का शुभ मुहूर्त 
दृक पंचांग के अनुसार इस साल धन्वन्तरि पूजा का शुभ मुहूर्त प्रातःकाल 06:31 बजे से लेकर 08:44 बजे तक रहेगा। वहीं धनतेरस पूजा मुहूर्त शाम को 06:31 बजे से 08:12 बजे तक रहेगा, जिसकी अवधि- 01 घण्टा 41 मिनट रहेगी।

धनतेरस 2024 शुभ मुहूर्त
धनतेरस पूजा मुहूर्त: सायं  06:31  से रात्रि 08:13 तक
प्रदोष काल: सायं 05:38 से रात्रि 08:13 मिनट तक
वृषभ काल: सायं 06: 31  से रात्रि 09: 27 मिनट तक
ब्रह्म मुहूर्त:  प्रातः 04: 48 से प्रातः 05:40 मिनट तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 01: 56 से 02: 40 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त: सायं 05:38 से 06: 04 मिनट तक
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धनतेरस की शुभकामनाएं - फोटो : Amar Ujala
Happy Dhanteras 2024 Wishes: धनतेरस के शुभकामना संदेश

आपके घर में धन की बरसात हो
लक्ष्मी क वास हो
संकटों का नाश हो
शान्ति का वास हो
धनतेरस की हार्दिक शुभकामनाएं!

सोने का रथ, चांदी की पालकी
बैठकर जिसमें लक्ष्मी मां है आयी
देने आपके परिवार को धनतेरस की बधाई
धनतेरस की हार्दिक शुभकामनाएं।

लक्ष्मी जी कृपा आप पर और
आपके समस्त परिवार पर बनी रहे
धनतेरस की हार्दिक बधाइयां!

आपके घर में धन की बरसात हो
लक्ष्मी जी का वास हो
सब संकटों का नाश हो
सुख शान्ति का वास हो
धनतेरस की हार्दिक शुभकामनाएं!
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धनतेरस पूजा विधि
  • धनतेरस के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त होने के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें। 
  • इसके बाद मंदिर की सफाई करें। सूर्य देव को जल अर्पित करें। 
  • चौकी पर मां लक्ष्मी, भगवान धनवंतरि और कुबेर जी की प्रतिमा को विराजमान करें। 
  • इसके बाद दीपक जलाकर चंदन का तिलक लगाएं और आरती करें। 
  • कुबेर जी के मंत्र ॐ ह्रीं कुबेराय नमः का 108 बार जप करें और धनवंतरी स्तोत्र का पाठ करें। 
  • इसके पश्चात मिठाई और फल समेत आदि चीजों का भोग लगाएं। 
  • श्रद्धा अनुसार दान करें,  ऐसा करने से धन लाभ के योग बनते हैं।  
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सोना-चांदी खरीदने का शुभ मुहूर्त
धनतेरस पर सोना-चांदी व अन्य सामानों की खरीदारी के लिए तीन मुहूर्त बन रहे हैं। 
पहला शुभ मुहूर्त- 29 अक्तूबर को सुबह 10:31 मिनट से 30 अक्तूबर 6:32 मिनट तक। 
दूसरा शुभ मुहूर्त-  29 अक्तूबर शाम 06:31 बजे से रात 08:13 तक।
तीसरा खरीदारी का मुहूर्त- 29 अक्तूबर शाम 5:38 बजे से 6:55 तक रहेगा।
 

Dhanteras Puja Samagri: धनतेरस 2024 पूजा सामग्री
माता लक्ष्मी और कुबेर की नई मूर्ति या तस्वीर, नए वस्त्र, कमलगट्टा, कमल और लाल गुलाब, फूलों की माला, साबुत धनिया, दूर्वा, कुश, पंच मेवा, सप्तमृत्तिका, सप्तधान्य, लकड़ी की चौकी, अक्षत्, हल्दी, रोली, सिंदूर, दही, दूध, फल, शहद, गंगाजल, शक्कर, शुद्ध घी, सुपारी, पान का पत्ता, पंच पल्लव, नैवेद्य, मिठाई, गुलाल, कपूर, रुई की बत्ती, दीपक, धूप, गंध, यज्ञोपवीत, कुमकुम, इलायची, लौंग, चांदी या सोने का सिक्का, नारियल, बहीखाता, रक्षासूत्र, इत्र, कुश का आसन आदि।

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धनतेरस पर वाहन खरीदने का शुभ मुहूर्त - फोटो : Amar Ujala
धनतेरस पर वाहन खरीदने का मुहूर्त 
धनतेरस के दिन खरीदारी के लिए विशेष मुहूर्त सुबह 10:31 से लेकर 30 अक्तूबर को दोपहर 01:15 तक आप वाहन खरीद सकते हैं।
चर (सामान्य) - सुबह 09:18 - सुबह 10.41
लाभ (उन्नति) - सुबह 10.41 - दोपहर 12.05
अमृत (सर्वोत्तम) - दोपहर 12.05 - दोपहर 01.28
लाभ (उन्नति) - रात 7.15 - रात 08.51
 

Dhanteras Kharidari Items: धनतेरस पर जरूर खरीदें ये चीजें
धनतेरस पर झाड़ू, दिवाली के लिए लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमा, बर्तन, धनिये के बीज, दिवाली पूजा का प्रसाद इत्यादि चीजों की खरीदारी जरूर करनी चाहिए। इसके अलावा आप अपने बजट का ध्यान रखते हुए सोने या चांदी के आभूषण भी खरीद सकते हैं।

धनतेरस पर कितने दीये जलाएं?
धनतेरस के दिन घर में कुल 13 दीपक जलाए जाते हैं। इसमें से एक दीपक यम के नाम का जलाया जाता है।

धनतेरस पर यम दीपक क्यों जलाया जाता है?
धनतेरस के दिन मृत्यु के देवता यमराज के लिए घर के बाहर दीपक जलाया जाता है, जिसे यम दीपम के नाम से जाना जाता है। इसे असामयिक मृत्यु से बचने के लिए जलाया जाता है।

Dhanteras 2024: देश के प्राचीन कुबेर मंदिर
अगर आप भी धनतेरस या दिवाली पर कुबेर जी के दर्शन और पूजा करना चाहते हैं, तो उनके कुछ प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिरों में जा सकते हैं। यहां कुबेर जी के प्राचीन मंदिरों के बारे में बताया गया है। 
 

उत्तराखंड का कुबेर मंदिर
देव भूमि उत्तराखंड में एक प्राचीन कुबेर मंदिर है, जो अल्मोड़ा जिले से करीब 40 किमी दूर स्थित है। यहां हर साल दिवाली और धनतेरस के मौके पर बड़ी संख्या में भक्त आते है। यह प्राचीन मंदिर एक पहाड़ की चोटी पर स्थित है। यहां पहुंचने के लिए आपको नैनीताल या अल्मोड़ा से स्थानीय बस मिल सकती है। इसके अलावा टैक्सी या निजी वाहन से भी आप यहां पहुंच सकते हैं। 

गुजरात का कुबेर मंदिर
कुबेर जी का एक मंदिर गुजरात के वडोदरा में स्थित है। इस मंदिर का नाम कुबेर भंडारी मंदिर है। इस प्रसिद्ध और प्राचीन मंदिर का इतिहास 2500 साल से भी ज्यादा पुराना है। मंदिर नर्मदा नदी के किनारे बना है। वडोदरा पहुंचकर वहां से कैब के जरिए 60 किमी का सफर तय करके कुबेर मंदिर के दर्शन के लिए जा सकते हैं। 

मध्य प्रदेश का कुबेर मंदिर
मध्य प्रदेश में भगवान कुबेर के तीन प्रसिद्ध मंदिर हैं। इन तीनों की अपनी मान्यताएं हैं। मध्य प्रदेश में दो ज्योतिर्लिंग हैं। पहला उज्जैन का महाकालेश्वर और दूसरा खंडवा का ओंकारेश्वर। तीसरा कुबेर मंदिर मंदसौर में है। हालांकि इन सभी मंदिरों में खंडवा का कुबेर मंदिर सबसे ज्यादा प्रचलित है। इस मंदिर तक पहुंचने के लिए आपको भोपाल से करीब 257 किमी की दूरी तय करनी होगी। खंडवा का कुबेर मंदिर इंदौर से 78 किमी दूर है। बस, टैक्सी या निजी वाहन से खंडवा पहुंचकर कुबेर मंदिर के दर्शन कर सकते हैं। साथ ही ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के भी दर्शन करें।

धनतेरस पर 100 बरस बाद त्रिग्रही योग
धनतेरस पर इस बार 100 साल बाद दुर्लभ संयोग बनने जा रहा है, धनत्रयोदशी यानी धनतेरस के दिन त्रिग्रही योग, त्रिपुष्कर योग, इंद्र योग, लक्ष्मी नारायण योग, शश महापुरुष राजयोग कुल 5 शुभ संयोग बन रहे हैं। ऐसे में पूजा और खरीदारी का विशेष लाभ मिलेगा। 
 

धनतेरस के शुभ योग
  • इंद्र योग - 28 अक्तूबर 2024, सुबह 6:48 - 29 अक्तूबर 2024, सुबह 07:48 तक 
  • त्रिपुष्कर योग - 06:31 - सुबह 10:31 (29 अक्तूबर )
  • लक्ष्मी-नारायण योग - धनतेरस के दिन वृश्चिक राशि में शुक्र और बुध एक साथ विराजमान रहेंगे, ऐसे में लक्ष्मी नारायण योग का निर्माण होगा।
  • शश महापुरुष राजयोग - धनतेरस पर शनि अपनी मूल त्रिकोण राशि कुंभ में रहेंगे, जिससे शश महापुरुष राजयोग बनेगा, ऐसे में शनि की कृपा भी प्राप्त होगी।

धनतेरस पर भूलकर भी गिफ्ट न करें ये तीन चीजें
  • धनतेरस के दिन किसी को भूलकर भी लोहे का सामान उपहार में नहीं देना चाहिए। इस दिन लोहा देना या खरीदना अशुभ माना जाता है। 
  • धनतेरस के शुभ अवसर पर किसी को कांच से बनी चीजें न दें। माना जाता है कि कांच का संबंध राहु से है और राहु को पापी ग्रह माना जाता है। इस कारण इस दिन कांच का दान नहीं करना चाहिए।
  • धनतेरस के दिन काले रंग की वस्तुओं को दान करने से बचें। धनतेरस एक शुभ दिन है काले रंग की वस्तु का दान करने से मां लक्ष्मी नाराज हो सकती है।

Dhanteras 2024 Upay: धनतेरस पर करें ये उपाय
धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी, कुबेर, यमराज और भगवान गणेश जी की पूजा करें। 
धनतेरस पर घर और बाहर 13 दीपक जलाएं। इससे बीमारियां दूर होती हैं। 
धनतेरस के दिन दान करने का विशेष महत्व होता है। 
इस दिन सूर्यास्त से पहले दान करने से धन की कमी नहीं होगी। 
इस दिन सफेद कपड़ा, चावल, चीनी आदि का दान नहीं करना चाहिए।  
धनतेरस पर पशुओं की पूजा करने से आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं। 

Dhanteras kyu manaya jata hai: धनतेरस क्यों मनाया जाता है?
पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि समुद्र मंथन के दौरान हाथों में सोने के कलश के साथ प्रकट हुए थे। इसलिए हर वर्ष कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस का पर्व मनाया जाता है।

What To Buy on Dhanteras: धनतेरस पर क्या खरीदें?
  • धनतेरस के दिन सोना-चांदी के अलावा बर्तन और कुबेर यंत्र खरीदना शुभ होता है। 
  • इसके अलावा झाड़ू खरीदना भी अच्छा माना जाता है। 
  • मान्यता है इस दिन झाड़ू खरीदने से मां लक्ष्मी मेहरबान रहती हैं।
  • यदि धनतेरस के दिन आप कोई कीमती वस्तु नहीं खरीद पा रहे हैं, तो साबुत धनिया जरूर घर ले आएं। 
  • इसके अलावा आप गोमती चक्र भी खरीद सकते हैं, इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।

Dhanteras 2024: धनतेरस पर कैसे बर्तन खरीदें?
धनतेरस पर अपनी रसोई के लिए कोई न कोई बर्तन जरूर खरीदना चाहिए। इस दिन तांबे, पीतल और चांदी के बर्तन खरीदना बेहद शुभ होता है। लेकिन स्टील, कांच, एल्युमिनियम और लोहे के बर्तन इस त्योहार पर खरीदने से आपको बचना चाहिए।

Dhanteras Maa Lakshmi Kuber Pujan Vidhi: धनतेरस 2024 माता लक्ष्मी और कुबेर की पूजा विधि
  • लकड़ी चौकी पर कुबेर,गणेश और माता लक्ष्मी की मूर्ति की स्थापना करें। 
  • उनका पूजन अक्षत्, सिंदूर, फूल, दूर्वा, पान का पत्ता, सुपारी, धूप, दीप, नैवेद्य आदि से करें। 
  • भगवान गणेश को मोदक, माता लक्ष्मी को खीर और कुबेर जी को धनिया की पंजीरी का भोग लगाएं।
  • पूजा के समय इनके मंत्रों का उच्चारण करें। 
  • उसके बाद कलम, खाताबही आदि का भी पूजन करें। 
  • अब लक्ष्मी चालीसा और कुबेर चालीसा का पाठ करें। 
  • माता लक्ष्मी, गणेश जी और कुबेर की आरती करें। 

Dhanteras 2024: धनतेरस के दिन कौन-कौन सी चीजें खरीदें
सोने या चांदी के आभूषण
लक्ष्मी-गणेश जी की प्रतिमा
बर्तन
झाड़ू
सूखा धनिया
खील-बताशे
गोमती चक्र-कोड़ियां

धनतेरस पर धन में वृद्धि के उपाय

धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि देव ,माता लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजन का का विशेष महत्व होता है। धनतरेस पर अगर आप चाहते हैं मां लक्ष्मी और कुबेर देव प्रसन्न हो तो एक जोड़ा लौंग अर्पित करें। इस उपाय से धन से संबंधित समस्याएं दूर होंगी। 
 

Dhanteras 2024: पंचदिवसीय दीपोत्सव पर्व आज से शुरू

आज धनतेरस है और इसकी के साथ पांच दिनों तक चलने वाले दीपोत्सव पर्व की शुरुआत भी हो गई है। धनत्रयोदशी पर खरीदारी और नई शुरुआत को बहुत ही अच्छा और शुभ माना जाता है। आज त्रिपुष्कर योग में धनत्रयोदशी मनाई जाएगी। आज शाम को आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा होगी। पौराणिक कथा के अनुसार भगवान धन्वंतरि त्रयोदशी तिथि को समुद्र मंथन के दौरान अमृत कलश लेकर प्रगट हुए थे। 

Dhanteras 2023 Puja Timing: आज धनतेरस पर क्या करें

धनतेरस के पर्व से पांच दिनों का दीपोत्सव का आरंभ हो जाता है। धनत्रयोदशी पर आज घर में सबसे पहले गंगाजल से छिड़काव  कर पवित्र करें। फिर शाम को दीपक जलाकर भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी और कुबेर देव का आह्रान करते हुए उनकी पूजा करें। 

Dhanteras 2024 Today Shopping Muhurat Timing: धनतेरस खरीदारी शुभ मुहूर्त

आज कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि सुबह 10 बजकर 31 मिनट से आरंभ हो जाएगी जिसके साथ धनतेरस पर खरीदारी और पूजा शुरू होगी। धनतेरस जिसे धनत्रयोदशी और धन्वंतरि जयंती के नाम से भी जाना जाता है, इस दिन खरीदारी का विशेष महत्व होता है। आज धनतेरस पर शुभ खरीदारी के कई मुहूर्त होंगे। 

पहला मुहूर्त- आज धनतेरस पर त्रिपुष्कर योग बन रहा है। यह योग बहुत ही शुभ माना गया है। इस योग में खरीदारी करना बहुत ही लाभदायक होता है। यह योग सुबह 6 बजकर 31 मिनट से लेकर अगले दिन सुबह 10 बजकर 31 मिनट तक रहेगा। ऐसे में इस मुहूर्त में खरीदारी करना सबसे अच्छा होगा। आप इसमें सोने-चांदी के सिक्के, आभूषण और बर्तन खरीद सकते हैं। 

दूसरा मुहूर्त - आज आपको खरीदारी के लिए दूसरा मुहूर्त अभिजीत मिलेगा। अभिजीत मुहूर्त दिन का सबसे अच्छा मुहूर्त माना जाता है। यह सुबह 11 बजकर 42 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 27 मिनट तक रहेगा। इस मुहूर्त में भी आप शुभ खरीदारी कर सकते हैं। 

तीसरा मुहूर्त - आज धनतेरस पर खरीदारी के लिए तीसरा मुहूर्त प्रदोष काल का मिलेगा। प्रदोष काल आज शाम 6 बजकर 36 मिनट से लेकर रात 08 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। इस मुहूर्त के दौरान आप शुभ खरीदारी के साथ-साथ भगवान धन्वंतरि, कुबेर देवता और मां लक्ष्मी की पूजा करने के लिए सबसे अच्छा रहेगा। 


 

Dhanteras 2024: धनतेरस आज, जानिए खरीदारी का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Dhanteras 2024: शुभ योग में धनतेरस का पर्व आज, जानें क्या खरीदें और क्या न लें

Dhanteras 2024 Shubh Muhurat Shopping Timing: धनतेरस आज, शुभ योग में खरीदारी का मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि

Dhanteras Rahukal Today Time: आज धनतेरस पर कब न करें खरीदारी

धनतेरस पर खरीदारी और पूजा करने का विशेष लाभ मिलता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, कुबेर देवता और माता लक्ष्मी की पूजा करने पर जीवन में सभी तरह के सुख, वैभव, मान-सम्मान और इच्छाएं पूरी होती हैं। धनतेरस पर खरीदारी के लिए जिस तरह से शुभ मुहुर्त को देखा जाता है उसी तरह धनतेरस पर राहुकाल के समय का विचार किया जाता है। शास्त्रों में राहुकाल के दौरान किसी भी तरह का शुभ कार्य करना वर्जित होता है। अगर आज के दिन का राहुकाल देखें तो दोपहर 02:49 - 04:12 मिनट तक रहेगा। इस दौरान आपको धनतेरस पर खरीदारी नहीं करनी है।

Dhanteras Puja Muhurat 2024: धनतेरस खरीदारी के लिए शुभ चौघड़िया का मुहूर्त

दिन का चौघड़िया मुहूर्त 
चर- सुबह 09 बजकर 18 मिनट से 10 बजकर 41 मिनट तक

लाभ-सुबह 10 बजकर 41 मिनट से दोपहर 12 बजकर 05 मिनट तक

अमृत- दोपहर 12 बजकर 05 मिनट से 01 बजकर 28 मिनट तक

शुभ- दोपहर 02 बजकर 51 मिनट से 04 बजकर 15 मिनट तक

Dhanteras Puja Vidhi 2024: धनतेरस पूजा विधि 

धनतेरस पर त्रयोदशी तिथि के दौरान प्रदोष काल में भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर देवता ही पूजा की जाती है। धन्वंतरि भगवान की पूजा में गाय के घी और कई तरह के पूजन सामग्री के साथ औषधियां भी अर्पित की जाती हैं। धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि की षोडशोपचार से पूजा करने का विशेष महत्व होता है। इस दिन सोने-चांदी के सिक्के, आभूषण और बर्तन की खरीदारी होती है, फिर धनतेरस की शाम को मुख्य द्वार और आंगन में दीपक जलाए जाते हैं। इसके अलावा धनतेरस की शाम को यमदेवता के लिए दीपदान किया जाता है। 
 

Dhanteras 2024 Puja Muhurat: धनतेरस पर आज कब रहेगा पूजा का शुभ मुहूर्त

धनतेरस पूजा शुभ मुहूर्त
शाम 06: 30 से 08: 12 मिनट तक

प्रदोषकाल मुहूर्त
शाम 05: 37 से 08:12 मिनट तक

वृषभ काल मुहूर्त
 06: 30 से लेकर 08: 26 मिनट तक 

Dhanteras 2024 Shopping Gold Silver Buying Muhurat: धनतेरस खरीदारी मुहूर्त 2024

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Dhanteras 2024 - फोटो : अमर उजाला
धनतेरस पर सोने-चांदी के सिक्के, गहनें और बर्तन की खरीदारी करने का विशेष महत्व होता है। 

धनतेरस सोना-चांदी खरीदारी का शुभ मुहूर्त (सुबह के समय)- 06:31 से अगले दिन सुबह 10: 31 मिनट तक

धनतेरस सोना-चांदी खरीदारी का शुभ मुहूर्त (शाम का समय)- शाम 06:36 से रात 8:32 मिनट तक

अभिजीत मुहूर्त में खरीदारी का मुहूर्त- सुबह 11:42 दोपहर 12: 27 मिनट तक
 

Dhanteras 2024:  पंचपर्व का पहला दिन धनतेरस

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Dhanteras 2024 Wishes - फोटो : Amar Ujala
दीपावली पांच दिनों का महापर्व माना गया है। धनतेरस से दिवाली पूजन का श्रीगणेश होता है। इसमें भगवान धन्वंतरि, कुबेर देवता और मां लक्ष्मी की पूजा करने विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी को भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर समुद्र मंथन के दौरान प्रगट हुए थे। शास्त्रों में बताया गया है कि जीवन में सुख, वैभव, समृद्धि और भौतिक भोग-विलास के लिए सबसे पहले अच्छी सेहत का होना बहुत ही जरूरी है। इसलिए सबसे पहले भगवान धन्वंतरि प्रगट हुए।

 

Dhanteras 2024 Time: धनतेरस 2024 कब से कब तक
त्रयोदशी तिथि प्रारम्भ- 29 अक्तूबर सुबह 10:32 बजे से
त्रयोदशी तिथि समाप्त- 30 अक्तूबर दोपहर 01:16 बजे तक

Dhanteras Kuber Aarti: धनतेरस के दिन कुबेर जी की आरती से होता है धन लाभ

कुबेर देव की आरती 

ऊँ जय यक्ष कुबेर हरे, स्वामी जय यक्ष जय यक्ष कुबेर हरे । 
शरण पड़े भगतों के, भण्डार कुबेर भरे । ॥ 
ऊँ जय यक्ष कुबेर हरे...॥

शिव भक्तों में भक्त कुबेर बड़े, स्वामी भक्त कुबेर बड़े । 
दैत्य दानव मानव से, कई-कई युद्ध लड़े ॥ ॥ 
ऊँ जय यक्ष कुबेर हरे...॥

स्वर्ण सिंहासन बैठे, सिर पर छत्र फिरे, स्वामी सिर पर छत्र फिरे । 
योगिनी मंगल गावैं, सब जय जय कार करैं ॥ ॥ 
ऊँ जय यक्ष कुबेर हरे...॥

गदा त्रिशूल हाथ में, शस्त्र बहुत धरे, स्वामी शस्त्र बहुत धरे । 
दुख भय संकट मोचन, धनुष टंकार करें ॥ ॥ 
ऊँ जय यक्ष कुबेर हरे...॥

भांति भांति के व्यंजन बहुत बने, स्वामी व्यंजन बहुत बने । 
मोहन भोग लगावैं, साथ में उड़द चने ॥ ॥ 
ऊँ जय यक्ष कुबेर हरे...॥

बल बुद्धि विद्या दाता, हम तेरी शरण पड़े, स्वामी हम तेरी शरण पड़े । 
अपने भक्त जनों के, सारे काम संवारे ॥ ॥ 
ऊँ जय यक्ष कुबेर हरे...॥

मुकुट मणी की शोभा, मोतियन हार गले, स्वामी मोतियन हार गले । 
अगर कपूर की बाती, घी की जोत जले ॥ ॥ '
ऊँ जय यक्ष कुबेर हरे...॥

यक्ष कुबेर जी की आरती, जो कोई नर गावे, स्वामी जो कोई नर गावे । 
कहत प्रेमपाल स्वामी, मनवांछित फल पावे ॥ ॥ 
ऊँ जय यक्ष कुबेर हरे...॥

Dhanteras Maa Lakshmi Aarti Lyrics: धनलाभ के लिए करें मां लक्ष्मी की ये आरती

लक्ष्मी जी की आरती 

ॐ जय लक्ष्मी माता मैया जय लक्ष्मी माता
तुमको निशदिन सेवत
मैया जी को निशदिन सेवत
हरि विष्णु विधाता
।।ॐ जय लक्ष्मी माता।।
उमा रमा ब्रह्माणी तुम ही जगमाता
मैया तुम ही जगमाता
सूर्य चन्द्रमा ध्यावत
नारद ऋषि गाता
।।ॐ जय लक्ष्मी माता।।
दुर्गा रूप निरंजनी सुख सम्पत्ति दाता
मैया सुख सम्पत्ति दाता
जो कोई तुमको ध्यावत
ऋद्धि-सिद्धि धन पाता
।।ॐ जय लक्ष्मी माता।।
तुम पाताल निवासिनि तुम ही शुभदाता
मैया तुम ही शुभदाता
कर्मप्रभावप्रकाशिनी
भवनिधि की त्राता

 

।।ॐ जय लक्ष्मी माता।।
जिस घर में तुम रहती सब सद्गुण आता
मैया सब सद्गुण आता
सब सम्भव हो जाता
मन नहीं घबराता
।।ॐ जय लक्ष्मी माता।।
तुम बिन यज्ञ न होते वस्त्र न कोई पाता
मैया वस्त्र न कोई पाता
खान पान का वैभव 
सब तुमसे आता
।।ॐ जय लक्ष्मी माता।।
शुभ गुण मन्दिर सुन्दर क्षीरोदधि जाता
मैया सुन्दर क्षीरोदधि जाता
रत्न चतुर्दश तुम बिन कोई नहीं पाता
।।ॐ जय लक्ष्मी माता।।
महालक्ष्मीजी की आरती जो कोई नर गाता
मैया जो कोई नर गाता
उर आनन्द समाता पाप उतर जाता
ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता
तुमको निशदिन सेवत
हरि विष्णु विधाता
।।ॐ जय लक्ष्मी माता।।
।। मैया जय लक्ष्मी माता।।

मां महालक्ष्मी की जय

Dhanteras 2024: धनतेरस पर मेष, वृषभ और मिथुन वाले करें ये दान

मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए धनतेरस पर मसूर की दाल, गुड़ और तांबे का दान करना लाभकारी होता है। इससे मंगल दोष कम होते हैं और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। यह दान करने से आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं।

वृषभ राशि
वृषभ राशि के जातकों के लिए चावल, चांदी, सफेद कपड़े या श्वेत वस्तुओं का दान करना शुभ होता है। इससे शुक्र ग्रह की अनुकूलता प्राप्त होती है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।

मिथुन राशि
मिथुन राशि के लोग धनतेरस पर हरे रंग की वस्तुएं, मूंग की दाल या हरे कपड़े का दान करें। इससे बुध ग्रह की कृपा प्राप्त होती है और व्यापार में सफलता मिलती है।

Dhanteras 2024: धनतेरस पर कर्क, सिंह और कन्या वाले करें इन चीजों का दान

कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों के लिए दूध, चावल और शंख का दान करना शुभ माना गया है। इससे चंद्रमा के दोष दूर होते हैं और मानसिक शांति मिलती है।

सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों को धनतेरस पर गेहूं, गुड़ और तांबे का दान करना चाहिए। इससे सूर्य की कृपा मिलती है और मान-सम्मान में वृद्धि होती है।

कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों को हरे कपड़े, मूंग दाल और धन का दान करना चाहिए। इससे बुध ग्रह के दोष दूर होते हैं और व्यापार और करियर में प्रगति होती है।

Dhanteras 2024: आज धनतेरस पर तुला, वृश्चिक और धनु राशि वाले इन चीजों का करें दान

तुला राशि
तुला राशि के जातक सफेद कपड़े, चावल और चांदी का दान करें। इससे शुक्र की कृपा मिलती है और जीवन में ऐश्वर्य बढ़ता है।

वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि वालों के लिए मसूर की दाल, लाल कपड़े, और तांबे का दान करना उत्तम होता है। इससे मंगल ग्रह की शांति होती है और स्वास्थ्य में सुधार होता है।

धनु राशि
धनु राशि के जातकों को पीले कपड़े, चने की दाल और हल्दी का दान करना चाहिए। इससे गुरु ग्रह की कृपा प्राप्त होती है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
 

Dhanteras 2024: आज धनतेरस पर मकर, कुंभ और मीन राशि वाले इन चीजों का करें दान

मकर राशि
मकर राशि के जातकों के लिए धनतेरस पर काले कपड़े, उड़द और लोहे का दान करना शुभ है। इससे शनि ग्रह का अनुकूल प्रभाव मिलता है और नौकरी में प्रगति होती है।

कुंभ राशि
कुंभ राशि के जातकों को धनतेरस पर काले तिल, तेल और नीले कपड़े का दान करना चाहिए। इससे शनि की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में स्थिरता आती है।

मीन राशि
मीन राशि के जातकों को पीले कपड़े, चने की दाल, और हल्दी का दान करना चाहिए। इससे गुरु ग्रह की अनुकूलता प्राप्त होती है और अध्यात्म में रुचि बढ़ती है।

Dhanteras 2024 To Buy These Auspicious Items: धनतेरस पर ये सात चीजें खरीदना सबसे ज्यादा शुभ

धनतेरस से दीपोत्सव का पर्व प्रारंभ हो जाता है। धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि और माता लक्ष्मी की पूजा का विधान होता है। इसके अलावा धनतेरस पर कुछ चीजों की खरीदारी करना बहुत ही लाभकारी और शुभ माना जाता है। धनतेरस पर कुछ  चीजों को खरीदकर घर लाना बहुत ही शुभ माना जाता है। 

1. सोना- चांदी के सिक्के और आभूषण
2. बर्तन खरीदना
3.  झाड़ू खरीदना
4. साबुत धनिया
5. वाहन या प्रॉपर्टी
6. दीप और लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां
7. धार्मिक ग्रंथ और हनुमान जी का सिंदूर

Dhanteras 2024: धनतेरस पर क्यों खरीदते हैं बर्तन 

धनतेरस पर नए बर्तन खरीदने की परंपरा भी प्रचलित है। यह केवल धन के प्रतीक नहीं, बल्कि समृद्धि का प्रतीक भी माने जाते हैं। खासकर, चांदी या पीतल के बर्तन खरीदना अत्यंत लाभकारी होता है। घर के लिए बर्तन खरीदने के साथ-साथ इन्हें भगवान को अर्पित कर देने से भी शुभ फलों की प्राप्ति होती है।

धनतेरस पर क्यों खरीदते हैं झाड़ू

धनतेरस पर झाड़ू खरीदना भी अत्यंत शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, झाड़ू लक्ष्मी का प्रतीक है और यह घर में दरिद्रता का नाश करती है। नए झाड़ू की खरीद से पुराने नकारात्मक प्रभावों का नाश होता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है। यह ध्यान दें कि झाड़ू खरीदकर उसे तुरंत उपयोग न करें, बल्कि इसे दीपावली के दिन पहली बार प्रयोग में लाएं।

धनतेरस पर साबुत धनिया क्यों खरीदते हैं

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार धनिया घर में धन की बरकत और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। यह घर में आर्थिक उन्नति और सौभाग्य का प्रतीक भी है। धनिया को धन के प्रतीक के रूप में देखा जाता है, इसलिए इसे घर लाने से घर में लक्ष्मी का आगमन होता है और धन-संपत्ति में वृद्धि होती है।

Dhanteras 2024: लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां

धनतेरस पर मिट्टी या धातु के दीपक और लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां खरीदने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। दीप जलाने से घर में रौशनी और समृद्धि का आगमन होता है। लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति घर में सुख-शांति, धन-धान्य और सफलता की प्रतीक मानी जाती है।
 

Dhanteras 2024: धनतेरस पर वाहन या प्रॉपर्टी करना शुभ

धनतेरस का दिन किसी नए वाहन या प्रॉपर्टी की खरीद के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। यह केवल वित्तीय समृद्धि ही नहीं बल्कि सामाजिक प्रतिष्ठा में भी वृद्धि करता है। यदि आप इस दिन नया वाहन खरीदते हैं, तो यह आपके जीवन में सफलता और उन्नति के रास्ते खोलता है।
 

धनतेरस पर मूर्ति खरीदने का शुभ मुहूर्त

धनतेरस पर भगवान की मूर्ति और सोना-चांदी व अन्य सामानों की खरीदारी के लिए तीन मुहूर्त बन रहे हैं। 
  • पहला शुभ मुहूर्त- 29 अक्तूबर को सुबह 10:31 मिनट से 30 अक्तूबर 6:32 मिनट तक। 
  • दूसरा शुभ मुहूर्त-  29 अक्तूबर शाम 06:31 बजे से रात 08:13 तक।
  • तीसरा खरीदारी का मुहूर्त- 29 अक्तूबर शाम 5:38 बजे से 6:55 तक रहेगा।

धनतेरस पर सामान खरीदने के पीछे यह मान्यता है कि इस दिन कोई नया सामान खरीदने से आपका धन 13 गुना बढ़ जाता है।

ऐसी मान्यता है कि समुद्र मंथन के समय कलश के साथ माता लक्ष्मी का अवतरण हुआ उसी के प्रतीक के रूप में ऐश्वर्य वृद्धि, सौभाग्य वृद्धि के लिए बर्तन खरीदने की परम्परा शुरू हुई।
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इस दिन लक्ष्मी जी के स्वागत के लिए अपने घर के मुख्य द्वार पर रंगोली बनाएं और महालक्ष्मी के दो छोटे-छोटे पद चिन्ह लगाएं। धनतेरस पर माता लक्ष्मी के अलावा धन्वंतरी, कुबेर की पूजा करना बेहद शुभ माना जाता है। धनवंतरी इसी तिथि को समुद्र मंथन से अवतरित हुए थे। प्राचीन काल में लोग इस दिन नए बर्तन खरीदकर उसमें क्षीर पकवान रखकर धनवंतरी भगवान को भोग लगाते थे।
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