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Basant Panchami Amrit Snan: महाकुंभ का वसंत पंचमी अमृत स्नान जारी, जानें कब होंगे महाकुंभ के अगले स्नान

Mon, 03 Feb 2025 11:09 AM IST
मेघा कुमारी धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

खास बातें

Basant Panchami 2025 Mahakumbh 3rd Amrit Snan: प्रयागराज महाकुंभ में आज वसंत पंचमी के पावन अवसर पर तीसरा अमृत स्नान जारी है। उत्तर प्रदेश सूचना विभाग के अनुसार, आज सुबह 8 बजे तक 62.25 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया। 2 फरवरी तक 34.97 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पवित्र स्नान कर चुके हैं।अमृत स्नान को शुभ मुहूर्त में करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इससे व्यक्ति को जीवन के सभी पापों से मुक्ति मिलती है और विभिन्न प्रकार के कष्टों से भी राहत मिलती है।
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वसंत पंचमी अमृत स्नान - फोटो : अमर उजाला
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लाइव अपडेट

11:07 AM, 03-Feb-2025

महाकुंभ के आगामी स्नान | Mahakumbh Snan Dates  
महाकुंभ का चौथा स्नान माघ पूर्णिमा के दिन, अर्थात् बुधवार, 12 फरवरी 2025 को आयोजित किया जाएगा।  
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर, 26 फरवरी 2025 को के अंतिम स्नान के साथ ही महाकुंभ का समापन होगा।

11:00 AM, 03-Feb-2025

वसंत पंचमी अमृत स्नान के दिन करें माता सरस्वती के इन मंत्रों का जप
वसंत पंचमी के पवित्र स्नान के दिन माता सरस्वती के इन मंत्रों का जप करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन, माता सरस्वती के मूल मंत्र 'ॐ ऐं सरस्वत्यै ऐं नमः' का जप करने से आपको ज्ञान, बुद्धि और विवेक की प्राप्ति होती है। इसके अतिरिक्त, आप कुछ अन्य मंत्रों का भी जप कर सकते हैं, जैसे 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं महासरस्वती देव्यै नमः' और 'हंसासना ॐ हंसासनायै नमः'। इन मंत्रों का जप करने से भी आपको मां सरस्वती की कृपा प्राप्त होगी।

10:50 AM, 03-Feb-2025

सीएम योगी ने दी बधाई

वसंत पंचमी के पावन अवसर पर महाकुंभ 2025 में पवित्र त्रिवेणी संगम में अमृत स्नान करने वाले पूज्य साधु-संतों, धर्माचार्यों, सभी अखाड़ों, कल्पवासियों एवं श्रद्धालुओं को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बधाई दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, "महाकुंभ केवल भारत नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए आध्यात्मिक प्रेरणा का स्रोत है।"

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10:40 AM, 03-Feb-2025

पंच दिगंबर अनी अखाड़े की भव्य शोभा यात्रा त्रिवेणी संगम की ओर प्रस्थान कर गई है। वीडियो देखें।
 
 

10:29 AM, 03-Feb-2025

अमृत स्नान का महत्व | Amrit Snan Significance  
हिंदू धर्म में महाकुंभ के दौरान अमृत स्नान का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, महाकुंभ में स्नान करने से व्यक्ति का शरीर शुद्ध होता है, सभी पापों से मुक्ति मिलती है, और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसके अतिरिक्त, बसंत पंचमी के दिन संगम तट पर अमृत स्नान करने से मां सरस्वती का आशीर्वाद प्राप्त होता है, जिससे व्यक्ति के जीवन में खुशहाली बनी रहती है।

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10:12 AM, 03-Feb-2025

आखिरी अमृत स्नान के दिन करें इन मंत्रों का जप

आखिरी अमृत स्नान के दिन जातक को कुछ विशेष मंत्रों का जाप भी जरूर करना चाहिए।

शिव गायत्री मंत्र
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्र: प्रचोदयात। 

विष्णु मंत्र
ॐ नारायणाय विद्महे। वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णु प्रचोदयात्।।

गंगा मंत्र
गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वती। नर्मदे सिन्धु कावेरी जले अस्मिन् सन्निधिम् कुरु।।

सूर्य स्त्रोत
प्रात: स्मरामि खलु तत्सवितुर्वरेण्यंरूपं हि मण्डलमृचोऽथ तनुर्यजूंषी। 
सामानि यस्य किरणा: प्रभवादिहेतुं ब्रह्माहरात्मकमलक्ष्यचिन्त्यरूपम् ।।1।।

प्रातर्नमामि तरणिं तनुवाऽमनोभि ब्रह्मेन्द्रपूर्वकसुरैनतमर्चितं च। 
वृष्टि प्रमोचन विनिग्रह हेतुभूतं त्रैलोक्य पालनपरंत्रिगुणात्मकं च।।2।।

प्रातर्भजामि सवितारमनन्तशक्तिं पापौघशत्रुभयरोगहरं परं चं। 
तं सर्वलोककनाकात्मककालमूर्ति गोकण्ठबंधन विमोचनमादिदेवम् ।।3।।

ॐ चित्रं देवानामुदगादनीकं चक्षुर्मित्रस्य वरुणस्याग्ने:। 
आप्रा धावाप्रथिवी अन्तरिक्षं सूर्य आत्मा जगतस्तस्थुषश्र्व ।।4।।

सूर्यो देवीमुषसं रोचमानां मत्योन योषामभ्येति पश्र्वात्। 
यत्रा नरो देवयन्तो युगानि वितन्वते प्रति भद्राय भद्रम् ।।5।।

सरस्वती मंत्र
सरस्वती ॐ सरस्वत्यै नमः। महाभद्रा ॐ महाभद्रायै नमः। महामाया ॐ महमायायै नमः

 

10:00 AM, 03-Feb-2025

संत चिन्मयानंद बापू ने अच्छी व्यवस्था के लिए प्रशासन को धन्यवाद दिया

संत चिन्मयानंद बापू ने कहा, "आज शुभ अवसर है, सभी अखाड़े और महामंडलेश्वर संगम के लिए रवाना हो रहे हैं। बसंत पंचमी का पर्व विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, इस अवसर पर यदि वे संगम में पवित्र डुबकी लगाते हैं, तो उन्हें सफलता अवश्य मिलती है। अच्छी व्यवस्था के लिए मैं प्रशासन को धन्यवाद देता हूं। आज स्थिति सामान्य है।"

 

09:48 AM, 03-Feb-2025

संन्यासियों का स्नान हुआ पूरा अब बैरागी परंपरा के साधू करेंगे स्नान

संन्यासियों का स्नान पूरा हो चुका है, अब बैरागी परंपरा के साधु सुबह करीब दस बजे स्नान के लिए आएंगे।  

09:45 AM, 03-Feb-2025

अब तक अमृत स्नान कर चुके श्रद्धालुओं की संख्या
उत्तर प्रदेश सूचना विभाग के अनुसार, आज सुबह 8 बजे तक 62.25 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र डुबकी लगाई है। 2 फरवरी तक कुल 34.97 करोड़ से अधिक श्रद्धालु इस पवित्र स्नान का लाभ उठा चुके हैं।

09:30 AM, 03-Feb-2025

बसंत पंचमी के पवित्र स्नान के दिन अदृश्य साधु भी आते हैं स्नान करने के लिए
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बसंत पंचमी के पवित्र स्नान के दिन केवल नागा साधु-संत ही नहीं, बल्कि अदृश्य साधु और पवित्र आत्माएं भी महाकुंभ में स्नान करने आती हैं। इस दिन स्नान करने से पापों का नाश होता है और आध्यात्मिक ऊर्जा की प्राप्ति होती है।

09:25 AM, 03-Feb-2025

बसंत पंचमी के दिन स्नान के साथ-साथ इन चीजों का दान करना भी शुभ 

बसंत पंचमी का पर्व माता सरस्वती को समर्पित है, जो ज्ञान की देवी मानी जाती हैं। इस दिन शिक्षा से संबंधित वस्तुओं का दान करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। आप जरूरतमंद छात्रों को किताबें, कलम और अन्य शैक्षणिक सामग्री दान कर सकते हैं। इसके अलावा, पीले रंग के खाद्य पदार्थ और कपड़े भी इस दिन दान करने के लिए उपयुक्त माने जाते हैं। 

09:10 AM, 03-Feb-2025

स्नान के बाद जरूर पढ़ें यह सरस्वती वंदना मंत्र

यह माना जाता है कि आज के दिन मां सरस्वती की पूजा करने से वह प्रसन्न होती हैं और ज्ञान तथा बुद्धि का आशीर्वाद प्रदान करती हैं। चलिए जानते हैं सरस्वती वंदना मंत्र के बारे में।

या कुन्देन्दु -तुषार -हारधवला या शुभ्र वस्त्रा वृता।
या वीणावर दण्ड मण्डित करा या श्वेत पद्मासना॥
या ब्रह्माच्युत शंकर प्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता।
सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेष जाड्यापहा॥

09:06 AM, 03-Feb-2025

महाकुंभ के आगामी स्नान | Mahakumbh Snan Dates  
  • महाकुंभ का चौथा स्नान माघ पूर्णिमा के दिन, अर्थात् बुधवार, 12 फरवरी 2025 को आयोजित किया जाएगा।  
  • महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर, 26 फरवरी 2025 को महाकुंभ का अंतिम स्नान के साथ ही महाकुम्भ का  समापन होगा।  

09:03 AM, 03-Feb-2025

प्रयागराज में एक नागा साधु कहते हैं, "आज की व्यवस्था पिछले दो अमृत स्नानों से बेहतर थी, आज का स्नान हम साधुओं के लिए सबसे बड़ा था..."
 

#WATCH | #MahaKumbhMela2025 | Prayagraj, UP | A Naga sadhu says, "Arrangements today were better than the previous two Amrit Snans... Today's snan was the biggest for us saints..." pic.twitter.com/n1OPYfYw34

— ANI (@ANI) February 3, 2025

08:50 AM, 03-Feb-2025

श्रद्धालु कर रहे हैं पवित्र स्नान
बसंत पंचमी के अंतिम अमृत स्नान के अवसर पर करोड़ों श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया। उल्लेखनीय है कि महाकुंभ, जो 13 जनवरी से प्रारंभ हुआ, 26 फरवरी 2025 तक जारी रहेगा।
 

08:36 AM, 03-Feb-2025

आध्यात्मिक गुरु स्वामी कैलाशानंद गिरि ने कहा, "सभी 13 अखाड़ों ने त्रिवेणी संगम पर पवित्र डुबकी लगाई...हमने गंगा मां, भगवान शिव की पूजा की...सभी नागा बहुत उत्साहित हैं...यह हमारा तीसरा 'अमृत स्नान' था...
 
 

08:33 AM, 03-Feb-2025

बसंत पंचमी के अमृत स्नान से मिलते हैं ये 5 लाभ 

मोक्ष: मान्यता है कि वसंत पंचमी पर अमृत स्नान करने से व्यक्ति को मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है।

7 पीढ़ियों की शुद्धि: महाकुंभ का यह तीसरा और अंतिम अमृत स्नान है। इस दिन गंगा स्नान करने वाले जातक के साथ-साथ उनकी 7 पीढ़ियों की भी शुद्धि हो जाती है।

पितरों की आत्मा तृप्ति: प्रयागराज के संगम तट पर अदृश्य सरस्वती नदी का स्वरूप विद्यमान है। यहां स्नान करने से जातक के पितरों की आत्मा तृप्त होती है और उन्हें आत्मिक शांति मिलती है।

निरोगी शरीर: वसंत पंचमी पर अमृत स्नान करने से जातक के शरीर को आरोग्य की प्राप्ति होती है, और यह माना जाता है कि कोई रोग उसके पास भी नहीं भटकता।

ऊर्जा का संचार: अमृत स्नान से जातक के शरीर में दिव्य ऊर्जा का संचार भी होता है।

08:20 AM, 03-Feb-2025

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने अपने वसंत पंचमी अमृत स्नान की बधाई देते हुए कहा-
महाकुम्भ-2025, प्रयागराज में बसंत पंचमी के पावन अवसर पर पवित्र त्रिवेणी संगम में पावन अमृत स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित करने वाले पूज्य साधु-संतों, धर्माचार्यों, सभी अखाड़ों, कल्पवासियों एवं श्रद्धालुओं को हार्दिक बधाई!
 

08:16 AM, 03-Feb-2025

वसंत पंचमी स्नान पर किन्नर अखाड़े की कल्याणी नंदिनी महाराज

किन्नर अखाड़े की कल्याणी नंदिनी महाराज ने कहा, "आज बसंत पंचमी है, देवी सरस्वती का दिन... हम 'अमृत स्नान' के लिए जा रहे हैं। यहां व्यवस्थाएं बहुत अच्छी हैं।"
 

08:09 AM, 03-Feb-2025

वसंत पंचमी पर कैसे करें अमृत स्नान 

वसंत पंचमी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में नदी में स्नान करने से पहले साधु-संतों के स्नान का अनुसरण करना चाहिए।  स्नान के बाद तट से दूर पवित्र जल से शरीर को शुद्ध किया जाता है, जिसे मलापकर्षण स्नान कहते हैं। इसके बाद नदी में घुटनों तक उतरकर जल लेकर संकल्प किया जाता है। स्नान के वक्त विशेष मंत्र का उच्चारण किया जाता है – “गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वति, नर्मदे सिन्धु कावेरी जलऽस्मिन्सन्निधिं कुरु”।
स्नान के बाद सूर्य की ओर मुंह करके पांच बार डुबकी लगानी चाहिए और तर्पण करना चाहिए। इसके बाद स्वच्छ वस्त्र पहनकर पंचदेवों की पूजा करनी चाहिए और जरूरतमंदों को दान करना चाहिए।

08:01 AM, 03-Feb-2025

वसंत पंचमी पर नहीं जा पाए महाकुंभ, तो घर बैठे इस विधि से पाएं अमृत स्नान का पुण्य   

ज्योतिषियों के अनुसार घर पर अमृत स्नान करने के लिए आप सबसे पहले जल में थोड़ी गौ रज यानी की गाय के गोबर की राख मिला लें। इसके बाद स्नान करें और “त्रिवेणी माधवं सोमं भरद्वाजं च वासुकिम्। वन्दे अक्षय वटं शेषं प्रयागं तीर्थनायकम।।” मंत्र का जाप करें। ध्यान रखें इस स्नान को करते समय साबुन का उपयोग न करें। अब स्नान के बाद आप साफ वस्त्रों को धारण करें। अब अपने दाहिने हाथ में दूब घास की 16 गांठें लेकर देवी-देवताओं का ध्यान करें,  इस दौरान मौन रहकर मन को शांत रखें। अंत में सूर्य देव को अर्घ्य दें। 

07:54 AM, 03-Feb-2025

जूना अखाड़े के नागा साधु वसंत पंचमी के अवसर पर अमृत स्नान के रूप में पवित्र डुबकी लगाते हुए ।
 

07:44 AM, 03-Feb-2025

 पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के स्वामी भावेंद्र गिरि ने कहा, 'यह बहुत पवित्र स्थान है' | 
बसंत पंचमी पर 'अमृत स्नान' के बाद, पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के स्वामी भावेंद्र गिरि ने कहा, "...मैं बसंत पंचमी के अवसर पर सभी को शुभकामनाएं देता हूं...यह बहुत पवित्र स्थान है क्योंकि यहां तीन नदियों - गंगा, यमुना और सरस्वती का पवित्र संगम है...मैंने विश्व के कल्याण के लिए प्रार्थना की..."
 

07:39 AM, 03-Feb-2025

सात अखाड़ों का अमृत स्नान संपन्न
वसंत पंचमी पर अब तक महानिर्वाणी, अटल, जूना, निरंजनी समेत सात अखाड़ों का अमृत स्नान संपन्न हो चुका है। इस दौरान अखाड़ों से जुड़े श्रद्धालुओं ने पवित्र घाट पर डुबकी भी लगाई।

07:22 AM, 03-Feb-2025

वसंत पंचमी के अवसर पर त्रिवेणी संगम पर पवित्र दीप लेकर सुगंध और शांति के साथ पुष्प वर्षा की गई।

07:16 AM, 03-Feb-2025

पीएम मोदी, सीएम योगी के प्रयासों से आज का 'अमृत स्नान' संभव: स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज
जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने कहा, "...यह पीएम मोदी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की वजह से संभव हो पाया है।"
 

07:04 AM, 03-Feb-2025

अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत पुरी ने कहा 'स्नान' बहुत भव्य 

अमृत स्नान के बाद अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने कहा कि 'स्नान' बहुत भव्य है और सभी लोग बहुत खुश हैं और सरकार को आशीर्वाद दे रहे हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु आए हैं, पवित्र स्नान करने। 
 

06:53 AM, 03-Feb-2025

बसंत पंचमी के अवसर पर हजारों नागा और साधु पवित्र डुबकी लगाने के लिए त्रिवेणी संगम की ओर बढ़ रहे  हैं।
 

06:40 AM, 03-Feb-2025

बसंत पंचमी के मौके पर जूना अखाड़ा अमृत स्नान के लिए पहुंचा

06:25 AM, 03-Feb-2025

सीएम योगी ने तीसरे अमृत स्नान के अवसर पर संतों और श्रद्धालुओं को दी शुभकामनाएं

सीएम योगी ने तीसरे अमृत स्नान के अवसर पर संतों, तीर्थयात्रियों और श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ के इस विशेष अवसर पर त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान करने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक आशीर्वाद और समृद्धि की कामना की। उन्होंने एक एक्स पोस्ट में लिखा, "महाकुंभ 2025 के दौरान बसंत पंचमी के पावन अवसर पर प्रयागराज में त्रिवेणी संगम पर पवित्र अमृत स्नान करने वाले सभी पूज्य संतों, धर्मगुरुओं, अखाड़ों, तीर्थयात्रियों और श्रद्धालुओं को हार्दिक बधाई, और उन्हें आध्यात्मिक पुण्य एवं आशीर्वाद प्राप्त होगा!"

05:59 AM, 03-Feb-2025

अमृत स्नान का महत्व | Amrit Snan Significance  
हिंदू धर्म में महाकुंभ के दौरान अमृत स्नान का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, महाकुंभ में स्नान करने से व्यक्ति का शरीर शुद्ध होता है, सभी पापों से मुक्ति मिलती है, और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसके अतिरिक्त, बसंत पंचमी के दिन संगम तट पर अमृत स्नान करने से मां सरस्वती का आशीर्वाद प्राप्त होता है, जिससे व्यक्ति के जीवन में खुशहाली बनी रहती है।





 

05:29 AM, 03-Feb-2025

अमृत स्नान के बाद क्या करें? What to do after Amrit Snan?

महाकुंभ में अमृत स्नान के बाद पितरों के लिए तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। ऐसा करने से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है और पितृ दोष से मुक्ति भी प्राप्त होती है। 

महाकुंभ में अमृत स्नान के साथ-साथ पितरों का तर्पण करते समय मंत्रों का जाप करना भी शुभ फल प्रदान करता है। 

हिंदू धर्म में जरूरतमंदों को दान देना बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि महाकुंभ के अमृत स्नान के बाद दान करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।

05:17 AM, 03-Feb-2025

विभिन्न अखाड़ों के साधुओं ने त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान करना आरंभ कर दिया है। इसके अलावा, अन्य घाटों पर भी श्रद्धालु वसंत पंचमी के अवसर पर स्नान कर रहे हैं।

#WATCH | Prayagraj | Sadhus of various akhadas take a holy dip in Triveni Sangam on the auspicious occasion of #BasantPanchami. pic.twitter.com/4sC39rfDP7

— ANI (@ANI) February 2, 2025

05:01 AM, 03-Feb-2025

पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के एक संत ने बसंत पंचमी अमृत स्नान के महत्व पर बात की और व्यवस्थाओं के लिए प्रशासन की प्रशंसा की।
 

04:59 AM, 03-Feb-2025

महाकुंभ 2025: नागा साधु 'बसंत पंचमी' के अवसर पर 'अमृत स्नान' और त्रिवेणी संगम में भाग लेंगे।
 

04:39 AM, 03-Feb-2025

वसंत पंचमी पर अखाड़ों के अमृत स्नान की समय सारिणी

 
अखाड़ों का नाम
शिविर से प्रस्थान  
घाट पर आगमन  
स्नान का समय  
घाट से प्रस्थान
श्री पंचायत अखाड़ा महानिर्वाणी एवंश्री शंभू पंचायती अटल अखाड़ा 4:00 बजे 5:00 बजे 40 मिनट 5:40 बजे
श्री तपोनिधि पंचायती श्री निरंजनी अखाड़ा एवं श्री पंचायती अखाड़ा आनंद  
4:50 बजे 5:50 बजे 40 मिनट 6:30 बजे
श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा, श्री पंचदशनाम आवाहन अखाड़ा एवं श्री पंच अग्नि अखाड़ा 5:45 बजे 6:45 बजे 40 मिनट 7:25 बजे
निर्वाणी अनि अखाड़ा 8:25 बजे 9:25 बजे 30 मिनट 9:55 बजे
दिगंबर अनि अखाड़ा 9:05 बजे 10:05 बजे 50 मिनट 10:55 बजे
निर्मोही अनि अखाड़ा 10:05 बजे 11:05 बजे 30 मिनट 11:35 बजे
श्री पंचायती नया उदासीन अखाड़ा 11:00 बजे 12:00 बजे 55 मिनट 12:55 बजे
श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन निर्वाण 12:05 बजे
13:05 बजे  
60 मिनट 14:05 बजे
श्री पंचायत निर्मल अखाड़ा 13:25 बजे 14:25 बजे 40 मिनट 15:05 बजे

 

04:36 AM, 03-Feb-2025

अखिल भारतीय श्री पंच निर्वाणी अनी अखाड़े की समय सारणी  

बैरागी अखाड़ों के अंतर्गत, अखिल भारतीय श्री पंच निर्वाणी अनी अखाड़ा सुबह 08:25 बजे शिविर से रवाना होगा। घाट पर पहुंचने का समय 09:25 बजे है, और 30 मिनट के स्नान के बाद, यह 09:55 बजे घाट से लौटने के लिए प्रस्थान करेगा। यह अखाड़ा 10:55 बजे तक अपने शिविर में वापस लौट आएगा। 

इसी तरह, अखिल भारतीय श्री पंच दिगंबर अनी अखाड़ा सुबह 09:05 बजे शिविर से निकलेगा और 10:05 बजे घाट पर पहुंचेगा। स्नान के बाद, यह 10:55 बजे घाट से वापस लौटेगा और 11:55 बजे तक शिविर में पहुंच जाएगा। 

अखिल भारतीय श्री पंच निर्मोही अनी अखाड़ा सुबह 10:05 बजे शिविर से प्रस्थान करेगा और 11:05 बजे घाट पर पहुंचेगा। यह 11:35 बजे घाट से शिविर के लिए लौटेगा और दोपहर 12:35 बजे शिविर में वापस आ जाएगा।

04:27 AM, 03-Feb-2025

महाकुंभ के तीसरे अमृत स्नान के नियम: Mahakumbh Basant Panchami 3rd Amrit Snan Rules

  • महाकुंभ के दौरान पवित्र संगम में स्नान करते समय कुछ विशेष नियमों का पालन करना आवश्यक है।
  • महाकुंभ में सबसे पहले नागा साधु स्नान करते हैं, इसके बाद गृहस्थ जीवन जीने वाले लोगों को स्नान करने की अनुमति होती है।
  • स्नान करते समय पांच डुबकियां अवश्य लगानी चाहिए और मंत्रों का जाप करना चाहिए, तभी स्नान को पूर्ण माना जाता है।
  • स्नान के दौरान साबुन या शैंपू का उपयोग न करें, क्योंकि इसे पवित्र जल को अशुद्ध करने वाला माना जाता है।

04:21 AM, 03-Feb-2025

वसंत पंचमी पर अमृत स्नान का महत्व
वसंत पंचमी के अवसर पर अमृत स्नान का विशेष महत्व है। महाकुंभ में अमृत स्नान को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसकी तिथियां ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति के आधार पर निर्धारित की जाती हैं।  वसंत पंचमी पर अमृत स्नान करने से मां सरस्वती का आशीर्वाद प्राप्त होता है, जिससे जीवन में सुख, समृद्धि और शांति का संचार होता है। इसके साथ ही, यह सभी पापों से मुक्ति का भी मार्ग प्रशस्त करता है।

04:20 AM, 03-Feb-2025

श्री तपोनिधि पंचायती श्री निरंजनी अखाड़ा का कार्यक्रम इस प्रकार है: 
श्री तपोनिधि पंचायती श्री निरंजनी अखाड़ा और श्री पंचायती अखाड़ा आनंद का शिविर से प्रस्थान समय सुबह 04:50 बजे निर्धारित किया गया है। घाट पर इनका आगमन सुबह 05:50 बजे होगा, जबकि घाट से प्रस्थान का समय सुबह 06:30 बजे और शिविर में पहुंचने का समय सुबह 07:30 बजे है। 

इसी प्रकार, श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा, श्री पंचदशनाम आवाहन अखाड़ा और श्री पंचाग्नि अखाड़ा का शिविर से प्रस्थान समय सुबह 05:45 बजे होगा। इनका घाट पर पहुंचने का समय सुबह 06:45 बजे है, घाट से वापस प्रस्थान का समय सुबह 07:25 बजे और शिविर में आने का समय सुबह 08:30 बजे है।
 

04:12 AM, 03-Feb-2025

कौन सा अखाड़ा कब करेगा स्नान?  
वसंत पंचमी स्नान के लिए अखाड़ों की पारंपरिक अमृत स्नान की संशोधित समय सारणी जारी की गई है। इसके अनुसार, संन्यासी अखाड़ों में श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी और श्री शंभू पंचायती अटल अखाड़ा के लिए शिविर से प्रस्थान का समय सुबह 04:00 बजे निर्धारित किया गया है। घाट पर इनका आगमन 05:00 बजे होगा। स्नान के लिए इन्हें 40 मिनट का समय दिया जाएगा। इसके बाद, घाट से प्रस्थान 05:40 बजे होगा और ये अखाड़े 06:40 बजे तक अपने शिविर में वापस पहुंच जाएंगे।

04:00 AM, 03-Feb-2025

सुबह चार बजे से निकलेगी यात्रा
प्रयागराज महाकुंभ नगर में जोनल प्लान सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता तरीके से लागू कियया गया है। इसी में से एक अखाड़ों के अमृत स्नान के समय में बदलाव के रूप में सामने आया है। मकर संक्रांति पर महानिर्वाणी और अटल अखाड़ा सुबह 5:15 बजे शिविर से निकला था। वहीं, इस बार अखाड़ों की संगम यात्रा सुबह 4:00 बजे ही शिविर से निकलेगी। सुबह 5:40 बजे तक स्नान पूरा कर लेगा। वहीं, वसंत पंचमी अमृत स्नान को लेकर आस्था का सैलाब उमड़ रहा है।

03:59 AM, 03-Feb-2025

महाकुंभ के तीसरे अमृत स्नान का शुभ मुहूर्त:Mahakumbh 3rd Amrit snan Shubh Muhurat
हिंदू पंचांग के अनुसार, इस वर्ष वसंत पंचमी की तिथि 2 फरवरी को सुबह 9:14 बजे शुरू हुई और 3 फरवरी को सुबह 6:52 बजे समाप्त होगी। इस दौरान महाकुंभ का तीसरा अमृत स्नान का ब्रह्म मुहूर्त 5:23 बजे से 6:16 बजे तक रहेगा। इस समय पवित्र संगम में स्नान करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। इसके बाद भी श्रद्धालु पवित्र संगम में स्नान कर सकते हैं।

Maha Kumbh Mela 2025: महाकुंभ का अगला अमृत स्नान आज, जानें महत्व
 

05:36 PM, 02-Feb-2025

वसंत पंचमी पर कल होगा आखिरी अमृत स्नान
महाकुंभ 2025 का तीसरा और अंतिम अमृत स्नान सोमवार को होना है। इसको लेकर सभी अखाड़ों ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। अखाड़ों में रथ और पालकी को सजाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। सभी महामंडलेश्वर इस स्नान में शामिल होंगे। तय किए गए समय पर ही अखाड़ों का अमृत स्नान होगा। वसंत पंचमी पर सुबह चार बजे से अखाड़ों का शिविर से प्रस्थान शुरू हो जाएगा।

Maha Kumbh Mela 2025: कब होगा महाकुंभ का अगला अमृत स्नान? यहां जानें तिथि और महत्व

05:16 PM, 02-Feb-2025

वसंत पंचमी पर इन चीजों का करें दान
ज्ञान की देवी को खुश करने के लिए इस खास दिन पर कुछ चीजों का दान भी करना चाहिए। वसंत पंचमी पर पढ़ाई-लिखाई से जुड़ीं चीजें दान करनी चाहिए। इससे किसी भी व्यक्ति के करियर में काफी उन्नति प्राप्त होती है। जरूरतमंद बच्चों को पेंसिल, किताबें और पेन दान में देना शुभ माना जाता है।

04:59 PM, 02-Feb-2025

वसंत पंचमी पर माता सरस्वती को प्रसन्न कैसे करें
माता सरस्वती को पीले चंदन का टीका लगाएं और उसी चंदन को अपने मस्तक पर लगाकर मां सरस्वती का आशीर्वाद प्राप्त करना चाहिए। इसके बाद मां सरस्वती को पीले रंग की मिठाई और पीले रंग के फलों का भोग लगाना चाहिए। साथ ही पान या सुपारी चढ़ानी चाहिए। अंत में मां सरस्वती की सच्ची श्रद्धा से आराधना करें और उनके मंत्रों का जाप करें।

04:58 PM, 02-Feb-2025

सरस्वती गायत्री मंत्र
'ॐ वागदैव्यै च विद्महे कामराजाय धीमहि।

04:46 PM, 02-Feb-2025

वसंत पंचमी पर शुरू करें नया काम
वसंत पंचमी के दिन नया काम शुरू करना होता है बेहद शुभमाना जाता है कि, बसंत पंचमी के दिन कोई भी नया काम शुरू किया जाए तो सफलता निश्चित होती है। जिन लोगों को उनके गृह प्रवेश के लिए शुभ मुहूर्त नहीं मिल रहा होता है वह बसंत पंचमी के दिन गृह प्रवेश कर सकते हैं। इसके अलावा अगर कोई व्यक्ति नया व्यवसाय शुरू करने का विचार कर रहा हो तो उसके लिए भी बसंत पंचमी का दिन बेहद ही सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।

04:31 PM, 02-Feb-2025

वसंत पंचमी पर क्या करें 
  • बसंत पंचमी के दिन पवित्र नदी में स्नान जरूर करना चाहिए।
  • इस दिन माता सरस्वती की विधि विधान पूजा करनी चाहिए।
  • माता के मंत्रों का जाप जरूर करना चाहिए।
  • बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती को हल्दी अवश्य अर्पित करें।
  • इस दिन मां सरस्वती को खीर का भोग अवश्य लगाएं।
  • इस दिन मां सरस्वती को कलम अवश्य अर्पित करते हैं और उसी कलम से अपना जरूरी काम करें।

04:15 PM, 02-Feb-2025

सरस्वती वन्दना 
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता।
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना॥
या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता।
सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥१॥
शुक्लां ब्रह्मविचार सार परमामाद्यां जगद्व्यापिनीं।
वीणा-पुस्तक-धारिणीमभयदां जाड्यान्धकारापहाम्॥
हस्ते स्फटिकमालिकां विदधतीं पद्मासने संस्थिताम्।
वन्दे तां परमेश्वरीं भगवतीं बुद्धिप्रदां शारदाम्॥२॥

04:11 PM, 02-Feb-2025

छात्रों को वसंत पंचमी पर क्या करना चाहिए
  • जिन बच्चों का मन पढ़ाई  में नहीं लग रहा है वह वसंत पंचमी की सुबह पूजा कक्ष में एक पवित्र सरस्वती यंत्र स्थापित करें । पूजा में सफेद चंदन और पीले फूल अर्पित करें। ग्यारह बार 'ओम ह्रीं ह्रीं ह्रीं सरस्वतीये नमः' मंत्र का जाप करते हुए धूप और दीप जलाएं।
  • वसंत पंचमी के दौरान बच्चों को पुस्तकें वितरित करना भी लाभकारी माना जाता है। यह कार्य न केवल स्मरण शक्ति को बढ़ाता है बल्कि युवा मन में आध्यात्म के प्रति रुचि भी बढ़ाता है।

03:57 PM, 02-Feb-2025

वसंत पंचमी पर क्यों की जाती है देवी सरस्वती की पूजा?
यह कहा जाता है कि मां सरस्वती का जन्म बसंत पंचमी के दिन हुआ था, इसलिए हर वर्ष इस दिन उनकी विधिपूर्वक पूजा की जाती है। लोग इस अवसर पर विद्या, कला, संगीत और बुद्धि के वरदान के लिए मां सरस्वती की पूजा और अनुष्ठान करते हैं। सरस्वती मां को ज्ञान, बुद्धि, विवेक और कला-संगीत की जननी माना जाता है। मां सरस्वती की पूजा करने से बुद्धि में वृद्धि होती है और विवेक जागृत होता है। उनकी विधिपूर्वक पूजा से व्यक्ति को समाज में कला और संगीत के माध्यम से मान-सम्मान प्राप्त होता है।

03:39 PM, 02-Feb-2025

सरस्वती पूजा पर क्या भोग लगाएं 
बसंत पंचमी पर आज मां सरस्वती को लड्डू, मीठे चावल,केलर, बेर आदि जैस भोग लगा सकते हैं। 

03:29 PM, 02-Feb-2025

मां सरस्वती के कई नाम
सरस्वती को वागीश्वरी, भगवती, शारदा, वीणावादिनी, हंसवाहिनी, और बाग्देवी सहित अनेक नामों से पूजा जाता है। 

03:14 PM, 02-Feb-2025

वसंत पंचमी पर अबूझ मुहूर्त
ज्योतिष के अनुसार, वसंत पंचमी का दिन अबूझ मुहूर्त माना जाता है। इस दिन पूरे समय दोषरहित योगों का निर्माण होता है, जो विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों के लिए अत्यंत उपयुक्त होते हैं। इस दिन आप नए कार्यों की शुरुआत, शादी, मुंडन संस्कार, गृह प्रवेश, भूमि पूजन, और विद्यारंभ संस्कार जैसे महत्वपूर्ण कार्य कर सकते हैं।

वसंत पंचमी पर बिना मुहूर्त के कर सकते हैं ये शुभ काम

02:59 PM, 02-Feb-2025
Happy Basant Panchami 2025 - फोटो : अमर उजाला

पीले पीले सरसों के फूल, पीली उड़े पतंग,
रंग बरसे पीला और छाये सरसों सी उमंग।
आपके जीवन में रहे सदा वसंत के रंग।
वसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं

02:39 PM, 02-Feb-2025
Happy Basant Panchami 2025 - फोटो : अमर उजाला

वसंत पंचमी पर इन संदेशों से दें शुभकामनाएं

लेकर मौसम की बहार,
आया वसंत ऋतु का त्योहार,
दिल में भर के उमंग और प्यार,
आओ मिलकर मनाएं वसंत पंचमी का त्योहार।
वसंत पंचमी की शुभकामनाएं

02:19 PM, 02-Feb-2025

देवी सरस्वती की कृपा पाने के लिए करें ये काम
  • वसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती की विधि विधान पूजा करनी चाहिए।
  • माता के मंत्रों का जाप जरूर करना चाहिए।
  • इस दिन मां सरस्वती को हल्दी अवश्य अर्पित करें।
  • वसंत पंचमी पर मां सरस्वती को खीर का भोग अवश्य लगाएं।
  • इस दिन मां सरस्वती को कलम अवश्य अर्पित करते हैं।

02:00 PM, 02-Feb-2025

वसंत पंचमी पूजा विधि

  • वसंत पंचमी के दिन पूजा के लिए पूजा स्थान पर एक चौकी लगाएं।
  • अब उसपर पीला साफ वस्त्र बिछाएं।
  • माता सरस्वती की मूर्ति स्थापित करें।
  • देवी को पीले रंग के वस्त्र, फूल, रोली, केसर और हल्दी व चंदन अर्पित करें।
  • मिठाई का भोग लगाएं और दीया जलाएं।
  • मां सरस्वती के मंत्रों का जाप करें।
  • अब आरती करके प्रसाद वितरित कर दें।

01:37 PM, 02-Feb-2025

वसंत पंचमी पर करें वास्तु उपाय
  • ज्योतिष-शास्त्र के अनुसार, कई बार घर में वास्तु-दोष होने के कारण विद्यार्थी को शिक्षा में उचित परिणाम नहीं मिलते हैं। ऐसे में उन्हें वसंत पंचमी के दिन से ही पूर्व, उत्तर या पूर्वोत्तर के दिशा में पढ़ाई करना चाहिए। इस दिशा को ध्यान एवं शांति का केंद्र भी माना जाता है। इस दिशा में पढ़ाई करने से विद्यार्थी का मन एवं मस्तिष्क एकाग्रचित रहता है। 
  • जिन छात्रों को पढ़ाई में कई प्रकार के समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है या वह एकाग्रता से नहीं पढ़ पा रहे हैं, उन्हें वसंत पंचमी के दिन ‘ॐ ऐं सरस्वत्यै ऐं नमः’ मंत्र का जाप अवश्य करना चाहिए। इस बात का ध्यान रखें कि मंत्र का जाप स्वच्छ आसन पर बैठकर और पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके ही किया जाए।
  • ‘वसंत पंचमी’ के दिन छोटे बच्चे का हाथ पकड़कर काले रंग की स्लेट पर कुछ न कुछ जरूर लिखवाना चाहिए। दरअसल, इस क्रिया को ‘अक्षराम्भ’ कहते हैं। ऐसा करने से पढ़ाई के क्षेत्र में बच्चा शिक्षा के क्षेत्र में अच्छा करेगा।

01:21 PM, 02-Feb-2025

वसंत पंचमी की पूजा का महत्व
वसंत पंचमी पर शिक्षा और संगीत से जुड़े लोग मां सरस्वती की पूजा करते हैं। वे ज्ञान की देवी से बुद्धि और विद्या की कामना करते हैं। यह त्योहार पूरे देश में मनाया जाता है। शिक्षक और छात्र दोनों ही इस दिन सरस्वती पूजा में शामिल होते हैं। वसंत पंचमी का त्योहार ज्ञान और कला की देवी, मां सरस्वती को समर्पित है। इस दिन लोग विधि-विधान से उनकी पूजा-अर्चना करते हैं। मां सरस्वती से ज्ञान और बुद्धि की वृद्धि के लिए प्रार्थना की जाती है। 

12:57 PM, 02-Feb-2025

तुला राशि
तुला राशि के जातकों को वसंत पंचमी के दिन ब्राह्मण को सफेद कपड़े दान करने चाहिए। 
वृश्चिक राशि
वसंत पंचमी पर आप माता सरस्वती को श्वेत रेशमी कपड़ा अर्पित करें। 
मकर राशि
मकर राशि के लोग सफेद रंग का अनाज दान करें। 
कुंभ राशि
कुंभ राशि के लोगों को वसंत पंचमी के दिन शिक्षा से जुड़ी चीजों का दान करना चाहिए।
मीन राशि
इस राशि के लोगों को छोटी कन्याओं में पीले रंग के वस्त्र दान करने चाहिए। 

12:38 PM, 02-Feb-2025

वसंत पंचमी पर राशि के अनुसार करें उपाय

मेष राशि
मेष राशि के लोग सफेद रंग के वस्त्र धारण करें, इसके बाद सरस्वती मां की पूजा करते हुए 'सरस्वती कवच' का पाठ करें। 
वृषभ राशि
इस राशि के लोग वसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती को सफेद चंदन लगाएं, साथ ही पूजा में फूल अर्पित करें।
मिथुन राशि
इस राशि के लोगों को सरस्वती पूजा में माता को हरे रंग का पेन अर्पित करना चाहिए। फिर बाद में इसी कलम से अपने कार्यों को पूरा करें, इससे लेखन से जुड़ी समस्याएं समाप्त होती हैं।
कर्क राशि
वसंत पंचमी के दिन कर्क राशि के लोगों को मां सरस्वती को खीर का भोग लगाना चाहिए। 
सिंह राशि
आप वसंत पंचमी की पूजा के दौरान माता को केसरिया रंग की कलम अर्पित करें। 
कन्या राशि
वसंत पंचमी के दिन इस राशि के जातकों को किताबों का दान करना चाहिए।

12:28 PM, 02-Feb-2025

ज्ञान वृद्धि के लिए मंत्र
सरस्वति महाभागे विद्ये कमललोचने। विद्यारूपे विशालाक्षि विद्यां देहि नमोस्तुते॥
इसका जाप ज्ञान वृद्धि और मन की एकाग्रता को बढ़ाने में सहायक होता है।

सरस्वती विद्या मंत्र
सरस्वती नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणि। विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु मे सदा॥

12:08 PM, 02-Feb-2025

वसंत पंचमी पर अभिजीत मुहूर्त
पंचांग के मुताबिक 2 फरवरी को वसंत पंचमी के दिन सूर्य मकर राशि में रहेगें। इस दौरान अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:13 से 12:56 मिनट तक रहेगा। अमृतकाल रात 20:24 से 21:53 मिनट तक है।

11:58 AM, 02-Feb-2025

मां सरस्वती का स्वरूप
देवी सरस्वती का स्वरूप अत्यंत दिव्य और सौम्य बताया गया है। वे सफेद वस्त्र धारण करती हैं, जो ज्ञान और पवित्रता का प्रतीक है। उनके चार हाथ होते हैं, जिनमें एक हाथ में वीणा, दूसरे में पुस्तक, तीसरे में माला और चौथा हाथ वरद मुद्रा में होता है।
वीणा – संगीत और कला का प्रतीक
पुस्तक – ज्ञान और विद्या का प्रतीक
अक्षमाला – ध्यान और तप का प्रतीक
वरद मुद्रा – भक्तों को आशीर्वाद देने का संकेत

Basant Panchami 2025: वसंत पंचमी पर मां सरस्वती को लगाएं इन चार चीजों का भोग

11:36 AM, 02-Feb-2025

मां सरस्वती को लगाएं इन चीजों का भोग
वसंत पंचमी के शुभ दिन पर ज्ञान की देवी मां सरस्वती को मीठे चावल का भोग लगाएं। आप चावल को मीठा बनाने के लिए इसमें गुड़ का उपयोग भी कर सकते हैं, इससे देवी प्रसन्न होती हैं। इसके अलावा उन्हें केसर भात, बेसन के लड्डू, पीली मिठाई और फलों का भोग भी लगा सकते हैं।

11:20 AM, 02-Feb-2025

वसंत पंचमी को किन-किन नामों से जाना जाता है ?
हर साल भारत में वसंत पंचमी को बड़े धूमधाम से मनाया जाता है, इस दिन ज्ञान और संगीत की देवी माता सरस्वती की पूजा का विधान है। इसे श्री पंचमी, सरस्वती पंचमी, वसंत पंचमी और सरस्वती पूजा के नाम से भी जाना जाता है।
Basant Panchami 2025 Wishes: वसंत पंचमी के शुभ अवसर पर दोस्तों और रिश्तेदारों को इन संदेशों से दें शुभकामनाएं

11:01 AM, 02-Feb-2025

मां सरस्वती का प्रिय फल
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां सरस्वती का प्रिय फल बेर है, इसलिए वसंत पंचमी की पूजा में इस फल को जरूर शमिल करें।

10:39 AM, 02-Feb-2025

वसंत पंचमी पर ऐसे करें माता सरस्वती को प्रसन्न 
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माता सरस्वती को प्रसन्न करने के लिए उन्हें पीले चंदन का टीका लगाएं। फिर उसी चंदन को अपने मस्तक पर लगाकर मां सरस्वती का आशीर्वाद लें। अब देवी को पीले रंग की मिठाई और कुछ फलों का भोग लगाएं। इस दौरान पान और सुपारी भी चढ़ानी चाहिए। अंत में मां सरस्वती के मंत्रों का जाप करें।

10:27 AM, 02-Feb-2025

मां सरस्वती के मंत्र 
  • ॐ सरस्वती मया दृष्ट्वा, वीणा पुस्तक धारणीम्। हंस वाहिनी समायुक्ता मां विद्या दान करोतु में ॐ।
  • सरस्वती नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणि। विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु मे सदा॥
  • ॐ अर्हं मुख कमल वासिनी पापात्म क्षयम् कारी वद वद वाग्वादिनी सरस्वती ऐं ह्रीं नमः स्वाहा।
  • सरस्वति महाभागे विद्ये कमललोचने। विद्यारूपे विशालाक्षि विद्यां देहि नमोस्तुते॥
  • या देवी सर्वभूतेषु विद्या-रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

10:00 AM, 02-Feb-2025

विद्यार्थियों के लिए खास है वसंत पंचमी 
विद्यार्थियों के लिए वसंत पंचमी का विशेष महत्व है। इस दिन विद्यार्थी और बच्चे पूरे मन और श्रद्धा से सरस्वती मां की पूजा करते हैं और करियर में सफलता पाने की इच्छा जाहिर करते हैं। इस वसंत पंचमी के दिन बच्चों को अलग तरीके से सरस्वती मां की पूजा करनी चाहिए। उन्हें मोदक, फूल, मीठे चावल और पीले रंग के फूल अर्पित करने चाहिए। इस तरह से पूजा कर के पढ़ाई में आ रही परेशानियों से जल्द ही छुटकारा मिल जाता है।

09:35 AM, 02-Feb-2025

वसंत पंचमी पर इन चीजों का करें दान
ज्ञान की देवी को खुश करने के लिए इस खास दिन पर कुछ चीजों का दान भी करना चाहिए। वसंत पंचमी पर पढ़ाई-लिखाई से जुड़ीं चीजें दान करनी चाहिए। इससे करियर में उन्नति प्राप्त होती हैं। धार्मिक ग्रंथों में जरूरतमंद बच्चों को पेंसिल, किताबें और पेन दान में देना शुभ माना जाता है।

09:15 AM, 02-Feb-2025

वसंत पंचमी पर पीले रंग का महत्व
वसंत पंचमी पर पीले रंग को अत्यंत शुभ और सौभाग्यशाली माना जाता है। यह रंग देवी सरस्वती का प्रिय माना गया है जो ज्ञान, ऊर्जा, उत्साह, तेजस्विता एवं सकारात्मकता का प्रतीक है। इस दिन विशेष रूप से पीले वस्त्र धारण करने, पीले पुष्प अर्पित करने और पीले रंग के भोजन का सेवन करने की परंपरा है। मान्यता है कि पीला रंग नई फसल का प्रतीक है और इस दिन से 'वसंत ऋतु' की शुरुआत भी होती है। इस दौरान जगह-जगह रंग-बिरंगे फूल, खेतों में सरसों की पीली फसलें लहलहाने लगती हैं, इसलिए वसंत पंचमी के शुभ अवसर पर पीले रंग के वस्त्र धारण किए जाते हैं। इसके अलावा, पीला रंग समृद्धि और ज्ञान का भी प्रतीक है। मान्यता है कि पीले वस्त्र धारण करने से आत्मिक शुद्धता बढ़ती है और मन शांत रहता है। यह रंग धार्मिक, आध्यात्मिक और प्राकृतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है।

09:01 AM, 02-Feb-2025

मां सरस्वती के नामों का करें जाप
वसंत पंचमी के दिन आप माता सरस्वती के इन नामों का जाप कर सकते हैं, भारती, सरस्वती, शारदा, हंसवाहिनी, ब्राह्मी, गायत्री, वागेश्वरी, वाणिश्वरी, बुद्धिदात्री, सिद्धिदात्री।

08:45 AM, 02-Feb-2025

वसंत पंचमी के दिन क्या न करें
  • वसंत पंचमी के दिन काले रंग के वस्त्र धारण न करें। 
  • इस दिन पेड़-पौधों को बिल्कुल भी नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए।
  • वसंत पंचमी पर बिना स्नान के पूजा, जप, तप न करें।
  • इस दिन भूलकर भी तामसिक चीजों का सेवन न करें।

08:29 AM, 02-Feb-2025

सरस्वती वंदना
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता।
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना॥
या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता।
सा माम् पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥1॥

शुक्लाम् ब्रह्मविचार सार परमाम् आद्यां जगद्व्यापिनीम्।
वीणा-पुस्तक-धारिणीमभयदां जाड्यान्धकारापहाम्॥
हस्ते स्फटिकमालिकाम् विदधतीम् पद्मासने संस्थिताम्।
वन्दे ताम् परमेश्वरीम् भगवतीम् बुद्धिप्रदाम् शारदाम्॥2॥

08:17 AM, 02-Feb-2025

वसंत पंचमी पर क्या करें
 
  • वसंत पंचमी के दिन देवी सरस्वती की विधि विधान से पूजा करें। पूजा के दौरान सभी को पीला टीका लगाएं। ऐसा करने से जीवन में मानसिक शांति बनी रहती हैं।  
  • ज्योतिषियों के अनुसार मां सरस्वती को पीला रंग अत्यंत ही प्रिय है, इसलिए उन्हें वसंत पंचमी पर पीले रंग के पुष्प, पीली हल्दी, पीली मिठाई, पीले फल अर्पित करें। ऐसा करने पर पढ़ाई में आ रही मुश्किलें समाप्त हो सकती हैं।
  • इस दिन मां सरस्वती को केसर का हलवा बनाकर भोग लगाएं। ऐसा करने पर वह प्रसन्न होती हैं।
  • वसंत पंचमी के शुभ दिन पर माता सरस्वती की पूजा के दौरान अपनी पढ़ाई-लिखाई से जुड़ी चीजों की भी पूजा करें। ऐसा करने पर करियर में मनचाहे परिणामों के योग बनते हैं।

08:04 AM, 02-Feb-2025

क्यों मनाया जाता है वसंत पंचमी का पर्व ?
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को देवी सरस्वती का जन्म हुआ था। इसी उपलक्ष्य में हर वर्ष वसंत पंचमी मनाई जाती है। देवी सरस्वती को विद्या, कला और बुद्धि की देवी के रूप में पूजा जाता है। इस दिन की पूजा-अर्चना से ज्ञान, कला और संगीत का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसके साथ ही यह पर्व नई फसल और प्रकृति के बदलाव का उत्सव भी है। इस मौसम में सरसों के पीले फूल, आम के पेड़ों पर नई बौर, और गुलाबी ठंड पूरे वातावरण को आनंदमय बना देती है। यह समय न केवल मनुष्य बल्कि पशु-पक्षियों में भी नई ऊर्जा का संचार करता है।

07:51 AM, 02-Feb-2025

विद्यार्थियों के लिए उपाय

  • वसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की विधिनुसार पूजा करें, इस दौरान उन्हें पीले रंग का फल अर्पित करें। मान्यता है कि इस उपाय को करने से परीक्षा में मनचाहे परिणामों की प्राप्ति हो सकती हैं।
  • ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार वसंत पंचमी के दिन देवी सरस्वती के इस मंत्र का माला के साथ 108 बार जप करें। ऐसा करने पर शिक्षा से जुड़ी सभी समस्याएं समाप्त हो सकती हैं। मंत्र है - 'ॐ ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं सरस्वत्यै नमः।' 
  • बार-बार परीक्षा देने के बावजूद भी मनचाहे परिणामों की प्राप्ति न होने के कारण व्यक्ति मानसिक तनाव से घिरा रहता है। ऐसे में आप वसंत पंचमी के शुभ दिन पर सरस्वती माता की पूजा करें। पूजा के दौरान आप अपनी कॉपी, किताब, पेन पेंसिल आदि का भी पूजन करें। इसके बाद किताब, कॉपी, पेंसिल आदि पढ़ाई-लिखाई वाली चीजों का दान भी करें। इस उपाय को करने से नौकरी और परीक्षा में शुभ परिणाम मिल सकते हैं।
Basant Panchami 2025: वसंत पंचमी पर विद्यार्थी करें ये एक काम, करियर में मिल सकते हैं मनचाहे परिणाम

07:11 AM, 02-Feb-2025

सरस्वती आरती
जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता।
सद्गुण, वैभवशालिनि, त्रिभुवन विख्याता ।।जय..।।

चन्द्रवदनि, पद्मासिनि द्युति मंगलकारी।
सोहे हंस-सवारी, अतुल तेजधारी।। जय.।।

बायें कर में वीणा, दूजे कर माला।
शीश मुकुट-मणि सोहे, गले मोतियन माला ।।जय..।।

देव शरण में आये, उनका उद्धार किया।
पैठि मंथरा दासी, असुर-संहार किया।।जय..।।

वेद-ज्ञान-प्रदायिनी, बुद्धि-प्रकाश करो।।
मोहज्ञान तिमिर का सत्वर नाश करो।।जय..।।

धूप-दीप-फल-मेवा-पूजा स्वीकार करो।
ज्ञान-चक्षु दे माता, सब गुण-ज्ञान भरो।।जय..।।

माँ सरस्वती की आरती, जो कोई जन गावे।
हितकारी, सुखकारी ज्ञान-भक्ति पावे।।जय..।।

06:49 AM, 02-Feb-2025

वसंत पंचमी पूजा विधि
  • वसंत पंचमी की पूजा के लिए सबसे पहले स्नान कर लें।
  • इसके बाद पीले रंग के वस्त्रों को धारण करें।
  • अब एक चौकी पर पीला साफ वस्त्र बिछाकर माता सरस्वती की मूर्ति स्थापित कर लें।
  • माता को पीले रंग के वस्त्र, फूल, रोली, केसर, हल्दी, चंदन और अक्षत अर्पित करते जाएं।
  • अब देवी को मिठाई का भोग लगाएं।
  • घी का दीया जलाएं।
  • सरस्वती माता के मंत्रों का जाप करें।
  • अब हाथों में दीपक लेकर देवी की आरती करना शुरू करें।
  • अब प्रसाद वितरित कर दें।

06:32 AM, 02-Feb-2025

सरस्वती पूजा की सामग्री
वसंत पंचमी पर सरस्वती पूजा के लिए सामग्री में आप मां शारदा की तस्वीर, गणेश जी की मूर्ति और चौकी व पीला वस्त्र शामिल करें। इसके अलावा पीले रंग की साड़ी, माला, पीले रंग का गुलाल, रोली, एक कलश, सुपारी, पान का पत्ता, अगरबत्ती, आम के पत्ते और धूप व गाय का घी भी शामिल करें। वहीं कपूर, दीपक, हल्दी, तुलसी पत्ता, रक्षा सूत्र, भोग के लिए मालपुआ, खीर, बेसन के लड्डू और चंदन, अक्षत, दूर्वा, गंगाजल रखना न भूलें।

06:14 AM, 02-Feb-2025

वसंत पंचमी 2025 शुभ योग
इस साल 2 फरवरी 2025 को वसंत पंचमी के दिन उत्तराभाद्रपद नक्षत्र का निर्माण हो रहा है, जिसपर शिव और सिद्ध योग का संयोग है। इस तिथि पर सूर्य मकर राशि में रहेगें। इस दौरान अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:13 से 12:56 मिनट तक रहेगा। अमृतकाल रात 20:24 से 21:53 मिनट तक है।

05:57 AM, 02-Feb-2025

सरस्वती पूजा मुहूर्त
पंचांग के अनुसार इस साल 2 फरवरी 2025 को वसंत पंचमी के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 7 बजकर 9 मिनट से शुरू होगा, जो दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। 

05:30 AM, 02-Feb-2025

Basant Panchami Amrit Snan: महाकुंभ का वसंत पंचमी अमृत स्नान जारी, जानें कब होंगे महाकुंभ के अगले स्नान

Basant Panchami 2025: हिंदू धर्म में सरस्वती माता को संगीत की देवी कहा जाता है, उनकी पूजा से व्यक्ति के ज्ञान, कला, वाणी और बुद्धि का विकास होता है। कहा जाता है कि यदि सच्चे प्रेम भाव से स्वर की देवी सरस्वती की उपासना की जाए, तो करियर में मनचाहे परिणामों की प्राप्ति होती हैं। लेकिन विशेष कृपा पाने के लिए वसंत पंचमी का दिन सबसे शुभ माना गया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार वंसत पंचमी पर ब्रह्मा जी ने अपने कमंडल से जल छिड़ककर सरस्वती माता को उत्पन्न किया था, इसलिए इस तिथि पर उनकी पूजा करने से वह प्रसन्न होती हैं, जिससे साधक की सभी समस्याएं भी समाप्त होती हैं।

इस साल 2 फरवरी 2025 रविवार के दिन वसंत पंचमी मनाई जा रही है, भारत में इसे 'सरस्वती पूजा' के नाम से भी जाना जाता है। इस पर्व की खास रौनक बनारस के घाट और पतंगों से भरे गुजरात में देखने को मिलती हैं, यहां सभी धार्मिक स्थानों पर सरस्वती पूजन का भव्य आयोजन किया जाता है। वहीं ज्योतिषियों की मानें तो इस बार वसंत पंचमी पर उत्तराभाद्रपद नक्षत्र और शिव सिद्ध योग का निर्माण हो रहा है। ये योग पूजन के लिए बेहद कल्याणकारी है। ऐसे में आइए इस दिन की पूजा विधि और महत्व के बारे में विस्तार से जानते हैं....

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