सीएम योगी ने दी बधाई
वसंत पंचमी के पावन अवसर पर महाकुंभ 2025 में पवित्र त्रिवेणी संगम में अमृत स्नान करने वाले पूज्य साधु-संतों, धर्माचार्यों, सभी अखाड़ों, कल्पवासियों एवं श्रद्धालुओं को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बधाई दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, "महाकुंभ केवल भारत नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए आध्यात्मिक प्रेरणा का स्रोत है।"
आखिरी अमृत स्नान के दिन करें इन मंत्रों का जप
आखिरी अमृत स्नान के दिन जातक को कुछ विशेष मंत्रों का जाप भी जरूर करना चाहिए।
शिव गायत्री मंत्र
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्र: प्रचोदयात।
विष्णु मंत्र
ॐ नारायणाय विद्महे। वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णु प्रचोदयात्।।
गंगा मंत्र
गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वती। नर्मदे सिन्धु कावेरी जले अस्मिन् सन्निधिम् कुरु।।
सूर्य स्त्रोत
प्रात: स्मरामि खलु तत्सवितुर्वरेण्यंरूपं हि मण्डलमृचोऽथ तनुर्यजूंषी।
सामानि यस्य किरणा: प्रभवादिहेतुं ब्रह्माहरात्मकमलक्ष्यचिन्त्यरूपम् ।।1।।
प्रातर्नमामि तरणिं तनुवाऽमनोभि ब्रह्मेन्द्रपूर्वकसुरैनतमर्चितं च।
वृष्टि प्रमोचन विनिग्रह हेतुभूतं त्रैलोक्य पालनपरंत्रिगुणात्मकं च।।2।।
प्रातर्भजामि सवितारमनन्तशक्तिं पापौघशत्रुभयरोगहरं परं चं।
तं सर्वलोककनाकात्मककालमूर्ति गोकण्ठबंधन विमोचनमादिदेवम् ।।3।।
ॐ चित्रं देवानामुदगादनीकं चक्षुर्मित्रस्य वरुणस्याग्ने:।
आप्रा धावाप्रथिवी अन्तरिक्षं सूर्य आत्मा जगतस्तस्थुषश्र्व ।।4।।
सूर्यो देवीमुषसं रोचमानां मत्योन योषामभ्येति पश्र्वात्।
यत्रा नरो देवयन्तो युगानि वितन्वते प्रति भद्राय भद्रम् ।।5।।
सरस्वती मंत्र
सरस्वती ॐ सरस्वत्यै नमः। महाभद्रा ॐ महाभद्रायै नमः। महामाया ॐ महमायायै नमः
संत चिन्मयानंद बापू ने अच्छी व्यवस्था के लिए प्रशासन को धन्यवाद दिया
संत चिन्मयानंद बापू ने कहा, "आज शुभ अवसर है, सभी अखाड़े और महामंडलेश्वर संगम के लिए रवाना हो रहे हैं। बसंत पंचमी का पर्व विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, इस अवसर पर यदि वे संगम में पवित्र डुबकी लगाते हैं, तो उन्हें सफलता अवश्य मिलती है। अच्छी व्यवस्था के लिए मैं प्रशासन को धन्यवाद देता हूं। आज स्थिति सामान्य है।"
यह माना जाता है कि आज के दिन मां सरस्वती की पूजा करने से वह प्रसन्न होती हैं और ज्ञान तथा बुद्धि का आशीर्वाद प्रदान करती हैं। चलिए जानते हैं सरस्वती वंदना मंत्र के बारे में।
या कुन्देन्दु -तुषार -हारधवला या शुभ्र वस्त्रा वृता।
या वीणावर दण्ड मण्डित करा या श्वेत पद्मासना॥
या ब्रह्माच्युत शंकर प्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता।
सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेष जाड्यापहा॥
#WATCH | #MahaKumbhMela2025 | Prayagraj, UP | A Naga sadhu says, "Arrangements today were better than the previous two Amrit Snans... Today's snan was the biggest for us saints..." pic.twitter.com/n1OPYfYw34
— ANI (@ANI) February 3, 2025
श्रद्धालु कर रहे हैं पवित्र स्नान
बसंत पंचमी के अंतिम अमृत स्नान के अवसर पर करोड़ों श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया। उल्लेखनीय है कि महाकुंभ, जो 13 जनवरी से प्रारंभ हुआ, 26 फरवरी 2025 तक जारी रहेगा।
आध्यात्मिक गुरु स्वामी कैलाशानंद गिरि ने कहा, "सभी 13 अखाड़ों ने त्रिवेणी संगम पर पवित्र डुबकी लगाई...हमने गंगा मां, भगवान शिव की पूजा की...सभी नागा बहुत उत्साहित हैं...यह हमारा तीसरा 'अमृत स्नान' था...
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने अपने वसंत पंचमी अमृत स्नान की बधाई देते हुए कहा-
महाकुम्भ-2025, प्रयागराज में बसंत पंचमी के पावन अवसर पर पवित्र त्रिवेणी संगम में पावन अमृत स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित करने वाले पूज्य साधु-संतों, धर्माचार्यों, सभी अखाड़ों, कल्पवासियों एवं श्रद्धालुओं को हार्दिक बधाई!
वसंत पंचमी पर कैसे करें अमृत स्नान
वसंत पंचमी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में नदी में स्नान करने से पहले साधु-संतों के स्नान का अनुसरण करना चाहिए। स्नान के बाद तट से दूर पवित्र जल से शरीर को शुद्ध किया जाता है, जिसे मलापकर्षण स्नान कहते हैं। इसके बाद नदी में घुटनों तक उतरकर जल लेकर संकल्प किया जाता है। स्नान के वक्त विशेष मंत्र का उच्चारण किया जाता है – “गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वति, नर्मदे सिन्धु कावेरी जलऽस्मिन्सन्निधिं कुरु”।
स्नान के बाद सूर्य की ओर मुंह करके पांच बार डुबकी लगानी चाहिए और तर्पण करना चाहिए। इसके बाद स्वच्छ वस्त्र पहनकर पंचदेवों की पूजा करनी चाहिए और जरूरतमंदों को दान करना चाहिए।
जूना अखाड़े के नागा साधु वसंत पंचमी के अवसर पर अमृत स्नान के रूप में पवित्र डुबकी लगाते हुए ।
पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के स्वामी भावेंद्र गिरि ने कहा, 'यह बहुत पवित्र स्थान है' |
बसंत पंचमी पर 'अमृत स्नान' के बाद, पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के स्वामी भावेंद्र गिरि ने कहा, "...मैं बसंत पंचमी के अवसर पर सभी को शुभकामनाएं देता हूं...यह बहुत पवित्र स्थान है क्योंकि यहां तीन नदियों - गंगा, यमुना और सरस्वती का पवित्र संगम है...मैंने विश्व के कल्याण के लिए प्रार्थना की..."
वसंत पंचमी के अवसर पर त्रिवेणी संगम पर पवित्र दीप लेकर सुगंध और शांति के साथ पुष्प वर्षा की गई।
पीएम मोदी, सीएम योगी के प्रयासों से आज का 'अमृत स्नान' संभव: स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज
जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने कहा, "...यह पीएम मोदी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की वजह से संभव हो पाया है।"
बसंत पंचमी के अवसर पर हजारों नागा और साधु पवित्र डुबकी लगाने के लिए त्रिवेणी संगम की ओर बढ़ रहे हैं।
बसंत पंचमी के मौके पर जूना अखाड़ा अमृत स्नान के लिए पहुंचा
विभिन्न अखाड़ों के साधुओं ने त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान करना आरंभ कर दिया है। इसके अलावा, अन्य घाटों पर भी श्रद्धालु वसंत पंचमी के अवसर पर स्नान कर रहे हैं।
#WATCH | Prayagraj | Sadhus of various akhadas take a holy dip in Triveni Sangam on the auspicious occasion of #BasantPanchami. pic.twitter.com/4sC39rfDP7
— ANI (@ANI) February 2, 2025
पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के एक संत ने बसंत पंचमी अमृत स्नान के महत्व पर बात की और व्यवस्थाओं के लिए प्रशासन की प्रशंसा की।
महाकुंभ 2025: नागा साधु 'बसंत पंचमी' के अवसर पर 'अमृत स्नान' और त्रिवेणी संगम में भाग लेंगे।
| अखाड़ों का नाम |
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घाट से प्रस्थान | ||||||
| श्री पंचायत अखाड़ा महानिर्वाणी एवंश्री शंभू पंचायती अटल अखाड़ा | 4:00 बजे | 5:00 बजे | 40 मिनट | 5:40 बजे | ||||||
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4:50 बजे | 5:50 बजे | 40 मिनट | 6:30 बजे | ||||||
| श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा, श्री पंचदशनाम आवाहन अखाड़ा एवं श्री पंच अग्नि अखाड़ा | 5:45 बजे | 6:45 बजे | 40 मिनट | 7:25 बजे | ||||||
| निर्वाणी अनि अखाड़ा | 8:25 बजे | 9:25 बजे | 30 मिनट | 9:55 बजे | ||||||
| दिगंबर अनि अखाड़ा | 9:05 बजे | 10:05 बजे | 50 मिनट | 10:55 बजे | ||||||
| निर्मोही अनि अखाड़ा | 10:05 बजे | 11:05 बजे | 30 मिनट | 11:35 बजे | ||||||
| श्री पंचायती नया उदासीन अखाड़ा | 11:00 बजे | 12:00 बजे | 55 मिनट | 12:55 बजे | ||||||
| श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन निर्वाण | 12:05 बजे |
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60 मिनट | 14:05 बजे | ||||||
| श्री पंचायत निर्मल अखाड़ा | 13:25 बजे | 14:25 बजे | 40 मिनट | 15:05 बजे |
महाकुंभ के तीसरे अमृत स्नान के नियम: Mahakumbh Basant Panchami 3rd Amrit Snan Rules
श्री तपोनिधि पंचायती श्री निरंजनी अखाड़ा का कार्यक्रम इस प्रकार है:
श्री तपोनिधि पंचायती श्री निरंजनी अखाड़ा और श्री पंचायती अखाड़ा आनंद का शिविर से प्रस्थान समय सुबह 04:50 बजे निर्धारित किया गया है। घाट पर इनका आगमन सुबह 05:50 बजे होगा, जबकि घाट से प्रस्थान का समय सुबह 06:30 बजे और शिविर में पहुंचने का समय सुबह 07:30 बजे है।
इसी प्रकार, श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा, श्री पंचदशनाम आवाहन अखाड़ा और श्री पंचाग्नि अखाड़ा का शिविर से प्रस्थान समय सुबह 05:45 बजे होगा। इनका घाट पर पहुंचने का समय सुबह 06:45 बजे है, घाट से वापस प्रस्थान का समय सुबह 07:25 बजे और शिविर में आने का समय सुबह 08:30 बजे है।
सरस्वती गायत्री मंत्र
'ॐ वागदैव्यै च विद्महे कामराजाय धीमहि।
वसंत पंचमी पूजा विधि
मां सरस्वती का स्वरूप
देवी सरस्वती का स्वरूप अत्यंत दिव्य और सौम्य बताया गया है। वे सफेद वस्त्र धारण करती हैं, जो ज्ञान और पवित्रता का प्रतीक है। उनके चार हाथ होते हैं, जिनमें एक हाथ में वीणा, दूसरे में पुस्तक, तीसरे में माला और चौथा हाथ वरद मुद्रा में होता है।
वीणा – संगीत और कला का प्रतीक
पुस्तक – ज्ञान और विद्या का प्रतीक
अक्षमाला – ध्यान और तप का प्रतीक
वरद मुद्रा – भक्तों को आशीर्वाद देने का संकेत
सरस्वती वंदना
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता।
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना॥
या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता।
सा माम् पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥1॥
शुक्लाम् ब्रह्मविचार सार परमाम् आद्यां जगद्व्यापिनीम्।
वीणा-पुस्तक-धारिणीमभयदां जाड्यान्धकारापहाम्॥
हस्ते स्फटिकमालिकाम् विदधतीम् पद्मासने संस्थिताम्।
वन्दे ताम् परमेश्वरीम् भगवतीम् बुद्धिप्रदाम् शारदाम्॥2॥
विद्यार्थियों के लिए उपाय
Basant Panchami 2025: वसंत पंचमी पर विद्यार्थी करें ये एक काम, करियर में मिल सकते हैं मनचाहे परिणाम